दिनभर की भागदौड़ में हमसे कई बार जाने-अनजाने में ऐसी गलतियां हो जाती हैं जिनका हमें स्वयं भी एहसास नहीं होता। ऐसे में भगवान शिव की यह क्षमा प्रार्थना मंत्र अत्यंत प्रभावशाली और भावपूर्ण माना जाता है। रात को सोने से पहले इस मंत्र का श्रद्धापूर्वक पाठ करने से मन शांत होता है और व्यक्ति अपने सभी दोषों के लिए महादेव से क्षमा याचना करता है।
शिव क्षमा प्रार्थना मंत्र
करचरणकृतं वाक्कायजं कर्मजं वा।
श्रवणनयनजं वा मानसं वापराधम्॥
विहितमविहितं वा सर्वमेतत् क्षमस्व।
जय जय करुणाब्धे श्रीमहादेव शम्भो॥
मंत्र का अर्थ
इस मंत्र में भक्त भगवान शिव से प्रार्थना करता है कि उसके हाथों, पैरों, वाणी, शरीर, मन, आंखों, कानों अथवा किसी भी प्रकार से जाने-अनजाने में जो भी अपराध या भूल हुई हो, वे सभी क्षमा कर दें। भगवान शिव को करुणा का सागर मानकर उनकी शरण में क्षमा की याचना की जाती है।
इस मंत्र के लाभ
- मन को शांति और सकारात्मकता प्राप्त होती है।
- दिनभर की गलतियों के लिए भगवान शिव से क्षमा मांगने का अवसर मिलता है।
- आत्मचिंतन और विनम्रता की भावना बढ़ती है।
- तनाव और मानसिक अशांति कम करने में सहायता मिलती है।
- भगवान शिव के प्रति श्रद्धा और भक्ति मजबूत होती है।
रात्रि में सोने से पहले कुछ क्षण शांत मन से इस मंत्र का जप करने से मन हल्का और प्रसन्न महसूस करता है। श्रद्धा और विश्वास के साथ किया गया यह क्षमा-प्रार्थना पाठ आध्यात्मिक शांति तथा सकारात्मक सोच विकसित करने का एक सुंदर माध्यम माना जाता है।
हनुमान भुजंगा स्तोत्रं (Hanuman Bhujanga Stotram)


