
मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के जुन्नारदेव क्षेत्र में स्थित विशाला की पहली पारी एक प्राचीन और अत्यंत पवित्र शिव तीर्थ स्थल है। यह स्थान प्राकृतिक सौंदर्य, घने जंगलों और पहाड़ियों के बीच स्थित होने के कारण श्रद्धालुओं के साथ-साथ प्रकृति प्रेमियों को भी आकर्षित करता है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार यह चौरागढ़ महादेव यात्रा की पहली आध्यात्मिक सीढ़ी मानी जाती है, इसी कारण इसे “पहली पारी” कहा जाता है।
यह स्थान शांत वातावरण, निर्मल हवा और शिवभक्ति से ओत-प्रोत माहौल के कारण ध्यान, साधना और आत्मिक शांति के लिए विशेष माना जाता है।
नागद्वारी यात्रा, छिंदवाड़ा (Nagdwari Yatra, Chhindwara)
स्थापना (Establishment)
पहली पारी शिव मंदिर की स्थापना का कोई लिखित ऐतिहासिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है, लेकिन स्थानीय पुजारियों और जनश्रुतियों के अनुसार यह मंदिर कई सौ वर्षों से अस्तित्व में है। यहाँ पीढ़ी दर पीढ़ी भगवान शिव की पूजा होती आ रही है और आज भी पारंपरिक विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है।
इतिहास (History)

मान्यता है कि भगवान शिव चौरागढ़ की ओर जाते समय इस स्थान पर रुके थे। इसी कारण से चौरागढ़ यात्रा की शुरुआत पहली पारी से मानी जाती है।
एक लोककथा के अनुसार भस्मासुर से बचते समय भगवान शिव इस क्षेत्र से होकर गुज़रे थे और उन्होंने यहाँ विश्राम किया था। तभी से यह स्थान अत्यंत पवित्र माना जाने लगा।
इस मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहाँ शिवलिंग पर एक प्राकृतिक जलधारा निरंतर बहती रहती है। यह जलधारा वर्षों से कभी सूखी नहीं, जिसे श्रद्धालु चमत्कारी मानते हैं।
अर्धनारीश्वर महादेव मंदिर, मोहगांव (छिंदवाड़ा) — भक्ति का अद्भुत केंद्र
वास्तुकला (Architecture)
पहली पारी मंदिर की वास्तुकला अत्यंत सरल और प्राकृतिक है। यह मंदिर पहाड़ी ढलान पर स्थित है और आसपास की प्राकृतिक चट्टानों व जंगलों के साथ सामंजस्य बनाकर निर्मित किया गया है।
मंदिर के गर्भगृह में शिवलिंग स्थापित है, जिस पर ऊपर से प्राकृतिक जल स्वयं गिरता रहता है। मंदिर परिसर में किसी प्रकार की भव्य सजावट नहीं है, लेकिन इसकी सादगी ही इसकी सबसे बड़ी सुंदरता है।
विशेषताएँ (Key Features)
यहाँ शिवलिंग पर स्वतः जलाभिषेक होता है।
मंदिर चारों ओर से हरियाली और पहाड़ियों से घिरा है।
चौरागढ़ महादेव यात्रा का प्रारंभिक स्थल माना जाता है।
ध्यान और साधना के लिए अत्यंत शांत वातावरण उपलब्ध है।
सावन और महाशिवरात्रि में विशेष धार्मिक महत्व रहता है।
मंदिर में स्थित देवी-देवता (Deities in the Temple)
मंदिर के गर्भगृह में भगवान शिव विराजमान हैं।
परिसर में नंदी महाराज की प्रतिमा स्थित है।
स्थानीय आस्था के अनुसार शिव के विभिन्न स्वरूपों की पूजा की जाती है।
मंदिर परिसर में देखने योग्य स्थान (Places to See Inside the Temple)
प्राकृतिक जलधारा और छोटा कुंड
घने जंगलों के बीच से गुजरते पैदल मार्ग
शांत ध्यान स्थल
प्राकृतिक चट्टानें और पहाड़ी दृश्य
यह स्थान प्राकृतिक फोटोग्राफी और आध्यात्मिक अनुभव दोनों के लिए उपयुक्त है।
आरती और भजन (Aarti and Bhajans)
मंदिर में प्रतिदिन प्रातःकाल भगवान शिव का जलाभिषेक किया जाता है।
सुबह और शाम नियमित आरती होती है।
सावन मास और महाशिवरात्रि पर विशेष भजन-कीर्तन और जागरण आयोजित किए जाते हैं।
मंदिर में होने वाले त्यौहार और कार्यक्रम (Festivals and Events)
महाशिवरात्रि यहाँ का सबसे बड़ा पर्व है।
सावन सोमवार के दिन विशेष पूजा होती है।
कार्तिक पूर्णिमा और मकर संक्रांति पर श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ जाती है।
इन अवसरों पर दूर-दूर से भक्त दर्शन के लिए आते हैं।
मंदिर का समय (Temple Timings)
सुबह लगभग 5:30 बजे से 12:00 बजे तक
शाम लगभग 4:30 बजे से 8:00 बजे तक
त्योहारों के समय मंदिर अधिक देर तक खुला रहता है।
आसपास देखने योग्य स्थान (Nearby Attractions)
चौरागढ़ महादेव
पातालकोट घाटी
तामिया हिल स्टेशन
सिमरिया हनुमान मंदिर
हिंगलाज माता मंदिर
इन सभी स्थानों को मिलाकर एक धार्मिक और प्राकृतिक पर्यटन यात्रा की जा सकती है।
हनुमान मंदिर, सिमरिया, छिंदवाड़ा
ध्यान देने योग्य बातें (Important Guidelines)
मंदिर परिसर में शांति बनाए रखें।
जंगल क्षेत्र होने के कारण सावधानी रखें।
बरसात के मौसम में रास्ते फिसलन भरे हो सकते हैं।
स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें।
मंदिर का पूरा पता (Complete Address)
पहली पारी शिव मंदिर ग्राम – जुन्नारदेव विशाला तहसील – जुन्नारदेव
जिला – छिंदवाड़ा राज्य – मध्य प्रदेश, भारत
पूरा ट्रैवल गाइड (Complete Travel Guide)
रेल मार्ग से आने वाले श्रद्धालु जुन्नारदेव रेलवे स्टेशन तक पहुँच सकते हैं, जहाँ से टैक्सी या स्थानीय साधनों द्वारा मंदिर पहुँचा जा सकता है।
सड़क मार्ग से छिंदवाड़ा से जुन्नारदेव के लिए नियमित बसें और टैक्सी उपलब्ध हैं।
हवाई मार्ग से आने पर निकटतम हवाई अड्डा नागपुर है, जहाँ से सड़क मार्ग द्वारा जुन्नारदेव पहुँचा जा सकता है।
जुन्नारदेव विशाला की छवियाँ – पहली पारी, छिंदवाड़ा (Images of Junnardeo Vishala – Pehli Payri, Chhindwara)



निष्कर्ष (Conclusion)
जुन्नारदेव विशाला की पहली पारी शिव मंदिर आस्था, प्रकृति और प्राचीन परंपराओं का सुंदर संगम है। यह स्थान न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि मानसिक शांति और आध्यात्मिक अनुभव के लिए भी अत्यंत उपयुक्त है। छिंदवाड़ा की यात्रा में इस पवित्र स्थल के दर्शन अवश्य करने चाहिए।
देवगढ़ किला, छिंदवाड़ा (Deogarh Fort / Devgarh Fort, Chhindwara)


