“दुर्गे स्मृता हरसि” मंत्र देवी दुर्गा का एक अत्यंत शक्तिशाली और कल्याणकारी मंत्र है, जो दुर्गा सप्तशती (या देवी महात्म्यम) का हिस्सा है। इस मंत्र का जाप करने से माता दुर्गा की कृपा प्राप्त होती है और सभी प्रकार के कष्ट, भय, दरिद्रता, और परेशानियों से मुक्ति मिलती है। यह मंत्र विशेष रूप से संकट और दुख के समय में सहायता प्राप्त करने के लिए जपा जाता है।
बगलामुखी देवी के मंत्र: समृद्धि, सफलता और सुरक्षा के लिए
मंत्र:
दुर्गे स्मृता हरसि भीतिमशेषजन्तोः स्वस्थैः स्मृता मतिमतीव शुभां ददासि।
दारिद्र्य दुःख भय हारिणि का त्वदन्या सर्वोपकार करणाय सदार्द्रचित्ता॥
अर्थ:
“हे माता दुर्गा, जब भी आपको कोई प्राणी याद करता है, तो आप उसके सभी भय दूर कर देती हैं। जो भी आपको सच्चे मन से स्मरण करता है, उसे आप शुभ और कल्याणकारी बुद्धि प्रदान करती हैं। आप ही वह देवी हैं, जो दरिद्रता, दुःख और भय का हरण करती हैं, और सदा सभी का उपकार करने के लिए दयालु रहती हैं।”
बगलामुखी मूल मंत्र (Baglamukhi Mool mantra):
मंत्र के लाभ:
- भय और संकट से मुक्ति: इस मंत्र का जाप करने से व्यक्ति के जीवन से भय, संकट और नकारात्मकता दूर होती है। यह व्यक्ति को हर तरह की बाधाओं से बचाने में सहायक है।
- धन और समृद्धि: देवी दुर्गा को स्मरण करने से दरिद्रता और आर्थिक समस्याएं दूर होती हैं। यह मंत्र माता की कृपा से समृद्धि और धन को आकर्षित करने में सहायक है।
- दुखों का नाश: यह मंत्र जीवन में सुख और शांति प्रदान करता है और सभी प्रकार के दुखों को समाप्त करता है। माता दुर्गा का यह आशीर्वाद मन को स्थिरता और संतोष प्रदान करता है।
- सकारात्मक ऊर्जा: इस मंत्र का नियमित जाप करने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है, जिससे नकारात्मक शक्तियां दूर रहती हैं और व्यक्ति मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूत बनता है।
- कल्याणकारी बुद्धि और शांति: देवी दुर्गा की कृपा से यह मंत्र व्यक्ति को शुभ और कल्याणकारी बुद्धि प्रदान करता है। इसके जाप से मानसिक शांति प्राप्त होती है और जीवन में सही निर्णय लेने की शक्ति मिलती है।
श्री शिव पंचाक्षर स्तोत्र (Shiva Panchakshara Stotra)
जप करने की विधि:
- शुद्धता: इस मंत्र का जाप करने से पहले स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें। माता दुर्गा का स्मरण करते समय शुद्ध और पवित्र मन रखें।
- दीपक जलाएं: देवी दुर्गा के सामने दीपक जलाकर उनकी पूजा करें। आप धूप या अगरबत्ती भी लगा सकते हैं।
- माला का प्रयोग: इस मंत्र का जाप माला का उपयोग करके कर सकते हैं। रुद्राक्ष या चंदन की माला सबसे उत्तम मानी जाती है।
- संख्या: यह मंत्र प्रतिदिन 11, 21, या 108 बार जपने से विशेष फलदायी माना गया है। नवरात्रि या विशेष दुर्गा पूजा के समय इसका जाप विशेष लाभकारी होता है।
- भावना और भक्ति: मंत्र का जाप करते समय अपनी सभी समस्याओं और चिंताओं को देवी दुर्गा को समर्पित करें। पूर्ण भक्ति और विश्वास के साथ उनका स्मरण करें।


