
फिश एक्वेरियम, भोपाल जिसे आमतौर पर मछली घर कहा जाता है, भोपाल का एक रोचक और अनोखा पर्यटन स्थल रहा है। यहाँ आने पर ऐसा लगता है जैसे आप पानी के नीचे छिपी एक रंगीन दुनिया में प्रवेश कर गए हों। काँच के पार तैरती हुई अलग-अलग रंगों की मछलियाँ, उनका शांत और मनमोहक वातावरण और आसपास की हरियाली इस जगह को बेहद खास बना देती है।
भोपाल अपनी प्राकृतिक सुंदरता, झीलों और ऐतिहासिक पर्यटन स्थलों के लिए पूरे देश में प्रसिद्ध है। इन्हीं आकर्षणों के बीच स्थित फिश एक्वेरियम, भोपाल शहर की एक ऐसी जगह है जहां पहुंचते ही ऐसा महसूस होता है मानो आप किसी शांत और रंग-बिरंगी जलीय दुनिया में प्रवेश कर चुके हों। यह स्थान बच्चों, परिवारों, प्रकृति प्रेमियों और उन लोगों के लिए बेहद खास माना जाता है जिन्हें समुद्री और जलीय जीवों के बारे में जानने में रुचि होती है। भोपाल का यह मशहूर “मछली घर” लंबे समय से स्थानीय लोगों और पर्यटकों के बीच आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
फिश एक्वेरियम के अंदर प्रवेश करते ही चारों ओर अलग-अलग आकार और रंगों की मछलियां दिखाई देती हैं। छोटे कांच के टैंकों से लेकर बड़े सजावटी एक्वेरियम तक यहां हर चीज पर्यटकों का ध्यान अपनी ओर खींचती है। सुनहरी गोल्ड फिश, चमकीली एंजल फिश, विदेशी सजावटी मछलियां और दुर्लभ प्रजातियों की रंगीन मछलियां यहां के वातावरण को जीवंत बना देती हैं। बच्चों के लिए यह जगह किसी जादुई दुनिया से कम नहीं लगती, क्योंकि यहां वे पहली बार इतनी सारी खूबसूरत मछलियों को करीब से देख पाते हैं।
यह एक्वेरियम केवल मनोरंजन का स्थान नहीं है, बल्कि यह लोगों को जलीय जीवों और पर्यावरण के महत्व के बारे में भी जागरूक करता है। यहां आने वाले लोग मछलियों की विभिन्न प्रजातियों, उनके व्यवहार और उनके रहने के वातावरण के बारे में जानकारी प्राप्त करते हैं। यही कारण है कि कई स्कूल और शैक्षणिक संस्थान बच्चों को यहां भ्रमण के लिए लाते हैं।
भोपाल घूमने आने वाले अधिकांश पर्यटक बड़ी झील, वन विहार और ट्राइबल म्यूजियम के साथ इस फिश एक्वेरियम को भी अपनी यात्रा में शामिल करते हैं। शांत वातावरण, रंगीन रोशनी और पानी में तैरती मछलियों का दृश्य लोगों को मानसिक सुकून भी देता है। अगर आप परिवार या दोस्तों के साथ भोपाल घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो यह जगह आपकी यात्रा को और अधिक यादगार और रोमांचक बना सकती है।
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इतिहास (History)

भोपाल का फिश एक्वेरियम केवल एक मनोरंजन स्थल नहीं बल्कि शहर की पुरानी पर्यटन पहचान का हिस्सा भी माना जाता है। इस एक्वेरियम की स्थापना वर्ष 1977 के आसपास की गई थी। उस समय भोपाल में ऐसा कोई प्रमुख स्थान नहीं था जहां लोग जलीय जीवों और मछलियों की विभिन्न प्रजातियों को एक साथ देख सकें। इसी उद्देश्य से इस “मछली घर” को विकसित किया गया ताकि लोगों को जलीय दुनिया के बारे में जानकारी मिल सके और परिवारों के लिए एक नया पर्यटन स्थल तैयार हो सके।
