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tourist places in india in Hindi भोपाल के प्रमुख पर्यटन स्थल – झीलों की नगरी की खूबसूरत सैर (Top Tourist Places in Bhopal)

समसगढ़ किला, भोपाल (Samasgarh Fort, Bhopal)

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भोपाल शहर अपनी झीलों, हरियाली और ऐतिहासिक धरोहरों के लिए पूरे देश में प्रसिद्ध है, लेकिन इन्हीं प्रसिद्ध स्थानों के बीच एक ऐसी जगह भी छिपी हुई है जिसके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। यह जगह है समसगढ़ किला, जो इतिहास, रहस्य, प्राकृतिक सुंदरता और रोमांच का अनोखा संगम प्रस्तुत करता है। शहर की भीड़भाड़ और आधुनिक जीवन से दूर स्थित यह किला उन लोगों के लिए किसी खजाने से कम नहीं है जो शांत वातावरण में इतिहास को महसूस करना चाहते हैं।

समसगढ़ किला भोपाल के बाहरी क्षेत्र की पहाड़ियों और हरियाली के बीच स्थित है। यहां पहुंचते ही ऐसा लगता है मानो समय कई सौ साल पीछे लौट गया हो। किले की टूटी हुई दीवारें, पुराने पत्थर, प्राकृतिक रास्ते और आसपास का शांत वातावरण इस जगह को बेहद आकर्षक बनाते हैं। यह स्थान उन पर्यटकों के लिए खास है जो भीड़भाड़ वाले पर्यटन स्थलों की बजाय किसी अनोखी और रहस्यमयी जगह की तलाश करते हैं।

बरसात और सर्दियों के मौसम में यह किला और भी खूबसूरत दिखाई देता है। चारों ओर फैली हरियाली, ठंडी हवाएं और पहाड़ियों के दृश्य यहां आने वाले हर व्यक्ति को मंत्रमुग्ध कर देते हैं। यही कारण है कि पिछले कुछ वर्षों में यह जगह ट्रैकिंग, एडवेंचर और फोटोग्राफी पसंद करने वाले युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है।

समसगढ़ किले की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां इतिहास और प्रकृति दोनों का अनुभव एक साथ होता है। यहां आने वाले लोग केवल किला देखने नहीं आते, बल्कि वे यहां शांति, रोमांच और प्राकृतिक सुंदरता का अनुभव करने भी पहुंचते हैं। यदि आप भोपाल घूमने की योजना बना रहे हैं और किसी ऐसी जगह की तलाश में हैं जहां इतिहास के साथ-साथ एडवेंचर का भी आनंद मिले, तो समसगढ़ किला आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकता है।

यह क्षेत्र लंबे समय तक लोगों की नजरों से दूर रहा, लेकिन बाद में यहां बने जैन मंदिरों और प्राचीन शिव मंदिर के कारण इसकी पहचान फिर से बढ़ने लगी। आज यह स्थान धार्मिक और ऐतिहासिक पर्यटन के रूप में धीरे-धीरे प्रसिद्ध हो रहा है।

समसगढ़ किले का इतिहास (History of Samasgarh Fort)

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समसगढ़ का इतिहास काफी पुराना माना जाता है। माना जाता है कि यहां का क्षेत्र मध्यकालीन काल में बसा हुआ था और यहां धार्मिक गतिविधियां होती थीं।

समसगढ़ में स्थित प्राचीन शिव मंदिर लगभग 11वीं शताब्दी का माना जाता है। मंदिर की पत्थर की संरचना और स्थापत्य शैली से यह स्पष्ट होता है कि यह मंदिर बहुत पुराने समय में बनाया गया था।

समसगढ़ किले का इतिहास भोपाल रियासत और उसके नवाबी दौर से जुड़ा हुआ माना जाता है। यह किला उस समय बनाया गया था जब पहाड़ियों पर स्थित किले सुरक्षा और निगरानी के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जाते थे। ऊंचे स्थान पर स्थित होने के कारण यहां से दूर-दूर तक नजर रखी जा सकती थी, इसलिए यह स्थान रणनीतिक दृष्टि से काफी उपयोगी माना जाता था।

