
मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के तुरसी गांव में स्थित देवरानी दाई मंदिर एक प्राचीन शक्ति‑स्थल है जहाँ आस्था और प्राकृतिक सुंदरता का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। यह मंदिर घटामाली नदी के तट पर स्थित है, जिससे प्राकृतिक वातावरण और भक्ति दोनों का अनुभव एक साथ होता है।
स्थापना एवं पौराणिक कथा (History & Legend)
देवरानी दाई मंदिर से जुड़ी प्रसिद्ध कथा यह है कि एक समय यहाँ घटामाली नदी के कुंड में एक महिला गिर गई थी, और उसी दौरान उसकी सोने की नथ पहने एक मछली दिखाई दी। इसी घटना के कारण यह देवी और स्थान देवरानी दाई के नाम से प्रसिद्ध हो गया।
स्थानीय लोग मानते हैं कि देवी की कृपा से यहाँ पशु भी जल्दी मिल जाते हैं।
तुरसी गांव से जुड़े क्षेत्र में हर साल कार्तिक पूर्णिमा से मेले का शुभारम्भ होता है, जहाँ दूर‑दराज से श्रद्धालु आते हैं।
मंदिर की वास्तुकला (Temple Architecture)

मंदिर पारंपरिक देहाती रूप में बना हुआ है, जहाँ देवी की मूर्ति मुख्य गर्भगृह में स्थापित है। नदी के किनारे प्राकृतिक वातावरण मंदिर के आध्यात्मिक अनुभव को और गहरा करता है। मंदिर भवन बहुत विशाल नहीं है, लेकिन इसकी प्राकृतिक पृष्ठभूमि — नदी, झरने और हरियाली — इसे अत्यंत आकर्षक बनाती है।
मंदिर की विशेषताएँ (Highlights)
- घटामाली नदी के किनारे स्थित — प्राकृतिक सुंदरता शानदार।
- देवी की चमत्कारिक आस्था — इच्छाओं की पूर्ति सम्बन्धी लोकमान्यताएँ।
- कार्तिक पूर्णिमा पर मेला — भक्ति, तंबू, खान‑पान और ग्रामीण उत्सव।
- झरने और जंगल के बीच स्थित — ट्रेकिंग और प्रकृति प्रेमियों के लिए आदर्श।
परशुराम वाटिका — एक पावन तीर्थ स्थल (Parshuram Vatika — A Sacred Pilgrimage Site)
मंदिर के अंदर देवी‑देवता (Deities inside the temple)
मंदिर मुख्य रूप से देवरानी दाई (शक्ति स्वरूप माँ) को समर्पित है।
यहाँ कुछ छोटे‑छोटे स्थानिक देवता भी हो सकते हैं, जैसा कि गाँव के स्थानीय विश्वास और पूजा‑पद्धति में मिलता है।
पूजा‑आरती और भजन (Aarti & Bhajan Rituals)
मंदिर सुबह‑शाम भक्तों के लिए खुला रहता है।
भक्तगण आरती, भजन‑कीर्तन और दीपदान करते हैं। फूल, कर्पूर, नारियल, अक्षत आदि चढ़ाना आम है।
त्यौहार और आयोजन (Festivals & Events)
- कार्तिक पूर्णिमा मेला — मुख्य भक्ति‑भरा मेला।
- स्थानिक धार्मिक उत्सव — स्थानीय स्तर पर देवी का पूजन और विशेष पूजा‑पाठ।
जुन्नारदेव विशाला – पहली पारी, छिंदवाड़ा (Junnardeo Vishala – Pehli Payri, Chhindwara)
मंदिर का समय (Temple Timings)
सालभर मंदिर सुबह से शाम तक भक्तों के लिए खुला रहता है। आमतौर पर सुबह 6:00 बजे से शाम तक।
मंदिर का पता (Address)
देवरानी दाई मंदिर
तुरसी ग्राम, छिंदवाड़ा जिला,
मध्य प्रदेश — 480557, भारत
यात्रा‑मार्ग (Travel Guide)
हवाई मार्ग
सबसे नज़दीकी हवाई अड्डा नागपुर (Nagpur Airport) है। वहाँ से छिंदवाड़ा तक सड़क या रेल से पहुँचना होता है, फिर तुरसी गांव।
रेल मार्ग
छिंदवाड़ा रेलवे स्टेशन सबसे लोकप्रिय स्टेशन है। वहाँ से टैक्सी / बस / बाइक से तुरसी तक पहुँचना आसान है।
सड़क मार्ग
छिंदवाड़ा से पचमढ़ी की ओर 25 किमी चलने के बाद अनखाबाडी से दाईं ओर मुड़ते हुए तुरसी का रास्ता है। वहाँ से पैदल या वाहन से मंदिर पहुँचा जा सकता है।
सुभाष पार्क (छोटा तालाब), छिंदवाड़ा (Subhash Park – Chhota Talab, Chhindwara)
मंदिर के आस‑पास घूमने लायक स्थल (Nearby Places)
- देवरानी दाई झरना और नदी — प्रकृति के बीच घूमना व ताज़गी।
- छिंदवाड़ा शहर — स्थानीय बाजार और अन्य पर्यटन।
- पचमढ़ी हिल स्टेशन — प्रकृति प्रेमियों के लिए अच्छा स्थल।
मंदिर दर्शन के उपयोगी सुझाव (Tips for Visitors)
- फूल‑माला और दीप स्वयं ले जाएँ।
- कार्तिक पूर्णिमा या शरदीय नवरात्र में भीड़ होती है — पहले से योजना बनाएं।
- जंगल और नदी तट का रास्ता सुंदर है, लेकिन सुरक्षित वाहन और जूते पहनकर जाएँ।
एकता पार्क छिंदवाड़ा (Ekta Park Chhindwara)
देवरानी दाई मंदिर, तुरसी, छिंदवाड़ा की तस्वीरें (Images of Devrani Dai Temple, Tursi, Chhindwara)




निष्कर्ष (Conclusion)
देवरानी दाई मंदिर एक आस्था‑घटित, प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर और लोक‑पौराणिकता से जुड़ा धार्मिक स्थल है। यहाँ भक्ति‑भाव, गाँव‑संस्कृति और नदी‑झरने का आनंद मिलता है — यह तीर्थ‑स्थल न सिर्फ धार्मिक लोगों के लिए, बल्कि प्रकृति‑प्रेमियों और यात्रा‑शौकीनों के लिए भी एक अनुपम अनुभव देता है।
हनुमान मंदिर, सिमरिया, छिंदवाड़ा (Siddheshwar Hanuman Temple, Simariya, Chhindwara)