शुरुआती समय में यहां सीमित संख्या में मछलियां रखी गई थीं, लेकिन धीरे-धीरे इसकी लोकप्रियता बढ़ती गई और यहां कई नई प्रजातियों को शामिल किया गया। इस एक्वेरियम की सबसे खास बात इसकी अनोखी संरचना थी, जिसे मछली के आकार जैसा बनाया गया था। यही डिजाइन इसे अन्य सामान्य एक्वेरियम से अलग बनाती थी और बच्चों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बन गई।
भोपाल के पुराने निवासी बताते हैं कि पहले यह स्थान शहर के सबसे लोकप्रिय पारिवारिक घूमने वाले स्थानों में गिना जाता था। छुट्टियों और त्योहारों के समय यहां काफी भीड़ रहती थी। कई लोगों के बचपन की यादें इस जगह से जुड़ी हुई हैं। उस दौर में बच्चों के लिए इतनी बड़ी संख्या में रंगीन और विदेशी मछलियों को देखना किसी अद्भुत अनुभव से कम नहीं माना जाता था।
समय के साथ यहां कई बदलाव हुए। एक्वेरियम के टैंकों को बेहतर बनाया गया और सजावटी मछलियों की नई प्रजातियां लाई गईं। हालांकि आधुनिक समय में बड़े-बड़े थीम पार्क और मनोरंजन केंद्र विकसित हो गए हैं, फिर भी यह फिश एक्वेरियम अपनी अलग पहचान बनाए हुए है।
आज भी यह स्थान भोपाल के उन पर्यटन स्थलों में शामिल है जहां कम खर्च में परिवार के साथ अच्छा समय बिताया जा सकता है। यहां आने वाले पर्यटक केवल मछलियां ही नहीं देखते बल्कि भोपाल की पुरानी पर्यटन संस्कृति और शहर की विरासत को भी महसूस करते हैं। यह स्थान बच्चों के साथ-साथ बड़ों के लिए भी एक यादगार अनुभव प्रदान करता है।
इन टैंकों में लगभग 60 से अधिक प्रजातियों की मछलियाँ रखी गई थीं। कई दशकों तक यह स्थान भोपाल के प्रमुख आकर्षणों में से एक रहा और यहाँ स्थानीय लोग तथा पर्यटक बड़ी संख्या में घूमने आते थे।
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फिश एक्वेरियम की विशेषताएँ (Special Features)

कमला पार्क भोपाल (Kamla Park Bhopal) – पूरी यात्रा गाइड (Complete Travel Guide)
फिश एक्वेरियम, भोपाल की सबसे बड़ी विशेषता इसकी रंग-बिरंगी और जीवंत जलीय दुनिया है। यहां पहुंचते ही ऐसा लगता है जैसे किसी शांत समुद्री संसार में प्रवेश कर गए हों। पानी के अंदर तैरती अलग-अलग रंगों और आकारों की मछलियां पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती हैं। छोटे बच्चों के लिए यह जगह किसी जादुई दुनिया जैसी महसूस होती है, जबकि प्रकृति प्रेमियों के लिए यह एक बेहद रोचक अनुभव बन जाती है।
यहां कई बड़े और छोटे कांच के टैंक बनाए गए हैं जिनमें विभिन्न प्रजातियों की मछलियों को रखा गया है। हर टैंक को खास तरीके से सजाया गया है ताकि मछलियों का प्राकृतिक वातावरण दिखाई दे। कुछ टैंकों में सजावटी पत्थर, कृत्रिम पौधे और रंगीन लाइटिंग का उपयोग किया गया है जिससे पूरा एक्वेरियम और भी आकर्षक दिखाई देता है।
यहां गोल्ड फिश, एंजल फिश, कार्प, बार्ब और कई विदेशी सजावटी मछलियां देखने को मिलती हैं। कुछ मछलियों के चमकीले रंग और अनोखी बनावट लोगों को काफी प्रभावित करती हैं। बच्चों के लिए यह अनुभव बेहद रोमांचक होता है क्योंकि वे पहली बार इतनी सारी दुर्लभ और विदेशी मछलियों को करीब से देख पाते हैं।
