ॐ ह्रीं श्रीं क्रीं श्रीं कुबेराय अष्ट-लक्ष्मी मम गृहे धनं पुरय पुरय नमः॥
यदा यदा हि धर्मस्य श्लोक (Yada Yada hi Dharmasya Sloka)
यह मंत्र भगवान कुबेर और माता अष्ट-लक्ष्मी को समर्पित है। कुबेर धन के देवता हैं और अष्ट-लक्ष्मी समृद्धि और सौभाग्य की प्रतीक हैं। इस मंत्र का नियमित जाप जीवन में आर्थिक समृद्धि, सफलता और खुशहाली लाने के लिए किया जाता है। यह मंत्र साधक के जीवन में धन, संपत्ति और सुख-सुविधाओं को आकर्षित करने में सहायक होता है।
ॐ नमो हनुमते भय भंजनाय मंत्र (Om Namo Hanumate Bhaybhanjanaya Mantra)
मंत्र का महत्त्व और लाभ:
- यह मंत्र वित्तीय समस्याओं को दूर करता है और आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाता है।
- इस मंत्र के जाप से घर में धन, ऐश्वर्य और शांति का वास होता है।
- यह मंत्र व्यक्ति की सभी मनोकामनाओं को पूर्ण करने में सहायक होता है।
- जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और सौभाग्य को आकर्षित करता है।
जाप की विधि:
- जाप प्रारंभ करने से पहले स्वच्छ स्नान कर लें और शांत मन से भगवान कुबेर और अष्ट-लक्ष्मी का ध्यान करें।
- एक साफ और पवित्र स्थान पर उत्तर या पूर्व दिशा की ओर मुख करके बैठें।
- पीले या सफेद वस्त्र धारण करें।
- भगवान कुबेर और माता लक्ष्मी की प्रतिमा या चित्र के सामने दीपक जलाएं।
- कमल के फूल या गुलाब के फूल अर्पित करें।
- रुद्राक्ष या चंदन की माला से इस मंत्र का जाप करें।
ॐ नमो भगवते रुद्राय नमः मंत्र (Om Namo Bhagavate Rudraya Namah’)
जाप की अवधि:
- इस मंत्र का 41 दिनों तक लगातार जाप करें।
- प्रतिदिन कम से कम 11 माला (एक माला में 108 बार मंत्र) का जाप करें।
- जाप के समय मन को शांत रखें और धन प्राप्ति की भावना के साथ ध्यान केंद्रित करें।
विशेष ध्यान: इस मंत्र का जाप करते समय सच्चे मन और श्रद्धा का होना अति आवश्यक है। यह मंत्र केवल धन और भौतिक सुखों को ही नहीं बल्कि मानसिक शांति और आत्मिक संतोष भी प्रदान करता है।
कनकधारा स्तोत्र (Kanakdhara stotra)
यह मंत्र विशेष रूप से उन लोगों के लिए उपयुक्त है जो आर्थिक परेशानियों का सामना कर रहे हैं या अपनी वित्तीय स्थिति को सुधारना चाहते हैं।
शिवाय विष्णु रूपाय – शिव विष्णु श्लोका (Shivaaya Vishnu Roopaaya – Shiv Vishnu Shloka)