ऐतिहासिक मान्यताओं के अनुसार, भोपाल के नवाबों ने अपने शासनकाल में कई छोटे-बड़े किलों और सुरक्षा चौकियों का निर्माण करवाया था। समसगढ़ किला भी उन्हीं संरचनाओं में शामिल माना जाता है। हालांकि इस किले के बारे में विस्तृत लिखित ऐतिहासिक प्रमाण बहुत कम उपलब्ध हैं, लेकिन इसकी बनावट और संरचना इसे पुराने सैन्य उपयोग से जोड़ती है।

समय के साथ यह किला धीरे-धीरे वीरान होता गया। युद्धों, मौसम और उपेक्षा के कारण इसका बड़ा हिस्सा खंडहर में बदल गया। फिर भी आज यहां मौजूद मजबूत पत्थर की दीवारें और टूटे हुए हिस्से उस दौर की स्थापत्य कला और निर्माण क्षमता की कहानी सुनाते हैं।

स्थानीय लोगों के बीच इस किले को लेकर कई रोचक कहानियां भी सुनने को मिलती हैं। कुछ लोग इसे गुप्त सुरंगों और छिपे खजानों से जोड़कर देखते हैं, जबकि कुछ का मानना है कि यहां कभी सैनिकों का प्रशिक्षण हुआ करता था। हालांकि इन कथाओं के ठोस प्रमाण नहीं मिलते, लेकिन यही रहस्य इस जगह को और अधिक रोमांचक बना देता है।

किले के आसपास पहले घने जंगल हुआ करते थे और आज भी यहां प्रकृति का प्रभाव साफ दिखाई देता है। यही कारण है कि यहां पहुंचने पर ऐसा महसूस होता है जैसे इतिहास और प्रकृति दोनों एक साथ जीवंत हो उठे हों। समसगढ़ किला आज भी भोपाल की उन ऐतिहासिक धरोहरों में शामिल है जो लोगों को अतीत की झलक दिखाने का काम कर रही हैं।

समसगढ़ किले की विशेषताएं (Special Features of Samasgarh Fort)

समसगढ़ किला अपनी अनोखी लोकेशन और प्राकृतिक वातावरण के कारण बेहद खास माना जाता है। यह किला एक ऊंची पहाड़ी पर स्थित है, जहां से आसपास का दृश्य बहुत आकर्षक दिखाई देता है। यहां पहुंचने पर पर्यटक शहर की भागदौड़ से दूर शांति और सुकून का अनुभव करते हैं।

किले की सबसे बड़ी विशेषता इसकी पुरानी पत्थर की दीवारें और ऐतिहासिक संरचना हैं। हालांकि समय के साथ इसका काफी हिस्सा टूट चुका है, लेकिन आज भी इसकी मजबूत दीवारें पुराने समय की भव्यता का एहसास कराती हैं। यहां के पत्थरों और निर्माण शैली को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि इसे कितनी मजबूती और रणनीतिक सोच के साथ बनाया गया होगा।

समसगढ़ किला एडवेंचर प्रेमियों के लिए भी बेहद खास है। यहां तक पहुंचने का रास्ता हल्की ट्रैकिंग और प्राकृतिक पगडंडियों से होकर गुजरता है। यही कारण है कि ट्रैकिंग और बाइक राइडिंग पसंद करने वाले लोग यहां आना पसंद करते हैं। मानसून के दौरान यह पूरा क्षेत्र हरियाली से भर जाता है, जिससे यहां का अनुभव और भी शानदार हो जाता है।

फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए भी यह स्थान किसी स्वर्ग से कम नहीं है। यहां पुराने खंडहर, पहाड़ियां, खुला आसमान और प्राकृतिक दृश्य शानदार तस्वीरें लेने का अवसर प्रदान करते हैं। सूर्योदय और सूर्यास्त के समय यहां की सुंदरता कई गुना बढ़ जाती है।