इस एक्वेरियम की एक और खास बात इसका शांत वातावरण है। शहर की भागदौड़ और ट्रैफिक से दूर यहां कुछ समय बिताने पर मानसिक शांति महसूस होती है। पानी में धीरे-धीरे तैरती मछलियों को देखना लोगों के तनाव को कम करने में मदद करता है। कई लोग यहां केवल रिलैक्स महसूस करने के लिए भी आते हैं।
यह स्थान शैक्षणिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जाता है। यहां बच्चे जलीय जीवों के जीवन, उनके भोजन और उनके वातावरण के बारे में जानकारी प्राप्त करते हैं। कई स्कूल यहां शैक्षणिक भ्रमण आयोजित करते हैं ताकि छात्र प्रकृति और पर्यावरण के बारे में बेहतर समझ विकसित कर सकें।
कम एंट्री फीस, परिवार के लिए अनुकूल वातावरण और शहर के प्रमुख पर्यटन स्थलों के पास स्थित होना भी इसकी प्रमुख विशेषताओं में शामिल है। यही कारण है कि यह जगह आज भी भोपाल आने वाले पर्यटकों के बीच लोकप्रिय बनी हुई है।
फिश एक्वेरियम में देखने लायक चीजें (Things to See)
रंग-बिरंगी सजावटी मछलियाँ (Colorful Ornamental Fish)
यहाँ कई प्रकार की आकर्षक मछलियाँ देखने को मिलती थीं जैसे
रंग-बिरंगी विदेशी मछलियां (Colorful Exotic Fishes)
फिश एक्वेरियम का सबसे बड़ा आकर्षण यहां मौजूद रंग-बिरंगी विदेशी मछलियां हैं। गोल्डन, सिल्वर, रेड, ब्लू और ऑरेंज रंगों की मछलियां पानी में तैरते हुए बेहद सुंदर दिखाई देती हैं। कुछ मछलियां इतनी चमकदार होती हैं कि बच्चे उन्हें देखकर मंत्रमुग्ध हो जाते हैं। विदेशी प्रजातियों की ये मछलियां एक्वेरियम की सुंदरता को कई गुना बढ़ा देती हैं।
बड़े कांच के टैंक (Large Glass Aquariums)
यहां बने विशाल कांच के टैंक पर्यटकों को सबसे ज्यादा आकर्षित करते हैं। हर टैंक में अलग-अलग प्रकार की मछलियां और सजावटी वातावरण बनाया गया है। टैंकों में रंगीन पत्थर, कृत्रिम पौधे और पानी की सुंदर सजावट देखने लायक होती है।
दुर्लभ मछलियों का सेक्शन (Rare Fish Section)
एक्वेरियम में कुछ ऐसी मछलियां भी रखी गई हैं जिन्हें सामान्य रूप से हर जगह नहीं देखा जा सकता। उनकी अनोखी बनावट और रंग पर्यटकों को काफी आकर्षित करते हैं। कई लोग इन दुर्लभ मछलियों की तस्वीरें लेना पसंद करते हैं।
बच्चों के लिए एजुकेशनल एरिया (Educational Area for Kids)
यह हिस्सा बच्चों के लिए बेहद रोचक माना जाता है। यहां वे मछलियों के जीवन, उनके भोजन और पानी के अंदर की दुनिया के बारे में नई जानकारी प्राप्त करते हैं। स्कूल टूर के दौरान बच्चों को यहां विशेष रूप से लाया जाता है।
सजावटी जलीय वातावरण (Decorative Aquatic Environment)
एक्वेरियम के अंदर की लाइटिंग और सजावट इसे और आकर्षक बनाती है। पानी में पड़ती रंगीन रोशनी और धीरे-धीरे तैरती मछलियां एक खूबसूरत दृश्य तैयार करती हैं।
फोटोग्राफी पॉइंट (Photography Points)
यहां कई ऐसे स्थान हैं जहां परिवार और दोस्त यादगार तस्वीरें क्लिक करते हैं। रंगीन रोशनी और मछलियों से भरे टैंक फोटोग्राफी के लिए शानदार बैकग्राउंड प्रदान करते हैं।
