
भोपाल शहर की खूबसूरती केवल इसकी झीलों और ऐतिहासिक इमारतों तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां मौजूद प्राकृतिक धरोहरें भी इस शहर को बेहद खास बनाती हैं। इन्हीं में से एक है वन विहार राष्ट्रीय उद्यान, जो भोपाल के बड़े तालाब के किनारे स्थित एक अद्भुत वन्यजीव उद्यान है। यह स्थान प्रकृति प्रेमियों, वन्यजीव फोटोग्राफरों, परिवारों और रोमांच पसंद लोगों के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं माना जाता। शहर के बीचोंबीच स्थित होने के बावजूद यहां पहुंचते ही ऐसा महसूस होता है जैसे आप किसी घने जंगल में प्रवेश कर चुके हों। चारों ओर फैली हरियाली, पक्षियों की आवाजें, शांत वातावरण और जंगली जानवरों की मौजूदगी इस स्थान को बेहद आकर्षक बनाती है।
वन विहार राष्ट्रीय उद्यान लगभग 4.45 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है और यह मध्यप्रदेश के सबसे प्रसिद्ध वन्यजीव पर्यटन स्थलों में गिना जाता है। यहां जानवरों को कृत्रिम पिंजरों में बंद रखने के बजाय प्राकृतिक वातावरण देने की कोशिश की गई है। यही कारण है कि यहां घूमते समय पर्यटकों को जंगल सफारी जैसा अनुभव होता है। इस उद्यान में बाघ, सफेद बाघ, शेर, तेंदुआ, भालू, मगरमच्छ, सांभर, चीतल, नीलगाय और कई प्रकार के पक्षी देखने को मिलते हैं।
सुबह के समय यहां का वातावरण बेहद मनमोहक हो जाता है। झील के ऊपर उड़ते पक्षी और पेड़ों के बीच से आती धूप किसी चित्रकारी जैसे दृश्य का एहसास कराती है। सर्दियों के मौसम में यहां प्रवासी पक्षियों की भी कई दुर्लभ प्रजातियां दिखाई देती हैं, जिससे यह स्थान बर्ड वॉचिंग के लिए भी प्रसिद्ध हो चुका है।
वन विहार केवल घूमने की जगह नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और वन्यजीव सुरक्षा का जीवंत उदाहरण भी है। यहां आने वाले लोगों को प्रकृति और वन्यजीवों के महत्व को करीब से समझने का अवसर मिलता है। अगर आप भोपाल की यात्रा पर हैं और शहर की भीड़-भाड़ से दूर कुछ समय प्रकृति के बीच बिताना चाहते हैं, तो वन विहार राष्ट्रीय उद्यान आपके लिए एक परफेक्ट डेस्टिनेशन साबित हो सकता है।
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वन विहार का इतिहास (History of Van Vihar National Park)

वन विहार राष्ट्रीय उद्यान का इतिहास भोपाल की प्राकृतिक विरासत और वन्यजीव संरक्षण से गहराई से जुड़ा हुआ है। इस उद्यान की स्थापना वर्ष 1979 में की गई थी और बाद में इसे राष्ट्रीय उद्यान का दर्जा प्रदान किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य वन्यजीव संरक्षण, पर्यावरण जागरूकता और प्राकृतिक पारिस्थितिकी को सुरक्षित रखना था। बड़े तालाब के किनारे स्थित यह क्षेत्र पहले प्राकृतिक जंगलों और वनस्पतियों से भरा हुआ था, जिसे बाद में एक व्यवस्थित राष्ट्रीय उद्यान के रूप में विकसित किया गया।