यह किला उन लोगों के लिए भी आदर्श स्थान है जो शांत वातावरण में कुछ समय बिताना चाहते हैं। यहां व्यावसायिक भीड़ कम होने के कारण प्राकृतिक वातावरण अभी भी काफी हद तक सुरक्षित और शांत बना हुआ है। यही वजह है कि यह स्थान धीरे-धीरे भोपाल के सबसे रोचक और ऑफबीट पर्यटन स्थलों में शामिल होता जा रहा है।

समसगढ़ में देखने लायक स्थान (Places to See in Samasgarh)

समसगढ़ में घूमते समय कई ऐतिहासिक और धार्मिक स्थान देखने को मिलते हैं।

प्राचीन पत्थर की दीवारें (Ancient Stone Walls)

समसगढ़ किले की विशाल पत्थर की दीवारें इसकी सबसे बड़ी पहचान हैं। ये दीवारें आज भी किले की मजबूती और पुराने समय की स्थापत्य कला का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत करती हैं। दीवारों पर समय और मौसम का प्रभाव साफ दिखाई देता है, लेकिन उनकी बनावट देखकर यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह किला कभी कितना भव्य रहा होगा। यहां खड़े होकर पर्यटक इतिहास को करीब से महसूस कर सकते हैं।

मुख्य प्रवेश द्वार (Main Entrance Gate)

किले का मुख्य प्रवेश द्वार बेहद आकर्षक माना जाता है। पुराने समय की शैली में बना यह हिस्सा आज भी लोगों को अपनी ओर आकर्षित करता है। यहां पहुंचते ही ऐसा महसूस होता है जैसे आप किसी ऐतिहासिक फिल्म के दृश्य में प्रवेश कर रहे हों। यह जगह फोटोग्राफी के लिए भी काफी लोकप्रिय है।

ऊंचा व्यू पॉइंट (Hilltop View Point)

किले के ऊपरी हिस्से से आसपास का प्राकृतिक दृश्य बहुत खूबसूरत दिखाई देता है। यहां से पहाड़ियां, हरियाली और दूर तक फैला भोपाल क्षेत्र दिखाई देता है। सूर्योदय और सूर्यास्त के समय यहां का दृश्य बेहद रोमांचक और मनमोहक होता है।

खंडहर बने पुराने कमरे (Ruined Ancient Rooms)

किले के अंदर कई पुराने कमरों और संरचनाओं के अवशेष देखने को मिलते हैं। माना जाता है कि इनका उपयोग सैनिकों और प्रशासनिक कार्यों के लिए किया जाता होगा। टूटे हुए हिस्सों के बावजूद इन संरचनाओं में पुरानी वास्तुकला की झलक साफ दिखाई देती है।

प्राकृतिक ट्रैकिंग मार्ग (Natural Trekking Trails)

समसगढ़ किले तक पहुंचने वाले रास्ते एडवेंचर प्रेमियों के लिए बेहद खास हैं। यहां के प्राकृतिक रास्ते और पहाड़ी पगडंडियां ट्रैकिंग का शानदार अनुभव प्रदान करती हैं। मानसून के दौरान यह अनुभव और भी रोमांचक हो जाता है।

फोटोग्राफी पॉइंट्स (Photography Spots)

किले के आसपास कई ऐसे स्थान हैं जहां से शानदार तस्वीरें ली जा सकती हैं। यहां पुराने पत्थर, हरियाली और पहाड़ी दृश्य फोटोग्राफी के लिए बेहतरीन बैकग्राउंड प्रदान करते हैं।

शांत प्राकृतिक वातावरण (Peaceful Natural Environment)

किले की सबसे खूबसूरत चीज इसका शांत वातावरण है। यहां केवल हवा की आवाज और पक्षियों की चहचहाहट सुनाई देती है। यही शांति यहां आने वाले लोगों को बार-बार आकर्षित करती है।

समसगढ़ किले की टाइमिंग (Timing of Samasgarh Fort)