शांत बैठने का क्षेत्र (Relaxing Sitting Area)
कुछ हिस्सों में बैठकर लोग आराम से मछलियों को तैरते हुए देख सकते हैं। यह अनुभव मानसिक शांति और सुकून देता है।
इन मछलियों के चमकीले रंग और अलग-अलग आकार देखने में बेहद आकर्षक लगते हैं।
बड़े काँच के एक्वेरियम (Large Glass Aquariums)
यहाँ कई बड़े काँच के टैंक बनाए गए थे जिनमें मछलियों को उनके प्राकृतिक वातावरण के अनुसार रखा गया था।
स्थानीय नदियों की मछलियाँ (Local Freshwater Fish)
मध्य प्रदेश की नदियों और तालाबों में पाई जाने वाली कई मछलियाँ भी यहाँ प्रदर्शित की जाती थीं, जिससे लोग स्थानीय जलीय जीवों के बारे में भी जान सकते थे।
फिश एक्वेरियम की टाइमिंग (Timings)
अप्रैल से सितंबर
दोपहर 1:00 बजे से रात 8:00 बजे तक
अक्टूबर से मार्च
दोपहर 12:00 बजे से शाम 7:00 बजे तक
कभी-कभी समय में परिवर्तन भी हो सकता है इसलिए जाने से पहले स्थानीय जानकारी लेना बेहतर होता है।
एंट्री टिकट (Entry Fee)
मछली घर की प्रवेश फीस बहुत ही कम रखी गई थी।
प्रति व्यक्ति लगभग 5 रुपये का टिकट लिया जाता था, जिससे यह स्थान हर वर्ग के लोगों के लिए सुलभ था।
आसपास घूमने की जगहें (Nearby Tourist Places)
मछली घर के आसपास भोपाल के कई प्रसिद्ध पर्यटन स्थल मौजूद हैं।
वन विहार नेशनल पार्क (Van Vihar National Park)
फिश एक्वेरियम से थोड़ी ही दूरी पर स्थित वन विहार नेशनल पार्क भोपाल के सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में गिना जाता है। बड़ी झील के किनारे फैला यह राष्ट्रीय उद्यान प्राकृतिक सुंदरता और वन्यजीवों के कारण पर्यटकों को बेहद आकर्षित करता है। यहां बाघ, शेर, तेंदुआ, भालू, मगरमच्छ, सांभर, चीतल और कई प्रकार के पक्षी देखने को मिलते हैं। यह पार्क खासतौर पर उन लोगों के लिए शानदार जगह है जिन्हें प्रकृति और वन्यजीव फोटोग्राफी पसंद है। पार्क के अंदर साइकिलिंग और पैदल घूमने का अनुभव काफी रोमांचक माना जाता है। सुबह और शाम के समय यहां का वातावरण बेहद शांत और सुहावना दिखाई देता है। बड़ी झील के किनारे बहती ठंडी हवा इस जगह की खूबसूरती को और बढ़ा देती है। परिवार और बच्चों के साथ घूमने के लिए यह भोपाल की सबसे बेहतरीन जगहों में से एक मानी जाती है।
बड़ी झील (Upper Lake Bhopal)
बड़ी झील भोपाल की पहचान कही जाती है और यह फिश एक्वेरियम के सबसे नजदीकी प्रमुख आकर्षणों में शामिल है। इस झील को भोजताल के नाम से भी जाना जाता है। शाम के समय यहां का दृश्य बेहद मनमोहक दिखाई देता है, जब डूबते सूरज की किरणें पानी पर पड़ती हैं। यहां बोटिंग का आनंद लेने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं। स्पीड बोट, पैडल बोट और क्रूज राइड जैसी सुविधाएं यहां उपलब्ध रहती हैं। झील के किनारे बैठकर ठंडी हवा का आनंद लेना लोगों को मानसिक शांति देता है। बारिश के मौसम में यहां की हरियाली और सुंदरता कई गुना बढ़ जाती है। फोटोग्राफी पसंद करने वालों के लिए यह जगह किसी स्वर्ग से कम नहीं मानी जाती। यहां से दिखाई देने वाला सूर्यास्त भोपाल के सबसे खूबसूरत दृश्यों में शामिल है।