वन विहार की सबसे खास बात यह रही कि इसे पारंपरिक चिड़ियाघर की तरह विकसित नहीं किया गया। यहां जानवरों को प्राकृतिक वातावरण देने पर विशेष ध्यान दिया गया ताकि वे अपने स्वाभाविक व्यवहार के साथ रह सकें। यही वजह है कि यहां आने वाले लोगों को जंगल जैसा अनुभव होता है। समय के साथ यहां कई दुर्लभ और संकटग्रस्त वन्यजीवों को लाया गया। इनमें ऐसे जानवर भी शामिल थे जिन्हें शिकारियों, अवैध व्यापारियों या सर्कसों से बचाया गया था। इस कारण वन विहार एक महत्वपूर्ण रेस्क्यू और पुनर्वास केंद्र के रूप में भी प्रसिद्ध हुआ।
भोपाल गैस त्रासदी के बाद पर्यावरण संरक्षण की दिशा में शहर में कई पहल की गईं, जिनमें वन विहार की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही। यहां पर्यावरण शिक्षा कार्यक्रमों की शुरुआत की गई ताकि लोगों को जंगल और वन्यजीवों के महत्व के बारे में जागरूक किया जा सके। धीरे-धीरे यह स्थान केवल स्थानीय लोगों के लिए ही नहीं बल्कि पूरे भारत के पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया।
आज वन विहार राष्ट्रीय उद्यान मध्यप्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल है। यहां हर साल हजारों पर्यटक आते हैं और प्रकृति के करीब समय बिताते हैं। यह उद्यान केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी देता है। वन विहार का इतिहास इस बात का प्रमाण है कि यदि प्रकृति को सही तरीके से संरक्षित किया जाए, तो शहरों के बीच भी जंगलों और वन्यजीवों को सुरक्षित रखा जा सकता है।
वन विहार की प्रमुख विशेषताएँ (Major Features of Van Vihar)

वन विहार राष्ट्रीय उद्यान की सबसे बड़ी विशेषता इसका प्राकृतिक वातावरण है। यह सामान्य चिड़ियाघरों से बिल्कुल अलग अनुभव प्रदान करता है। यहां जानवरों को छोटे पिंजरों में बंद नहीं रखा गया, बल्कि उन्हें खुले और प्राकृतिक क्षेत्रों में रहने की सुविधा दी गई है। यही कारण है कि यहां घूमते समय पर्यटकों को किसी वास्तविक जंगल में होने का एहसास होता है। बड़े तालाब के किनारे स्थित होने के कारण यहां की प्राकृतिक सुंदरता और भी बढ़ जाती है।
यह उद्यान वन्यजीव संरक्षण का एक महत्वपूर्ण केंद्र भी माना जाता है। यहां कई ऐसे जानवर रखे गए हैं जिन्हें घायल अवस्था में बचाया गया था या अवैध शिकार और तस्करी से छुड़ाया गया था। वन विहार उन जानवरों को सुरक्षित जीवन प्रदान करता है जो जंगल में वापस नहीं छोड़े जा सकते। इस कारण यह स्थान केवल पर्यटन स्थल नहीं बल्कि वन्यजीवों के पुनर्वास केंद्र के रूप में भी प्रसिद्ध है।
वन विहार की एक और खास विशेषता यहां की जैव विविधता है। यहां टाइगर, सफेद बाघ, शेर, तेंदुआ, लकड़बग्घा, भालू, मगरमच्छ, सांभर, चीतल, नीलगाय और कई प्रकार के पक्षी पाए जाते हैं। सर्दियों में यहां प्रवासी पक्षियों की दुर्लभ प्रजातियां भी दिखाई देती हैं। बर्ड वॉचिंग के शौकीनों के लिए यह जगह किसी स्वर्ग से कम नहीं मानी जाती।
यहां घूमने के लिए पैदल रास्ते, साइकिल ट्रैक और वाहन मार्ग उपलब्ध हैं। कई लोग यहां सुबह की सैर और साइकिलिंग का आनंद लेने आते हैं। जंगल के बीच साइकिल चलाते हुए ठंडी हवा और पक्षियों की आवाजें एक अनोखा अनुभव देती हैं।
वन विहार फोटोग्राफी प्रेमियों के लिए भी बेहद खास है। यहां हर मोड़ पर प्राकृतिक दृश्य दिखाई देते हैं। सूर्योदय और सूर्यास्त के समय यहां की सुंदरता कई गुना बढ़ जाती है। बड़े तालाब का दृश्य और उसके पीछे फैली हरियाली पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देती है।
