
मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले से लगभग 4 किलोमीटर दक्षिण की ओर स्थित सौधनी गाँव में बना विजय स्तंभ भारत की प्राचीन शौर्यगाथा का एक अद्वितीय प्रतीक है। यह लगभग 1500 साल पुराना स्मारक न केवल कला का उत्कृष्ट नमूना है, बल्कि यह भारतीय इतिहास में एक महत्वपूर्ण विजय की कहानी भी समेटे हुए है। शांत वातावरण, पौराणिक स्पर्श और प्राचीनता की सुंदर खुशबू इस स्थल को बेहद रोचक और रोमांचक बनाती है।
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इतिहास (History)

विजय स्तंभ का निर्माण 6वीं सदी ईस्वी में राजा यशोधर्मन ने करवाया था। यशोधर्मन उन भारतीय राजाओं में से एक थे जिन्होंने उत्तरी भारत में तब आतंक फैलाने वाले हूण आक्रमणकारी मिहिरकुल को हराकर भारतीय भूभाग को पुनः स्वतंत्र कराया।
इस विजय के उपलक्ष्य में सौधनी में अत्यंत सुंदर और ऊँचे पत्थर के दो स्तंभ स्थापित किए गए। इन स्तंभों पर संस्कृत-लिपि में खुदे शिलालेख यशोधर्मन की शक्ति, उनकी भूमि के विस्तार और उस दौर की राजनीतिक स्थिति की स्पष्ट झलक प्रस्तुत करते हैं।
पुरातत्वविदों का मानना है कि यह क्षेत्र कभी एक बड़े मंदिर या सांस्कृतिक परिसर का हिस्सा रहा था। बाद में पुरातात्विक उत्खनन में कई प्राचीन मूर्तियाँ और शिल्पकृतियाँ भी मिलीं, जो इसकी ऐतिहासिक महत्ता को और मजबूत करती हैं।
विशेषताएँ (Special Features)
- स्तंभ लगभग 40 फीट ऊँचे बताए जाते हैं।
- दोनों स्तंभों पर अत्यंत सुंदर और प्राचीन संस्कृत शिलालेख खुदे हुए हैं।
- ये स्तंभ अपने मूल स्थान पर ही सुरक्षित हैं, जिन्हें कभी स्थानांतरित नहीं किया गया।
- प्राचीन भारतीय स्थापत्य, कला, धार्मिक झुकाव और युगीन इंजीनियरिंग का जीवंत उदाहरण।
- यह क्षेत्र अभी भी शांत, प्राकृतिक और अपेक्षाकृत कम भीड़-भाड़ वाला है, जिससे अनुभव और भी आनंददायक हो जाता है।
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टाइमिंग (Timings)
यह स्थल एक खुला ऐतिहासिक स्थान है। आमतौर पर लोग सुबह से शाम तक कभी भी यहाँ जा सकते हैं।
स्थानीय लोग इसे दिन के प्रकाश में देखने की सलाह देते हैं ताकि शिलालेख और नक्काशी स्पष्ट दिखाई दें।
एंट्री फ़ीस (Entry Fee)
यहाँ प्रवेश पूरी तरह नि:शुल्क है। किसी प्रकार के टिकट की आवश्यकता नहीं होती।
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यहाँ तक कैसे पहुँचे (How to Reach)
सड़क मार्ग
मंदसौर जिले के मुख्य शहर से दक्षिण दिशा में केवल 4 किलोमीटर दूर है।
ऑटो, टैक्सी या निजी वाहन से कुछ ही मिनटों में पहुँचा जा सकता है।
रेल मार्ग
सबसे नज़दीकी रेलवे स्टेशन मंदसौर रेलवे स्टेशन है। स्टेशन से सौधनी गाँव तक रोड मार्ग से पहुँचना होता है।
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हवाई मार्ग
सबसे नज़दीकी हवाईअड्डे:
- इंदौर एयरपोर्ट (लगभग 180–200 किमी)
- उदयपुर एयरपोर्ट (लगभग 160–170 किमी)
दोनों जगहों से सड़क या ट्रेन के माध्यम से मंदसौर पहुँचा जा सकता है।
यहाँ जाने का सही समय (Best Time to Visit)
- अक्टूबर से फरवरी तक का समय सबसे अच्छा माना जाता है।
- मानसून के बाद मौसम ठंडा एवं सुहावना होता है।
- गर्मियों में धूप कड़ी होती है, इसलिए सुबह या शाम का समय चुनना बेहतर रहेगा।
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पूरा पता (Full Address)
विजय स्तंभ, सौधनी गाँव,
मंदसौर जिला – मध्यप्रदेश,
पिनकोड: 458001
मंदसौर से सिर्फ 4 किलोमीटर दक्षिण दिशा में स्थित।
ध्यान देने योग्य बातें (Important Tips)
- यह एक प्राचीन स्मारक है, इसलिए स्तंभों को छूने, उन पर लिखने या किसी भी प्रकार से नुकसान पहुँचाने से बचें।
- आसपास बहुत अधिक सुविधाएँ नहीं हैं, इसलिए पानी, टोपी, स्नैक्स व अन्य आवश्यक चीजें साथ रखें।
- धूप में शिलालेख देखने में कठिनाई हो सकती है—सुबह या शाम बेहतर समय है।
- यदि आप फोटोग्राफी प्रेमी हैं, तो प्राकृतिक प्रकाश में अद्भुत तस्वीरें मिलेंगी।
- जगह शांत और कम भीड़ वाली है, इसलिए परिवार या दोस्तों के साथ शांति से घूमने के लिए उपयुक्त है।
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निष्कर्ष (Conclusion)
विजय स्तंभ सौधनी सिर्फ पत्थरों का बना स्मारक नहीं—यह भारतीय शौर्य, वीरता, संस्कृति और इतिहास की एक जीवंत गाथा है। यहाँ आकर ऐसा महसूस होता है मानो समय ठहर गया हो और 1500 साल पुराने युग का इतिहास आपकी आँखों के सामने घूम रहा हो। यदि आप मंदसौर आते हैं, तो विजय स्तंभ को अपनी यात्रा सूची में अवश्य शामिल करें।
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