
भोपाल की खूबसूरत श्यामला हिल्स पर स्थित स्टेट म्यूजियम भोपाल मध्यप्रदेश की समृद्ध ऐतिहासिक विरासत, कला, संस्कृति और प्राचीन सभ्यता का अनमोल खजाना माना जाता है। यह संग्रहालय केवल पुरानी वस्तुओं को रखने की जगह नहीं है, बल्कि भारत की हजारों साल पुरानी संस्कृति को जीवंत रूप में प्रस्तुत करने वाला एक अद्भुत केंद्र है। जब कोई पर्यटक इस म्यूजियम में प्रवेश करता है, तो उसे ऐसा महसूस होता है मानो वह समय की सुरंग से होकर प्राचीन भारत की यात्रा पर निकल पड़ा हो। यहां मौजूद दुर्लभ मूर्तियां, प्राचीन सिक्के, ऐतिहासिक हथियार, जीवाश्म और पांडुलिपियां हर व्यक्ति को रोमांचित कर देती हैं।
स्टेट म्यूजियम भोपाल अपनी विशाल और आधुनिक इमारत के लिए भी प्रसिद्ध है। संग्रहालय की वास्तुकला भारतीय संस्कृति और आधुनिक डिजाइन का शानदार मिश्रण प्रस्तुत करती है। इस म्यूजियम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां इतिहास को केवल किताबों की तरह नहीं दिखाया गया, बल्कि उसे जीवंत अनुभव के रूप में प्रस्तुत किया गया है। यहां की अलग-अलग गैलरियां पर्यटकों को भारत की प्राचीन कला, धार्मिक परंपराओं, आदिवासी संस्कृति और ऐतिहासिक घटनाओं के बारे में गहराई से जानकारी देती हैं।
इतिहास प्रेमियों, रिसर्च करने वाले छात्रों, कला में रुचि रखने वाले लोगों और परिवार के साथ घूमने आने वाले पर्यटकों के लिए यह स्थान किसी जादुई दुनिया से कम नहीं है। यहां घूमते समय हर गैलरी एक नई कहानी सुनाती है। संग्रहालय का शांत वातावरण और व्यवस्थित प्रदर्शन पर्यटकों को घंटों तक बांधे रखता है। खास बात यह है कि यहां बच्चों को भी इतिहास बेहद रोचक तरीके से समझ में आता है।
अगर आप भोपाल घूमने की योजना बना रहे हैं और शहर की ऐतिहासिक पहचान को करीब से महसूस करना चाहते हैं, तो स्टेट म्यूजियम भोपाल आपके सफर को यादगार बना देगा। यहां बिताया गया समय केवल मनोरंजन ही नहीं देता, बल्कि भारतीय संस्कृति और विरासत के प्रति गर्व का अनुभव भी कराता है।
नाग मंदिर भोपाल – एक रहस्यमयी शक्ति स्थल (Nag Mandir Bhopal – A Mysterious Power Shrine)
स्टेट म्यूजियम भोपाल का इतिहास (History of State Museum Bhopal)

स्टेट म्यूजियम भोपाल का इतिहास काफी रोचक है। इस संग्रहालय की स्थापना वर्ष 1964 में की गई थी। बाद में इसे आधुनिक रूप देने के लिए नया भवन बनाया गया और 2 नवंबर 2005 को इसका उद्घाटन किया गया।
स्टेट म्यूजियम भोपाल का इतिहास मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक यात्रा से गहराई से जुड़ा हुआ है। इसकी शुरुआत वर्ष 1909 में भोपाल रियासत के समय हुई थी, जब इसे “एडवर्ड म्यूजियम” के रूप में स्थापित किया गया। उस समय इसका मुख्य उद्देश्य भोपाल और आसपास के क्षेत्रों से प्राप्त ऐतिहासिक वस्तुओं, मूर्तियों और पुरातात्विक धरोहरों को सुरक्षित रखना था। धीरे-धीरे इस संग्रहालय का महत्व बढ़ता गया और यहां संग्रहित वस्तुओं की संख्या लगातार बढ़ने लगी।
भारत की आजादी और मध्यप्रदेश राज्य के गठन के बाद इस संग्रहालय को नया स्वरूप दिया गया। सरकार ने महसूस किया कि राज्य की समृद्ध ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों को सुरक्षित रखने के लिए एक बड़े और आधुनिक संग्रहालय की आवश्यकता है। इसके बाद भोपाल की खूबसूरत श्यामला हिल्स पर एक भव्य भवन का निर्माण किया गया। आधुनिक सुविधाओं से लैस यह नई इमारत वर्ष 2005 में आम जनता के लिए खोली गई। वर्तमान में यह संग्रहालय मध्यप्रदेश के सबसे महत्वपूर्ण और प्रतिष्ठित संग्रहालयों में गिना जाता है।