यह स्थान बच्चों और विद्यार्थियों के लिए भी शिक्षाप्रद है। यहां पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण से जुड़े कई कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। यही कारण है कि वन विहार राष्ट्रीय उद्यान भोपाल की सबसे खास प्राकृतिक धरोहरों में गिना जाता है।
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वन विहार में देखने लायक चीजें (Things to See Inside Van Vihar)
टाइगर सफारी क्षेत्र (Tiger Safari Area)
वन विहार का सबसे रोमांचक हिस्सा टाइगर सफारी क्षेत्र माना जाता है। यहां विशाल बाघों को प्राकृतिक वातावरण में घूमते हुए देखना एक अद्भुत अनुभव होता है। जब बाघ धीमी चाल में चलता है या अचानक दहाड़ता है, तो वहां मौजूद हर पर्यटक रोमांचित हो उठता है। सुबह के समय बाघों की गतिविधियां अधिक देखने को मिलती हैं, इसलिए इस क्षेत्र को देखने के लिए सुबह का समय सबसे अच्छा माना जाता है। फोटोग्राफी प्रेमियों के लिए यह जगह बेहद खास होती है।
सफेद बाघ क्षेत्र (White Tiger Zone)
सफेद बाघों की खूबसूरती हर किसी को आकर्षित करती है। इनकी चमकदार सफेद त्वचा और नीली आंखें पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देती हैं। भारत में बहुत कम स्थानों पर सफेद बाघ देखने को मिलते हैं, इसलिए वन विहार का यह हिस्सा खास महत्व रखता है। बच्चे और परिवार यहां सबसे ज्यादा समय बिताना पसंद करते हैं।
शेर एनक्लोजर (Lion Enclosure)
वन विहार में मौजूद शेरों का क्षेत्र भी काफी लोकप्रिय है। यहां शेरों को आराम करते, चलते और दहाड़ते हुए देखना बेहद रोमांचक लगता है। कई बार उनकी आवाज दूर तक सुनाई देती है, जिससे जंगल जैसा वास्तविक अनुभव मिलता है।
भालू क्षेत्र (Bear Zone)
भालुओं की मजेदार हरकतें बच्चों को बहुत आकर्षित करती हैं। यहां स्लॉथ भालू सहित कई प्रजातियों को देखा जा सकता है। पेड़ों के बीच घूमते भालू और उनका भोजन करने का तरीका लोगों के लिए दिलचस्प अनुभव बन जाता है।
मगरमच्छ पॉइंट (Crocodile Point)
बड़े तालाब के किनारे स्थित मगरमच्छ क्षेत्र काफी रोमांचक माना जाता है। यहां विशाल मगरमच्छ धूप सेंकते हुए दिखाई देते हैं। कभी-कभी वे अचानक पानी में छलांग लगा देते हैं, जिससे पर्यटक रोमांचित हो जाते हैं।
हिरण और सांभर क्षेत्र (Deer and Sambar Zone)
वन विहार के खुले क्षेत्रों में हिरण, सांभर और नीलगाय बड़ी संख्या में दिखाई देते हैं। जंगल के बीच इन्हें स्वतंत्र रूप से घूमते देखना प्रकृति प्रेमियों के लिए बेहद खास अनुभव होता है।
बर्ड वॉचिंग एरिया (Bird Watching Area)
यह क्षेत्र पक्षी प्रेमियों के लिए बेहद खास है। सर्दियों के मौसम में यहां कई प्रवासी पक्षी दिखाई देते हैं। सुबह के समय झील के किनारे पक्षियों की आवाजें वातावरण को और खूबसूरत बना देती हैं।
साइकिलिंग और नेचर ट्रेल (Cycling and Nature Trail)
वन विहार का लंबा साइकिल ट्रैक और पैदल चलने वाले प्राकृतिक रास्ते यहां की सबसे पसंदीदा गतिविधियों में शामिल हैं। जंगल के बीच साइकिल चलाना और ठंडी हवा का आनंद लेना पर्यटकों को बेहद सुकून देता है।