मध्यप्रदेश ट्राइबल म्यूजियम (Madhya Pradesh Tribal Museum)
फिश एक्वेरियम के आसपास स्थित यह संग्रहालय भोपाल के सबसे अनोखे और प्रसिद्ध म्यूजियम में गिना जाता है। यहां मध्यप्रदेश की विभिन्न जनजातियों की संस्कृति, कला, परंपराएं और जीवनशैली को बेहद आकर्षक तरीके से प्रदर्शित किया गया है। संग्रहालय के अंदर प्रवेश करते ही रंगीन कलाकृतियां, पारंपरिक झोपड़ियों के मॉडल और आदिवासी कला लोगों को मंत्रमुग्ध कर देती है। यहां की लाइटिंग और कलात्मक सजावट इसे और भी खास बनाती है। यह स्थान केवल घूमने के लिए ही नहीं बल्कि भारतीय आदिवासी संस्कृति को समझने के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। कला प्रेमियों और इतिहास में रुचि रखने वाले लोगों के लिए यह जगह बेहद रोचक अनुभव प्रदान करती है। शाम के समय यहां का वातावरण और भी आकर्षक दिखाई देता है।
भारत भवन (Bharat Bhavan)
भारत भवन भोपाल का प्रसिद्ध सांस्कृतिक केंद्र है जो कला, साहित्य, संगीत और थिएटर के लिए जाना जाता है। यह स्थान बड़ी झील के किनारे स्थित होने के कारण बेहद सुंदर दिखाई देता है। यहां आर्ट गैलरी, पुस्तकालय, थिएटर और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए अलग-अलग सेक्शन बनाए गए हैं। देशभर के कलाकार यहां अपनी कला का प्रदर्शन करने आते हैं। यदि आपको पेंटिंग, कविता, संगीत और भारतीय संस्कृति में रुचि है तो यह जगह आपके लिए बेहद खास साबित हो सकती है। भारत भवन की वास्तुकला भी काफी आकर्षक मानी जाती है। यहां से बड़ी झील का सुंदर दृश्य दिखाई देता है जो पर्यटकों को काफी पसंद आता है। शाम के समय यहां बैठकर झील की ओर देखना बेहद सुकूनभरा अनुभव देता है।
सैर सपाटा (Sair Sapata Bhopal)
सैर सपाटा भोपाल का एक प्रसिद्ध मनोरंजन स्थल है जो खासतौर पर परिवार और बच्चों के बीच काफी लोकप्रिय है। यहां म्यूजिकल फाउंटेन, झूले, फूड जोन और बच्चों के खेलने के कई आकर्षण मौजूद हैं। शाम के समय यहां रंगीन रोशनी और म्यूजिक का माहौल बेहद शानदार दिखाई देता है। बच्चों के लिए यहां कई मनोरंजक गतिविधियां होती हैं जबकि बड़े लोग यहां आराम से घूमकर समय बिता सकते हैं। बड़ी झील के किनारे स्थित होने के कारण यहां का वातावरण काफी शांत और खूबसूरत लगता है। वीकेंड और छुट्टियों के दौरान यहां काफी भीड़ देखने को मिलती है। यह जगह परिवार के साथ पिकनिक और मनोरंजन के लिए शानदार मानी जाती है।
स्टेट म्यूजियम भोपाल (State Museum Bhopal)
इतिहास प्रेमियों के लिए स्टेट म्यूजियम भोपाल एक बेहद खास स्थान माना जाता है। यहां प्राचीन मूर्तियां, ऐतिहासिक हथियार, सिक्के, पांडुलिपियां और पुरातात्विक वस्तुएं प्रदर्शित की गई हैं। यह संग्रहालय मध्यप्रदेश के इतिहास और सांस्कृतिक विरासत को समझने के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। संग्रहालय के अंदर अलग-अलग गैलरी बनाई गई हैं जहां विभिन्न समयकाल की वस्तुओं को व्यवस्थित तरीके से रखा गया है। यहां आने वाले पर्यटक भारतीय इतिहास और कला के कई अनोखे पहलुओं को करीब से देख सकते हैं। छात्रों और इतिहास में रुचि रखने वाले लोगों के लिए यह स्थान ज्ञानवर्धक अनुभव प्रदान करता है।