यहां प्रदर्शित की गई वस्तुएं मध्यप्रदेश के विभिन्न ऐतिहासिक स्थलों से लाई गई हैं। इनमें सांची, विदिशा, उज्जैन, खजुराहो और धार जैसे प्राचीन शहरों की दुर्लभ कलाकृतियां शामिल हैं। संग्रहालय में गुप्तकाल, मौर्यकाल, परमारकाल और चंदेल शासन की मूर्तियां विशेष आकर्षण का केंद्र हैं।
स्टेट म्यूजियम केवल इतिहास को सुरक्षित रखने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और सभ्यता के बारे में जागरूक करने का भी महत्वपूर्ण कार्य करता है। यहां समय-समय पर ऐतिहासिक प्रदर्शनियां, सांस्कृतिक कार्यक्रम और शैक्षणिक गतिविधियां आयोजित की जाती हैं। यही कारण है कि यह संग्रहालय केवल पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि शिक्षा और शोध का भी महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है।
आज यह म्यूजियम भोपाल की पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है। यहां आने वाले पर्यटक भारत की हजारों साल पुरानी कला, संस्कृति और इतिहास को बेहद करीब से महसूस कर सकते हैं।
करुणाधाम मंदिर भोपाल (Karunadham Temple Bhopal)
स्टेट म्यूजियम की विशेषताएँ (Features of State Museum)

स्टेट म्यूजियम भोपाल अपनी अद्भुत गैलरियों, दुर्लभ संग्रह और आधुनिक प्रस्तुति शैली के कारण पूरे भारत में प्रसिद्ध है। इस संग्रहालय की सबसे बड़ी विशेषता इसकी थीम आधारित गैलरियां हैं, जिनमें इतिहास और संस्कृति को बेहद आकर्षक तरीके से प्रस्तुत किया गया है। यहां कुल 17 से अधिक गैलरियां हैं और हर गैलरी अपने आप में एक अलग दुनिया जैसी महसूस होती है।
इस संग्रहालय में प्राचीन भारतीय मूर्तिकला का शानदार संग्रह मौजूद है। यहां भगवान शिव, विष्णु, बुद्ध, देवी लक्ष्मी और जैन तीर्थंकरों की दुर्लभ प्रतिमाएं प्रदर्शित की गई हैं। इन मूर्तियों की नक्काशी और कलात्मक सुंदरता पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देती है। खासतौर पर गुप्तकाल और परमारकाल की मूर्तियां यहां का मुख्य आकर्षण मानी जाती हैं।
संग्रहालय की ट्राइबल गैलरी भी बेहद प्रसिद्ध है। यहां मध्यप्रदेश की आदिवासी संस्कृति, परंपराओं, रहन-सहन और लोककला को बहुत सुंदर तरीके से दर्शाया गया है। आदिवासी आभूषण, पारंपरिक वस्त्र और लकड़ी की कलाकृतियां पर्यटकों को काफी आकर्षित करती हैं।
फॉसिल और प्री-हिस्टोरिक गैलरी में लाखों वर्ष पुराने जीवाश्म और प्राचीन पत्थर प्रदर्शित किए गए हैं। यह गैलरी विज्ञान और इतिहास में रुचि रखने वाले लोगों के लिए बेहद रोमांचक साबित होती है। यहां मौजूद दुर्लभ जीवाश्म पृथ्वी के प्राचीन इतिहास की झलक दिखाते हैं।
संग्रहालय की सबसे खास बात इसकी आधुनिक लाइटिंग और डिस्प्ले तकनीक है। हर वस्तु को इतने व्यवस्थित और आकर्षक तरीके से सजाया गया है कि पर्यटक घंटों तक उन्हें देखते रहते हैं। यहां का शांत वातावरण और साफ-सफाई लोगों के अनुभव को और भी बेहतर बना देती है।
फोटोग्राफी और इतिहास प्रेमियों के लिए यह स्थान किसी स्वर्ग से कम नहीं है। यहां का हर कोना कला और इतिहास की अनमोल कहानी सुनाता है। यही कारण है कि स्टेट म्यूजियम भोपाल आज मध्यप्रदेश के सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में गिना जाता है।
संग्रहालय के अंदर देखने लायक चीजें (Things to See Inside the Museum)

प्राचीन मूर्ति गैलरी (Ancient Sculpture Gallery)