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वन विहार की टाइमिंग (Van Vihar Timing)
वन विहार की टाइमिंग मौसम के अनुसार बदलती रहती है।
16 फरवरी – 15 अप्रैल : सुबह 6:30 से शाम 6:30 तक
16 अप्रैल – 31 जुलाई : सुबह 6:00 से शाम 7:00 तक
1 अगस्त – 31 अक्टूबर : सुबह 6:30 से शाम 6:30 तक
1 नवंबर – 15 फरवरी : सुबह 6:30 से शाम 6:00 तक
हर शुक्रवार को यह पार्क बंद रहता है।
एंट्री टिकट (Entry Ticket)
पैदल प्रवेश : लगभग ₹25
साइकिल : लगभग ₹30
टू-व्हीलर : लगभग ₹80
ऑटो रिक्शा : लगभग ₹120
कार या जीप : लगभग ₹500
वन विहार के आसपास घूमने की जगहें (Nearby Places to Visit)
बड़ा तालाब / भोजताल (Upper Lake / Bhojtal)
वन विहार राष्ट्रीय उद्यान के ठीक सामने स्थित बड़ा तालाब भोपाल की सबसे खूबसूरत और प्रसिद्ध जगहों में से एक है। इसे भोजताल भी कहा जाता है और यह एशिया की सबसे पुरानी कृत्रिम झीलों में गिनी जाती है। इस झील का निर्माण राजा भोज द्वारा करवाया गया था और आज यह भोपाल की पहचान बन चुकी है। यहां सुबह और शाम के समय का दृश्य बेहद मनमोहक दिखाई देता है। झील के किनारे ठंडी हवा, शांत वातावरण और पानी पर पड़ती सूर्य की किरणें किसी प्राकृतिक चित्र जैसा अनुभव कराती हैं।
यहां पर्यटक बोटिंग का आनंद भी ले सकते हैं। स्पीड बोट, पैडल बोट और क्रूज बोट जैसी कई सुविधाएं उपलब्ध रहती हैं। शाम के समय झील के किनारे बैठकर सूर्यास्त देखना बेहद यादगार अनुभव माना जाता है। फोटोग्राफी प्रेमियों के लिए यह स्थान किसी स्वर्ग से कम नहीं है। सर्दियों में यहां कई प्रवासी पक्षी भी दिखाई देते हैं, जिससे यह जगह और अधिक आकर्षक बन जाती है।
भारत भवन (Bharat Bhavan)
वन विहार से कुछ ही दूरी पर स्थित भारत भवन भोपाल का प्रसिद्ध कला और सांस्कृतिक केंद्र है। यह स्थान साहित्य, संगीत, चित्रकला, नाटक और लोक कला का प्रमुख केंद्र माना जाता है। यहां देशभर के कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करते हैं। भवन की वास्तुकला भी बेहद आकर्षक है और इसका निर्माण बड़े तालाब के किनारे किया गया है, जिससे यहां का वातावरण और अधिक सुंदर दिखाई देता है।
भारत भवन में कई आर्ट गैलरी, पुस्तकालय और थिएटर हॉल मौजूद हैं। यहां समय-समय पर सांस्कृतिक कार्यक्रम, नाटक और संगीत समारोह आयोजित किए जाते हैं। कला और संस्कृति में रुचि रखने वाले लोगों के लिए यह स्थान बेहद खास माना जाता है। शाम के समय यहां का शांत वातावरण और तालाब का दृश्य लोगों को मंत्रमुग्ध कर देता है।
ताज-उल-मस्जिद (Taj-ul-Masajid)
ताज-उल-मस्जिद भारत की सबसे बड़ी मस्जिदों में से एक मानी जाती है और यह वन विहार के आसपास घूमने लायक सबसे प्रसिद्ध ऐतिहासिक स्थलों में शामिल है। इसकी विशाल गुलाबी इमारत, ऊंची मीनारें और खूबसूरत गुंबद पर्यटकों को दूर से ही आकर्षित करते हैं। इस मस्जिद का निर्माण भोपाल की बेगम शाहजहां ने शुरू करवाया था।
