मां शारदा की आरती का नियमित रूप से पाठ करने से व्यक्ति के जीवन में सृजनात्मकता, बुद्धिमत्ता और विवेक का विकास होता है। यह आध्यात्मिक उन्नति के साथ-साथ मानसिक शांति भी प्रदान करती है।
Saraswati Mata Ki Aarti : सरस्वती मां की आरती, ॐ जय सरस्वती माता
मां शारदा की आरती का लाभ (Benefits of Maa Sharda’s Aarti)
मां शारदा को माता सरस्वती के रूप में पूजा जाता है। वे ज्ञान, विद्या और बुद्धि की अधिष्ठात्री देवी मानी जाती हैं। विशेष रूप से विद्यार्थियों के लिए मां शारदा की आरती करना अत्यंत लाभकारी माना जाता है, क्योंकि इससे विद्या और शिक्षा के क्षेत्र में सफलता प्राप्त होती है। मां शारदा की आरती करने से व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और समस्त कठिनाइयाँ धीरे-धीरे समाप्त होने लगती हैं।
शारदा जी की आरती (Sharda ji ki Aarti)
भुवन विराजी शारदा महिमा अपरम्पार।
भक्तों के कल्याण को धरो मात अवतार॥
मैया शारदा तोरे दरबार,
आरती नित गाऊँ।
नित गाऊँ मैया नित गाऊँ,
मैया शारदा तोरे दरबार आरती नित गाऊँ।
श्रद्धा को दीया प्रीत की बाती असुअन तेल चढ़ाऊँ,
दर्श तोरे पाऊँ।
मैया शारदा तोरे दरबार,
आरती नित गाऊँ।
मन की माला आँख के मोती भाव के फूल चढ़ाऊँ,
दर्श तोरे पाऊँ।
मैया शारदा तोरे दरबार,
आरती नित गाऊँ।
बल को भोग स्वांस दिन राती कंधे से विनय सुनाऊँ,
दर्श तोरे पाऊँ।
मैया शारदा तोरे दरबार
आरती नित गाऊँ।
तप को हार कर्ण को टीका ध्यान की ध्वजा चढ़ाऊँ,
दर्श तोरे पाऊँ।
मैया शारदा तोरे दरबार,
आरती नित गाऊँ।
माँ के भजन साधु सन्तन को आरती रोज सुनाऊ,
दर्श तोरे पाऊँ।
मैया शारदा तोरे दरबार,
आरती नित गाऊँ।
सुमर-सुमर माँ के जस गावे चरनन शीश नवाऊँ,\ दर्श तोरे पाऊँ।
मैया शारदा तोरे दरबार,
आरती नित गाऊँ।
मैया शारदा तोरे दरबार आरती नित गाऊँ,
मैया शारदा तोरे दरबार,
आरती नित गाऊँ।
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