समसगढ़ का क्षेत्र खुला हुआ है, इसलिए पर्यटक आमतौर पर यहां सुबह से शाम तक घूम सकते हैं।

मंदिरों के दर्शन का सामान्य समय
सुबह लगभग 5:30 बजे से
शाम लगभग 8:30 बजे तक

प्रवेश शुल्क (Entry Ticket)

समसगढ़ किले या गांव के क्षेत्र में घूमने के लिए आमतौर पर कोई प्रवेश शुल्क नहीं लिया जाता
मंदिरों में दर्शन भी निःशुल्क होते हैं।

आसपास घूमने की जगहें (Nearby Places to Visit)

वन विहार नेशनल पार्क (Van Vihar National Park)

समसगढ़ किले के आसपास घूमने के लिए वन विहार नेशनल पार्क सबसे लोकप्रिय स्थानों में से एक माना जाता है। भोपाल के बड़े तालाब के किनारे स्थित यह नेशनल पार्क प्राकृतिक सुंदरता और वन्यजीवों के लिए प्रसिद्ध है। यहां बाघ, तेंदुआ, भालू, मगरमच्छ, हिरण और कई दुर्लभ पक्षियों को देखा जा सकता है। वन विहार की सबसे खास बात यह है कि यहां प्राकृतिक वातावरण को काफी हद तक सुरक्षित रखा गया है, जिससे पर्यटकों को जंगल सफारी जैसा अनुभव मिलता है। सुबह और शाम के समय यहां का वातावरण बेहद शांत और ताजगी से भरा होता है। यहां साइकिलिंग और पैदल घूमने का अनुभव भी काफी शानदार माना जाता है। प्रकृति प्रेमियों और फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए यह जगह किसी स्वर्ग से कम नहीं है।

बड़ा तालाब (Upper Lake Bhopal)

भोपाल का बड़ा तालाब शहर की सबसे प्रसिद्ध पहचान माना जाता है। यह विशाल झील अपनी प्राकृतिक सुंदरता, शांत वातावरण और सूर्यास्त के अद्भुत दृश्यों के लिए जानी जाती है। यहां बोटिंग का आनंद लिया जा सकता है, जिसमें स्पीड बोट, पैडल बोट और क्रूज जैसी सुविधाएं उपलब्ध रहती हैं। शाम के समय तालाब के किनारे बहती ठंडी हवाएं और पानी पर पड़ती सूर्य की सुनहरी किरणें बेहद मनमोहक दृश्य प्रस्तुत करती हैं। यहां परिवार, कपल्स और पर्यटक आरामदायक समय बिताने आते हैं। तालाब के आसपास कई सुंदर व्यू पॉइंट और बैठने की जगहें भी बनी हुई हैं, जहां से पूरे भोपाल का आकर्षक दृश्य दिखाई देता है।

केरवा डैम (Kerwa Dam)

केरवा डैम भोपाल के सबसे खूबसूरत प्राकृतिक स्थलों में से एक है। यह स्थान पहाड़ियों और हरियाली से घिरा हुआ है, जिसके कारण यहां का वातावरण बेहद शांत और आकर्षक लगता है। मानसून के दौरान यहां का दृश्य और भी शानदार हो जाता है जब डैम पानी से पूरी तरह भर जाता है और आसपास हरियाली फैल जाती है। यहां लोग पिकनिक, बाइक राइड और फोटोग्राफी के लिए बड़ी संख्या में पहुंचते हैं। सूर्योदय और सूर्यास्त के समय यहां का नजारा बेहद रोमांचक दिखाई देता है। केरवा डैम के आसपास कई एडवेंचर गतिविधियां भी आयोजित की जाती हैं, जिससे यह युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय हो चुका है।

ट्राइबल म्यूजियम (Tribal Museum Bhopal)