मस्जिद की वास्तुकला मुगल शैली से प्रभावित है और यहां की नक्काशी बेहद शानदार मानी जाती है। अंदर का विशाल प्रार्थना कक्ष और शांत वातावरण लोगों को आध्यात्मिक अनुभव कराता है। रमजान और ईद के समय यहां का माहौल और भी खूबसूरत हो जाता है। फोटोग्राफी और इतिहास में रुचि रखने वाले पर्यटकों के लिए यह स्थान बेहद खास है।
मध्यप्रदेश जनजातीय संग्रहालय (Madhya Pradesh Tribal Museum)
यह संग्रहालय भोपाल की सबसे अनोखी जगहों में से एक माना जाता है। यहां मध्यप्रदेश की जनजातीय संस्कृति, कला, परंपराओं और जीवनशैली को बेहद आकर्षक तरीके से प्रस्तुत किया गया है। संग्रहालय के अंदर प्रवेश करते ही ऐसा महसूस होता है जैसे आप आदिवासी दुनिया के बीच पहुंच गए हों।
यहां आदिवासी घरों की प्रतिकृतियां, पारंपरिक वस्त्र, संगीत वाद्य यंत्र और हस्तशिल्प प्रदर्शित किए गए हैं। संग्रहालय की दीवारों और हॉल में बनाई गई कलाकृतियां पर्यटकों को बेहद प्रभावित करती हैं। बच्चों और विद्यार्थियों के लिए यह स्थान शिक्षाप्रद भी माना जाता है। अगर आप मध्यप्रदेश की लोक संस्कृति को करीब से समझना चाहते हैं, तो यह जगह जरूर घूमनी चाहिए।
बिरला मंदिर (Birla Mandir)
भोपाल की ऊंची पहाड़ी पर स्थित बिरला मंदिर धार्मिक और पर्यटन दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। भगवान लक्ष्मी नारायण को समर्पित यह मंदिर सफेद पत्थरों से बना हुआ है और इसकी वास्तुकला बेहद सुंदर दिखाई देती है। मंदिर परिसर से पूरा भोपाल शहर और बड़ा तालाब साफ दिखाई देता है, जो यहां आने वाले लोगों को मंत्रमुग्ध कर देता है।
शाम के समय मंदिर का वातावरण बेहद शांत और आध्यात्मिक हो जाता है। यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक आते हैं। मंदिर के पास स्थित संग्रहालय में कई ऐतिहासिक मूर्तियां और पुरातात्विक वस्तुएं भी रखी गई हैं। यह स्थान धार्मिक शांति और प्राकृतिक सुंदरता का शानदार संगम माना जाता है।
शौकत महल (Shaukat Mahal)
शौकत महल भोपाल की सबसे अनोखी ऐतिहासिक इमारतों में से एक है। इसकी वास्तुकला भारतीय, इस्लामिक और यूरोपीय शैली का मिश्रण मानी जाती है। यह महल पुराने भोपाल क्षेत्र में स्थित है और अपनी अलग डिजाइन के कारण पर्यटकों को आकर्षित करता है।
महल की सुंदर मेहराबें, खिड़कियां और सजावट इसे खास बनाती हैं। इतिहास प्रेमियों और फोटोग्राफरों के लिए यह स्थान बेहद आकर्षक माना जाता है। रात के समय रोशनी में यह महल और भी खूबसूरत दिखाई देता है।
गौहर महल (Gauhar Mahal)
गौहर महल भोपाल की बेगमों की ऐतिहासिक विरासत का शानदार उदाहरण माना जाता है। इसका निर्माण कुदसिया बेगम द्वारा करवाया गया था। यह महल हिंदू और मुगल वास्तुकला का सुंदर मिश्रण प्रस्तुत करता है।
महल के अंदर की नक्काशी और आंगन बेहद आकर्षक हैं। यहां समय-समय पर हस्तशिल्प मेले और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं। इतिहास और संस्कृति में रुचि रखने वाले पर्यटकों के लिए यह जगह बेहद खास मानी जाती है।
क्षेत्रीय विज्ञान केंद्र (Regional Science Centre)
यह स्थान बच्चों और विज्ञान प्रेमियों के लिए बेहद रोचक माना जाता है। यहां विज्ञान से जुड़े कई इंटरैक्टिव मॉडल और प्रयोग देखने को मिलते हैं। बच्चे यहां खेल-खेल में विज्ञान को समझ सकते हैं।