रीजनल साइंस सेंटर (Regional Science Centre Bhopal)
विज्ञान में रुचि रखने वाले बच्चों और युवाओं के लिए रीजनल साइंस सेंटर बेहद रोचक जगह मानी जाती है। यहां विज्ञान से जुड़े कई इंटरैक्टिव मॉडल, 3D शो और वैज्ञानिक प्रयोगों की जानकारी दी जाती है। यह स्थान बच्चों को विज्ञान को आसान और मजेदार तरीके से समझने का मौका देता है। यहां कई ऐसे मॉडल लगाए गए हैं जिन्हें छूकर और प्रयोग करके देखा जा सकता है। स्कूल टूर के दौरान बड़ी संख्या में छात्र यहां आते हैं। विज्ञान और तकनीक को मनोरंजन के साथ प्रस्तुत करने के कारण यह जगह भोपाल के सबसे ज्ञानवर्धक पर्यटन स्थलों में शामिल है।
बिरला मंदिर (Birla Mandir Bhopal)
अरावली जैसी ऊंची पहाड़ी पर स्थित बिरला मंदिर भोपाल का प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है। यह मंदिर भगवान लक्ष्मी नारायण को समर्पित है और यहां से पूरे भोपाल शहर का सुंदर दृश्य दिखाई देता है। मंदिर का शांत वातावरण लोगों को मानसिक शांति प्रदान करता है। शाम के समय यहां से बड़ी झील और शहर की रोशनी का दृश्य बेहद आकर्षक लगता है। मंदिर की वास्तुकला भी काफी सुंदर मानी जाती है। धार्मिक आस्था के साथ-साथ यह जगह फोटोग्राफी और शांत वातावरण पसंद करने वाले लोगों के लिए भी खास मानी जाती है।
इन स्थानों को देखकर आप भोपाल की संस्कृति, प्रकृति और इतिहास को करीब से अनुभव कर सकते हैं।
ध्यान देने योग्य बातें (Important Tips)
फिश एक्वेरियम घूमने से पहले कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना आपकी यात्रा को अधिक आरामदायक और सुरक्षित बना सकता है। सबसे पहले यहां की टाइमिंग की जानकारी जरूर लें क्योंकि सोमवार को यह बंद रहता है। छुट्टियों और सप्ताहांत के दौरान यहां अधिक भीड़ हो सकती है, इसलिए यदि आप शांत वातावरण चाहते हैं तो सामान्य दिनों में यात्रा करना बेहतर रहेगा।
अगर आप बच्चों के साथ यहां आ रहे हैं, तो उन पर विशेष ध्यान रखें। कई जगह बड़े कांच के टैंक लगे होते हैं, इसलिए बच्चों को टैंकों पर हाथ मारने या बहुत करीब जाने से रोकना चाहिए। इससे मछलियों को भी परेशानी नहीं होती और दुर्घटना की संभावना भी कम रहती है।
फोटोग्राफी करते समय फ्लैश का उपयोग कम करना चाहिए क्योंकि तेज रोशनी मछलियों को प्रभावित कर सकती है। कुछ क्षेत्रों में फोटोग्राफी की अनुमति सीमित हो सकती है, इसलिए वहां लगे निर्देशों का पालन करना जरूरी है।
एक्वेरियम के अंदर साफ-सफाई बनाए रखना हर पर्यटक की जिम्मेदारी होती है। पानी में कोई वस्तु फेंकना, मछलियों को खाना खिलाना या टैंकों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करना गलत माना जाता है। इससे जलीय जीवों के स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है।
