पूर्ण महामृत्युंजय मंत्र भगवान Shiva को समर्पित एक अत्यंत शक्तिशाली वैदिक मंत्र माना जाता है। इसे मृत्युंजय मंत्र या त्र्यंबक मंत्र भी कहा जाता है। यह मंत्र मूल रूप से Rigveda और Yajurveda में मिलता है।
हिंदू धर्म में इस मंत्र का जप आरोग्य, दीर्घायु, भय से मुक्ति और संकटों से रक्षा के लिए किया जाता है।
मंत्र (Mantra)
ॐ हौं जूं सः । ॐ भूर्भुवः स्वः ।
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् ।
उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात् ।
ॐ स्वः भुवः भूः ॐ सः जूं हौं ॐ ॥
इस मंत्र का महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस मंत्र का जप करने से:
- रोग और मानसिक तनाव कम होते हैं
- भय और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है
- लंबी आयु और स्वास्थ्य की कामना पूरी होती है
- आध्यात्मिक शक्ति और शांति मिलती है
इसी कारण इसे जीवन रक्षक मंत्र भी कहा जाता है।
मंत्र जप की सामान्य विधि
- सुबह ब्रह्म मुहूर्त या शाम को शांत स्थान पर बैठें
- भगवान शिव की तस्वीर या शिवलिंग के सामने जप करें
- 108 बार रुद्राक्ष माला से जप करना शुभ माना जाता है
- सोमवार और Maha Shivaratri के दिन इसका जप विशेष फलदायी माना जाता है