विज्ञान केंद्र में अंतरिक्ष, ऊर्जा, रोबोटिक्स और तकनीक से जुड़े कई रोचक प्रदर्शन लगाए गए हैं। यहां का 3D शो और विज्ञान प्रयोग बच्चों को बेहद पसंद आते हैं। परिवार के साथ घूमने के लिए यह एक शानदार जगह मानी जाती है।
ध्यान देने योग्य बातें (Important Things to Remember)
वन विहार राष्ट्रीय उद्यान घूमते समय कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बेहद आवश्यक है, ताकि आपकी यात्रा सुरक्षित और यादगार बन सके। यह केवल पर्यटन स्थल नहीं बल्कि संरक्षित वन्यजीव क्षेत्र है, इसलिए यहां नियमों का पालन करना हर पर्यटक की जिम्मेदारी होती है।
सुबह का समय यहां घूमने के लिए सबसे अच्छा माना जाता है क्योंकि उस समय मौसम ठंडा रहता है और जानवर अधिक सक्रिय दिखाई देते हैं। गर्मियों में दोपहर के समय ज्यादा गर्मी हो सकती है, इसलिए सुबह जल्दी पहुंचना बेहतर रहता है।
घूमने के दौरान आरामदायक कपड़े और स्पोर्ट्स जूते पहनें। गर्मी में टोपी, सनग्लासेस और पानी की बोतल साथ रखना उपयोगी रहता है। सर्दियों में हल्का गर्म कपड़ा भी साथ रखें।
वन विहार में प्लास्टिक फैलाना और गंदगी करना प्रतिबंधित है। कूड़ा हमेशा डस्टबिन में डालें और प्राकृतिक वातावरण को साफ रखने में सहयोग करें।
जानवरों को खाना खिलाना या उनके बहुत करीब जाना सख्त मना है। सुरक्षा दूरी बनाए रखें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
अगर आप फोटोग्राफी के शौकीन हैं, तो कैमरा और दूरबीन साथ ले जा सकते हैं। यहां बर्ड वॉचिंग और वाइल्डलाइफ फोटोग्राफी का शानदार अनुभव मिलता है।
साइकिलिंग यहां की सबसे लोकप्रिय गतिविधियों में से एक है। जंगल के बीच साइकिल चलाना बेहद रोमांचक अनुभव देता है, लेकिन सावधानी से साइकिल चलाना जरूरी है।
बच्चों के साथ यात्रा कर रहे लोगों को विशेष ध्यान रखना चाहिए। बच्चों को अकेला न छोड़ें और उन्हें जानवरों के पास जाने से रोकें।
बरसात में यहां की हरियाली बहुत सुंदर दिखती है, लेकिन रास्ते फिसलन भरे हो सकते हैं। वहीं सर्दियों का मौसम वन विहार घूमने के लिए सबसे अच्छा माना जाता है क्योंकि उस समय मौसम सुहावना रहता है और प्रवासी पक्षी भी देखने को मिलते हैं।
पूरा पता (Full Address)
Van Vihar National Park
Bhadbhada Road, Shymala Hills
Bhopal – 462003
Madhya Pradesh, India
वन विहार कैसे पहुँचे (How to Reach Van Vihar)
हवाई मार्ग (By Air)
निकटतम हवाई अड्डा Raja Bhoj Airport है, जो वन विहार से लगभग 10 किलोमीटर दूर स्थित है।
रेल मार्ग (By Train)
निकटतम रेलवे स्टेशन Bhopal Junction railway station है, जो यहाँ से लगभग 8 किलोमीटर दूर है।
समसगढ़ किला, भोपाल (Samasgarh Fort, Bhopal)
सड़क मार्ग (By Road)
भोपाल शहर के किसी भी हिस्से से टैक्सी, ऑटो या बस द्वारा आसानी से वन विहार पहुँचा जा सकता है।
भोपाल के वन विहार राष्ट्रीय उद्यान की तस्वीरें (Images of Van Vihar National Park, Bhopal)





वन विहार घूमने का सही समय (Best Time to Visit Van Vihar)
वन विहार घूमने का सबसे अच्छा समय अक्टूबर से मार्च के बीच माना जाता है। इस दौरान मौसम सुहावना रहता है और जानवरों को देखने की संभावना भी अधिक होती है।