गर्मी के मौसम में यहां शाम के समय आना अधिक आरामदायक माना जाता है। पानी की बोतल और जरूरी सामान साथ रखना भी बेहतर रहता है। यदि आप पूरे दिन भोपाल घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो फिश एक्वेरियम के साथ आसपास के अन्य पर्यटन स्थलों को भी शामिल कर सकते हैं।
परिवार के साथ आने वाले लोगों के लिए यह जगह काफी सुरक्षित और शांत मानी जाती है। यहां कुछ समय बिताने के बाद लोग मानसिक शांति और सुकून महसूस करते हैं। यही कारण है कि यह जगह आज भी भोपाल के लोकप्रिय पारिवारिक पर्यटन स्थलों में गिनी जाती है।
पूरा पता (Full Address)
Fish Aquarium Bhopal
भदभदा रोड के पास,
भोपाल, मध्य प्रदेश – 462003
भारत
ट्रैवल गाइड (Travel Guide)
फिश एक्वेरियम भोपाल शहर के प्रमुख पर्यटन क्षेत्र के पास स्थित है, इसलिए यहां पहुंचना काफी आसान माना जाता है। यह स्थान भोपाल की बड़ी झील और अन्य प्रमुख आकर्षणों के नजदीक स्थित होने के कारण पर्यटकों के बीच लोकप्रिय है।
पूरा पता (Full Address)
फिश एक्वेरियम (मछली घर), भदभदा रोड के पास, बोर्डी कलां, भोपाल, मध्यप्रदेश – 462003
ट्रेन से कैसे पहुंचे (How to Reach by Train)
यदि आप ट्रेन से भोपाल आ रहे हैं, तो भोपाल जंक्शन और रानी कमलापति रेलवे स्टेशन यहां के सबसे नजदीकी प्रमुख रेलवे स्टेशन हैं। रेलवे स्टेशन से ऑटो, टैक्सी और कैब आसानी से उपलब्ध हो जाती हैं। स्टेशन से यहां पहुंचने में लगभग 20 से 30 मिनट का समय लग सकता है।
हवाई मार्ग से कैसे पहुंचे (How to Reach by Air)
राजा भोज एयरपोर्ट इस एक्वेरियम का सबसे नजदीकी हवाई अड्डा है। एयरपोर्ट से टैक्सी या कैब के माध्यम से आसानी से यहां पहुंचा जा सकता है। एयरपोर्ट से यह स्थान लगभग 15 से 20 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।
सड़क मार्ग से कैसे पहुंचे (How to Reach by Road)
भोपाल शहर के लगभग हर हिस्से से यहां के लिए लोकल बस, ऑटो और टैक्सी उपलब्ध रहती हैं। निजी वाहन से आने वाले पर्यटकों के लिए आसपास पार्किंग की सुविधा भी उपलब्ध रहती है।
घूमने का सबसे अच्छा समय (Best Time to Visit)
अक्टूबर से मार्च के बीच का समय यहां घूमने के लिए सबसे अच्छा माना जाता है क्योंकि इस दौरान भोपाल का मौसम काफी सुहावना रहता है। गर्मियों में दोपहर की बजाय शाम के समय आना बेहतर होता है।
यदि आप भोपाल की एक यादगार यात्रा करना चाहते हैं, तो फिश एक्वेरियम के साथ वन विहार, बड़ी झील, ट्राइबल म्यूजियम और सैर सपाटा जैसे पर्यटन स्थलों को भी अपने ट्रिप में शामिल जरूर करें।
समसगढ़ किला, भोपाल (Samasgarh Fort, Bhopal)
भोपाल में मछलीघर की तस्वीरें (Images of Fish Aquarium, Bhopal)





निष्कर्ष (Conclusion)
फिश एक्वेरियम या मछली घर भोपाल का एक छोटा लेकिन बेहद रोचक पर्यटन स्थल रहा है। यहाँ की रंगीन मछलियाँ, अनोखी मछली के आकार की इमारत और शांत वातावरण लोगों को एक अलग ही अनुभव देता था। अगर आप भोपाल की यात्रा पर हैं और प्रकृति तथा जीव-जंतुओं में रुचि रखते हैं, तो यह स्थान आपकी यात्रा को और भी यादगार बना सकता है।


