
मध्यप्रदेश के मंदसौर शहर में स्थित तलाई वाले बालाजी मंदिर एक प्राचीन और अत्यंत प्रसिद्ध हनुमान मंदिर है। यह स्थान अपनी दिव्यता, शांति और चमत्कारों के कारण पूरे क्षेत्र में जाना जाता है। यहाँ आने वाले भक्त बताते हैं कि मंदिर का वातावरण अत्यंत शांत, पवित्र और आत्मिक ऊर्जा से भरा हुआ है।
तेलिया तालाब, मंदसौर (Teliya Talab, Mandsaur)
इतिहास (History)
तलाई वाले बालाजी की प्रतिमा लगभग 700 वर्ष पुरानी मानी जाती है।
प्रारंभ में यह प्रतिमा एक विशाल वटवृक्ष के नीचे स्थापित थी, और उसके पास एक छोटी तलाई (तालाब) थी — इसी वजह से इसे तलाई वाले बालाजी कहा जाता है।
1964 में मंदिर का ट्रस्ट बना और विकास की शुरुआत हुई।
1995 के बाद मंदिर का भव्य 85 फीट ऊँचा शिखर और गर्भगृह का निर्माण किया गया।
सदियों से यह स्थान साधु–संतों की साधना और आराधना का केंद्र माना जाता रहा है।
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मंदिर में स्थित देवता और विशेषताएँ (Deities & Special Features)

मुख्य देवता श्री हनुमान (बालाजी महाराज) हैं।
यह प्रतिमा स्वयंभू और चमत्कारी मानी जाती है।
मंदिर परिसर में श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण, गणेश आदि के भी छोटे मंदिर हैं।
भक्तों का विश्वास है कि यहाँ आने से मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं और संकट दूर होते हैं।
आरती, पूजा और भजन (Aarti, Worship & Bhajans)
मंदिर 24 घंटे खुला रहता है और किसी भी समय दर्शन किए जा सकते हैं।
मुख्य शाम की आरती लगभग 7:30 PM पर होती है।
सुंदरकाण्ड पाठ, भजन, कीर्तन, हनुमान चालीसा और विशेष अनुष्ठान नियमित रूप से आयोजित होते हैं।
त्योहारों और विशेष दिनों पर भव्य पूजा, हवन और कार्यक्रम भी होते हैं।
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उत्सव और विशेष कार्यक्रम (Festivals & Special Events)
यहाँ चोला चढ़ाने की परंपरा अत्यंत लोकप्रिय है।
चोला चढ़ाने के लिए भक्त कई वर्षों पहले बुकिंग कराते हैं, क्योंकि प्रतीक्षा सूची 20–25 वर्ष तक पहुँच जाती है।
मंगलवार और शनिवार मंदिर के सबसे व्यस्त दिन होते हैं।
हनुमान जयंती, दीपावली और अन्य त्योहारों पर भव्य सजावट और विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
मंदिर का समय और पता (Temple Timings & Address)
खुलने का समय: 24 घंटे
शाम की आरती: लगभग 7:30 PM
पूरा पता: Dashpur Kunj Road, Kalakhet, Mandsaur, Madhya Pradesh 458001
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मंदिर तक कैसे पहुँचें (How to Reach the Temple)
रेल द्वारा (By Train)
मंदसौर रेलवे स्टेशन सबसे नजदीक है।
स्टेशन से मंदिर की दूरी लगभग 0.5 से 1 किलोमीटर है।
ऑटो और ई–रिक्शा से लगभग 5 मिनट में पहुँचा जा सकता है।
सड़क मार्ग (By Road)
मंदसौर शहर सभी बड़े शहरों से सड़क मार्ग द्वारा अच्छी तरह से जुड़ा है।
कार, बस या टैक्सी से Dashpur Kunj Road, Kalakhet पहुँचकर मंदिर आसानी से मिल जाता है।
स्थानीय परिवहन (Local Transport)
शहर के किसी भी हिस्से से ऑटो उपलब्ध हैं, जिससे मंदिर पहुँचना आसान है।
ठहरने और भोजन (Stay & Food)
मंदिर के आसपास होटल, लॉज और भोजनालय उपलब्ध हैं।
मंदसौर का स्थानीय भोजन सरल और स्वादिष्ट है।
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मंदिर के पास घूमने लायक स्थान (Nearby Tourist Spots)
मंदसौर का पुराना ऐतिहासिक शहर
स्थानीय बाज़ार और स्ट्रीट फूड
शहर के अन्य मंदिर
प्राकृतिक स्थल और तालाब
मंदिर जाने का सबसे अच्छा समय (Best Time to Visit)
सुबह का समय बेहद शांत और सुखद होता है।
शाम की आरती का समय आध्यात्मिक अनुभव के लिए सर्वोत्तम है।
मंगलवार और शनिवार विशेष पूजा के कारण अधिक भीड़भाड़ वाले दिन होते हैं।
त्योहारों के समय मंदिर का माहौल अत्यंत आकर्षक और भव्य हो जाता है।
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निष्कर्ष (Conclusion)
तलाई वाले बालाजी मंदिर केवल एक पूजा स्थल नहीं, बल्कि आस्था, इतिहास और चमत्कारों का संगम है।
यहाँ आने वाला हर भक्त एक अद्भुत शांति और दिव्यता का अनुभव करता है।
यदि आप मंदसौर की यात्रा कर रहे हैं, तो इस मंदिर के दर्शन अवश्य करें।




