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द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तोत्र (Dwadash Jyotirling Stotra)

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द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तोत्र भगवान शिव के उन बारह पवित्र स्थानों की स्तुति है जहाँ शिवजी स्वयं ज्योतिर्लिंग स्वरूप में प्रतिष्ठित हैं। यह स्तोत्र मुख्य रूप से श्री आदि शंकराचार्य द्वारा रचित माना जाता है, जो हिन्दू धर्म में शिवभक्ति के महान ग्रंथों में एक अत्यंत पवित्र और श्रद्धा-पूर्वक जप किया जाने वाला पाठ है। “ज्योतिर्लिंग” Read More

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द्वादश ज्योतिर्लिंग (Dwadash Jyotirling)

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द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तोत्रम् एक अद्वितीय स्तोत्र है जो भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों की महिमा को वर्णित करता है। लोकश्रुति के अनुसार, इसका नियमित पाठ उन तीर्थों का सम्पूर्ण मानसिक दर्शन करने के समकक्ष है, जो वास्तविक यात्रा करके प्राप्त होते हैं द्वादश ज्योतिर्लिंग (Dwadash Jyotirling) सौराष्ट्रदेशे विशदेऽतिरम्ये ज्योतिर्मयं चन्द्रकलावतंसम् ।भक्तिप्रदानाय कृपावतीर्णं तं सोमनाथं शरणं Read More

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देव्या आरात्रिकम् स्तोत्र (Devya Aratrikam)

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Devya Aratrikam एक देवी स्तोत्र है, जिसे आरात्रिकम् कहा जाता है, जो रात्रि में देवी की आरती के रूप में गाया जाता है। यह हृदय-धरिणी नारायणी, जगदाधारी, श्रीविद्या स्वरूपिणी और संकटमोचन शक्ति देवी की स्तुति है देव्या आरात्रिकम् स्तोत्र (Devya Aratrikam) प्रवरातीरनिवासिनि निगमप्रतिपाद्येपारावारविहारिणि नारायणि हृद्ये।प्रपञ्चसारे जगदाधारे श्रीविद्येप्रपन्नपालननिरते मुनिवृन्दाराध्ये॥जय देवि जय देवि जय मोहनरूपे।मामिह जननि समुद्धर Read More

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कलियुग केवल नाम अधारा, सुमिर सुमिर नर उतरहिं पारा। – कलयुग में नाम स्मरण का महत्व (Kaliyug Keval Naam Adhara, Sumir Sumir Nar Utrahin Para – Kaliyug Mein Naam Smaran Ka Mahatva)

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कलियुग केवल नाम अधारा, सुमिर सुमिर नर उतरहिं पारा। तुलसीदास जी की यह प्रसिद्ध चौपाई कलियुग की एक अनमोल सच्चाई को उजागर करती है। इस युग में धर्म, सत्य और आचरण की स्थिति कमजोर हो चुकी है। ऐसे समय में ईश्वर के नाम का स्मरण ही जीवन को दिशा देने वाला एकमात्र साधन बन गया Read More

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विजयादशमी (दशहरा) 2025: अच्छाई की जीत का महापर्व (Vijayadashami (Dussehra) 2025: The Grand Festival Celebrating the Victory of Good Over Evil)

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विजयादशमी, जिसे हम सामान्यतः दशहरा के नाम से जानते हैं, भारत का एक प्रमुख पर्व है जो अच्छाई की बुराई पर विजय का प्रतीक है। यह त्योहार हर वर्ष आश्विन मास की शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाता है। 2025 में विजयादशमी 2 अक्टूबर (गुरुवार) को मनाई जाएगी। विजयादशमी 2025 की तिथि और Read More

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अग्रसेन जयंती 2025: महाराजा अग्रसेन के आदर्शों और सामाजिक संदेश का उत्सव (Agrasen Jayanti 2025: A Celebration of Maharaja Agrasen’s Ideals and Social Message)

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अग्रसेन जयंती 2025 का पर्व इस वर्ष 22 सितंबर, सोमवार को श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाएगा। यह दिन महाराजा अग्रसेन की जयंती के रूप में मनाया जाता है, जो अग्रवाल और अग्रहरी समुदायों के आदि प्रवर्तक माने जाते हैं। उन्होंने समाज में समानता, अहिंसा, सहयोग और आर्थिक न्याय जैसे सिद्धांतों को स्थापित किया, Read More

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विश्वकर्मा जयंती 2025: तिथि, पूजा विधि, महत्व और परंपराएं (Vishwakarma Jayanti 2025: Date, Puja Vidhi, Significance & Celebration Guide)

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भारत में हर वर्ष भाद्रपद माह की कन्या संक्रांति को विश्वकर्मा जयंती मनाई जाती है। यह पर्व भगवान विश्वकर्मा के जन्मोत्सव के रूप में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है, जिन्हें सृष्टि का प्रथम वास्तुकार, अभियंता और देव शिल्पी माना जाता है। वर्ष 2025 में यह उत्सव 17 सितंबर, बुधवार को मनाया जाएगा। Read More

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गणेश चतुर्थी 2025: तिथि, पूजा विधि, मुहूर्त और पौराणिक महत्व (Ganesh Chaturthi 2025: Date, Puja Vidhi, Vrat, and Visarjan Details)

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गणेश चतुर्थी भगवान श्री गणेश के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाने वाला एक प्रमुख हिंदू पर्व है। यह पर्व भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है। वर्ष 2025 में, यह उत्सव बुधवार, 27 अगस्त को मनाया जाएगा। तिथि और शुभ मुहूर्त (Date and auspicious time) पूजा विधि (Method of Read More

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कृष्ण जन्माष्टमी 2025: तिथि, पूजा विधि, और पर्व का महत्व (Krishna Janmashtami 2025: Date, Time, Rituals & Celebration Guide)

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कृष्ण जन्माष्टमी भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में मनाई जाती है। यह पर्व भाद्रपद मास की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को आता है। वर्ष 2025 में, यह उत्सव शनिवार, 16 अगस्त को मनाया जाएगा। तिथि और पूजा मुहूर्त (Date and Puja Muhurta) कुछ परंपराओं के अनुसार, ISKCON द्वारा जन्माष्टमी 16 अगस्त को मनाई Read More

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रक्षा बंधन 2025: तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व और परंपराएं (Raksha Bandhan 2025: Date, Time, Rituals & Celebration Guide)

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रक्षा बंधन 2025 एक पवित्र और भावनात्मक पर्व है, जो भाई-बहन के प्रेम, विश्वास और सुरक्षा के अटूट बंधन का उत्सव है। यह पर्व हर साल श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है। वर्ष 2025 में रक्षा बंधन शनिवार, 9 अगस्त को मनाया जाएगा। रक्षा बंधन 2025 की तिथि और शुभ मुहूर्त (Raksha Bandhan Read More