भोपाल का ट्राइबल म्यूजियम भारत के सबसे अनोखे संग्रहालयों में गिना जाता है। यह संग्रहालय मध्यप्रदेश की जनजातीय संस्कृति, कला, परंपराओं और जीवनशैली को बेहद रचनात्मक तरीके से प्रस्तुत करता है। यहां विभिन्न जनजातियों के घर, मूर्तियां, चित्रकला और सांस्कृतिक वस्तुएं देखने को मिलती हैं। संग्रहालय के अंदर की डिजाइन और लाइटिंग पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देती है। यहां घूमते समय ऐसा महसूस होता है जैसे आप आदिवासी संस्कृति की दुनिया में प्रवेश कर गए हों। इतिहास, कला और संस्कृति में रुचि रखने वाले लोगों के लिए यह जगह बेहद खास मानी जाती है।

शौर्य स्मारक (Shaurya Smarak)

शौर्य स्मारक भारतीय सैनिकों की वीरता और बलिदान को समर्पित एक भव्य स्मारक है। यह स्थान अपनी अनोखी वास्तुकला और प्रेरणादायक वातावरण के लिए प्रसिद्ध है। यहां बने विशाल पत्थर के ढांचे और हरियाली लोगों को काफी आकर्षित करते हैं। स्मारक के अंदर भारतीय सेना की बहादुरी से जुड़ी कई जानकारियां और कलात्मक संरचनाएं देखने को मिलती हैं। शाम के समय यहां की लाइटिंग इस जगह की सुंदरता को और बढ़ा देती है। यह स्थान केवल पर्यटन स्थल ही नहीं बल्कि देशभक्ति और प्रेरणा का प्रतीक भी माना जाता है।

भीमबेटका गुफाएं (Bhimbetka Rock Shelters)

समसगढ़ किले के आसपास घूमने के लिए भीमबेटका गुफाएं एक बेहद ऐतिहासिक और रोमांचक स्थान हैं। यूनेस्को विश्व धरोहर में शामिल यह जगह प्राचीन मानव सभ्यता और शैल चित्रों के लिए प्रसिद्ध है। यहां हजारों साल पुराने चित्र देखने को मिलते हैं, जिनमें शिकार, नृत्य और दैनिक जीवन के दृश्य बनाए गए हैं। गुफाओं की प्राकृतिक बनावट और पहाड़ी वातावरण इस जगह को और भी खास बनाते हैं। इतिहास और पुरातत्व में रुचि रखने वाले लोगों के लिए यह स्थान किसी खजाने से कम नहीं है।

सांची स्तूप (Sanchi Stupa)

सांची स्तूप मध्यप्रदेश का एक विश्व प्रसिद्ध बौद्ध स्थल है। यह स्थान अपनी प्राचीन वास्तुकला, शांति और धार्मिक महत्व के लिए दुनियाभर में जाना जाता है। यहां बने विशाल स्तूप, पत्थर के तोरण द्वार और नक्काशीदार संरचनाएं प्राचीन भारतीय कला का शानदार उदाहरण प्रस्तुत करती हैं। यह स्थान बौद्ध धर्म के अनुयायियों के साथ-साथ इतिहास प्रेमियों के बीच भी बेहद लोकप्रिय है। यहां का शांत वातावरण लोगों को मानसिक शांति और आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करता है।

इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय (Indira Gandhi Rashtriya Manav Sangrahalaya)

यह विशाल मानव संग्रहालय भारत की सांस्कृतिक विविधता को दर्शाने वाला बेहद खास स्थान है। यहां विभिन्न राज्यों और जनजातियों की पारंपरिक झोपड़ियां, लोक कला और जीवनशैली को वास्तविक रूप में प्रदर्शित किया गया है। खुले वातावरण में बना यह संग्रहालय घूमने के लिए काफी रोचक माना जाता है। यहां आने वाले लोग भारत की पारंपरिक संस्कृति और ग्रामीण जीवन को करीब से समझ सकते हैं। यह स्थान परिवार और बच्चों के लिए भी काफी ज्ञानवर्धक साबित होता है।

मानुआभान टेकरी (Manuabhan Tekri)

