कलियुग में यदि कोई देवता सबसे शीघ्र फल प्रदान करते हैं, तो वे हैं हनुमान जी। शास्त्रों में यह उल्लेख मिलता है कि भगवान हनुमान अजर, अमर और सदा जाग्रत देवता हैं। जो भी श्रद्धा और विश्वास के साथ उनकी आराधना करता है, उसकी हर मनोकामना पूरी होती है और जीवन से संकट, भय और विघ्न दूर हो जाते हैं।
यदि आपके जीवन में भी कोई विशेष इच्छा है, या आप किसी कठिन समय से गुजर रहे हैं, तो नीचे दिए गए हनुमान मंत्र का नियमित जप आपके लिए अत्यंत फलदायी सिद्ध हो सकता है।
हनुमान मंत्र
“महाबलाय वीराय चिरंजिवीन उद्दते।
हारिणे वज्र देहाय चोलंघितमहाव्यये।।”
जप की विधि (Method of chanting):
- मंगलवार प्रातःकाल ब्रह्म मुहूर्त में उठें और स्नान आदि कर शुद्ध हो जाएं।
- स्वच्छ लाल या पीले वस्त्र धारण करें।
- घर में हनुमान जी की प्रतिमा या चित्र के समक्ष दीपक जलाएं।
- उन्हें सिंदूर, गुड़ और चने का भोग अर्पित करें।
- पूर्व दिशा की ओर मुख कर कुश के आसन पर बैठें।
- लाल चंदन की माला से इस मंत्र का जाप करें – कम से कम 108 बार।
- जाप के समय मन पूरी तरह हनुमान जी की शक्ति और कृपा पर केंद्रित रखें।
लाभ क्या होंगे? (What will be the benefits?)
- मनोकामना की पूर्ति
- भय, रोग और बाधाओं से रक्षा
- आत्मबल, साहस और ऊर्जा में वृद्धि
- जीवन में सफलता और विजय की प्राप्ति