मानुआभान टेकरी भोपाल की सबसे सुंदर पहाड़ियों में से एक मानी जाती है। यहां से पूरे शहर का शानदार दृश्य दिखाई देता है। यह स्थान विशेष रूप से सूर्यास्त के समय बेहद खूबसूरत दिखाई देता है। टेकरी पर जैन मंदिर स्थित है, जहां धार्मिक शांति और प्राकृतिक सुंदरता दोनों का अनुभव होता है। यहां रोपवे की सुविधा भी उपलब्ध है, जिससे ऊपर तक पहुंचने का अनुभव और भी रोमांचक बन जाता है।

फिश एक्वेरियम भोपाल (Fish Aquarium Bhopal)

यदि आप परिवार या बच्चों के साथ यात्रा कर रहे हैं तो फिश एक्वेरियम भी घूमने के लिए अच्छा स्थान है। यहां विभिन्न प्रकार की रंग-बिरंगी मछलियां और जलीय जीव देखने को मिलते हैं। बच्चों को यह जगह विशेष रूप से काफी पसंद आती है। यहां का शांत वातावरण और आकर्षक एक्वेरियम पर्यटकों को अच्छा अनुभव प्रदान करते हैं।

ध्यान देने योग्य बातें (Important Things to Remember)

समसगढ़ किला प्राकृतिक और ऐतिहासिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थान है, इसलिए यहां घूमते समय कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए। यहां का रास्ता पहाड़ी और कुछ जगहों पर ऊबड़-खाबड़ हो सकता है, इसलिए आरामदायक जूते पहनना बेहतर रहता है।

गर्मियों में यहां काफी गर्मी हो सकती है, इसलिए पानी की बोतल और हल्के स्नैक्स साथ रखना जरूरी है। मानसून के दौरान रास्ते फिसलन भरे हो जाते हैं, इसलिए सावधानी बरतनी चाहिए।

शाम होने के बाद यहां ज्यादा देर रुकना सुरक्षित नहीं माना जाता क्योंकि आसपास का क्षेत्र काफी शांत और जंगल जैसा है। यदि आप पहली बार यहां जा रहे हैं तो समूह में जाना बेहतर रहेगा।

किले की ऐतिहास
िकल संरचनाओं को नुकसान पहुंचाने से बचें और यहां सफाई बनाए रखें। प्लास्टिक या कचरा फैलाना प्राकृतिक वातावरण को नुकसान पहुंचा सकता है।

फोटोग्राफी करते समय ऊंचाई वाले स्थानों पर सावधानी रखें। यहां कई जगहों पर सुरक्षा रेलिंग नहीं है। ट्रैकिंग करते समय आराम से चलें और मौसम की जानकारी पहले से जरूर ले लें।

समसगढ़ का पूरा पता (Full Address of Samasgarh)

समसगढ़ गांव, तहसील हुजूर, जिला भोपाल, मध्यप्रदेश – 462044, भारत

समसगढ़ किला कैसे पहुंचे (How to Reach Samasgarh Fort)

सड़क मार्ग (By Road)
समसगढ़ की दूरी भोपाल से लगभग 20 से 22 किलोमीटर है। यहां कार, बाइक या टैक्सी से आसानी से पहुंचा जा सकता है।

रेल मार्ग (By Train)
सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन भोपाल जंक्शन रेलवे स्टेशन है। स्टेशन से टैक्सी या ऑटो लेकर समसगढ़ पहुंचा जा सकता है।

हवाई मार्ग (By Air)
सबसे नजदीकी हवाई अड्डा राजा भोज एयरपोर्ट है। यहां से टैक्सी द्वारा लगभग 30 से 40 मिनट में समसगढ़ पहुंचा जा सकता है।

निष्कर्ष (Conclusion)

समसगढ़ किला भोपाल के पास स्थित एक ऐसा स्थान है जहां इतिहास, धर्म और प्रकृति का अनोखा संगम देखने को मिलता है। प्राचीन मंदिर, रहस्यमयी शिलालेख, पुराने किले के अवशेष और शांत वातावरण इस जगह को बेहद खास बनाते हैं।

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