यह गैलरी संग्रहालय का सबसे आकर्षक हिस्सा मानी जाती है। यहां गुप्तकाल, परमारकाल और चंदेलकाल की दुर्लभ मूर्तियां रखी गई हैं। भगवान शिव, विष्णु, बुद्ध और जैन तीर्थंकरों की विशाल प्रतिमाएं भारतीय कला की अद्भुत झलक प्रस्तुत करती हैं। इन मूर्तियों की नक्काशी इतनी सुंदर है कि लोग इन्हें देखकर मंत्रमुग्ध हो जाते हैं।
फॉसिल और प्रागैतिहासिक गैलरी (Fossil and Prehistoric Gallery)
इस गैलरी में लाखों वर्ष पुराने जीवाश्म, पत्थर और प्राचीन अवशेष रखे गए हैं। यहां घूमते समय ऐसा लगता है जैसे आप पृथ्वी के शुरुआती इतिहास को अपनी आंखों से देख रहे हों। बच्चों और विज्ञान प्रेमियों के लिए यह जगह बेहद रोमांचक होती है।
सिक्का गैलरी (Coin Gallery)
यहां प्राचीन भारत से लेकर मध्यकालीन शासन तक के दुर्लभ सिक्कों का विशाल संग्रह मौजूद है। इन सिक्कों के माध्यम से भारत की आर्थिक और राजनीतिक यात्रा को समझा जा सकता है। कुछ सिक्के इतने पुराने हैं कि उन्हें देखकर इतिहास जीवंत महसूस होने लगता है।
पांडुलिपि गैलरी (Manuscript Gallery)
इस गैलरी में संस्कृत, फारसी और अन्य भाषाओं की प्राचीन हस्तलिखित पांडुलिपियां रखी गई हैं। यहां मौजूद पुराने धार्मिक ग्रंथ और दस्तावेज भारतीय ज्ञान परंपरा की झलक दिखाते हैं।
हथियार गैलरी (Weapon Gallery)
पुराने समय में युद्ध में उपयोग किए जाने वाले तलवार, भाले, ढाल और बंदूकें यहां प्रदर्शित की गई हैं। यह गैलरी भारत के वीरता भरे इतिहास को बेहद रोमांचक तरीके से दर्शाती है।
ट्राइबल आर्ट गैलरी (Tribal Art Gallery)
मध्यप्रदेश की आदिवासी संस्कृति को दर्शाने वाली यह गैलरी रंग-बिरंगी कलाकृतियों और पारंपरिक वस्तुओं से भरी हुई है। यहां आदिवासी जीवन शैली को बेहद खूबसूरती से दिखाया गया है।
कंकाली माता मंदिर, गुदावल भोपाल (Kankali Mata Mandir, Gudawal Bhopal)
मिनीएचर पेंटिंग गैलरी (Miniature Painting Gallery)
यहां भारतीय लघु चित्रकला की दुर्लभ कृतियां रखी गई हैं। इन चित्रों में राजसी जीवन, प्रेम कहानियों और धार्मिक घटनाओं को बेहद सुंदर तरीके से दर्शाया गया है।
धार्मिक कला गैलरी (Religious Art Gallery)
इस गैलरी में बौद्ध, जैन और हिंदू धर्म से जुड़ी कलाकृतियां प्रदर्शित हैं। यहां की मूर्तियां और धार्मिक प्रतीक भारत की आध्यात्मिक परंपरा को दर्शाते हैं।
स्टेट म्यूजियम भोपाल की टाइमिंग (Timing of State Museum Bhopal)
संग्रहालय खुलने का समय
सुबह 10:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक
सोमवार और सरकारी छुट्टियों के दिन संग्रहालय बंद रहता है।
प्रवेश शुल्क (Entry Ticket)
भारतीय पर्यटकों के लिए प्रवेश शुल्क लगभग 10 रुपये है।
विदेशी पर्यटकों के लिए प्रवेश शुल्क लगभग 100 रुपये है।
कैमरा ले जाने के लिए अलग शुल्क लिया जाता है।
आसपास घूमने की जगहें (Nearby Places to Visit)
मध्यप्रदेश ट्राइबल म्यूजियम (Madhya Pradesh Tribal Museum)
स्टेट म्यूजियम के सबसे नजदीक स्थित यह संग्रहालय भोपाल के सबसे प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों में गिना जाता है। यहां मध्यप्रदेश की आदिवासी संस्कृति को बेहद अनोखे और कलात्मक तरीके से प्रस्तुत किया गया है। संग्रहालय के अंदर प्रवेश करते ही रंग-बिरंगी कलाकृतियां, विशाल लकड़ी की मूर्तियां, आदिवासी घरों की प्रतिकृतियां और लोक जीवन की झलक देखने को मिलती है। यहां हर गैलरी किसी कहानी की तरह महसूस होती है। इस संग्रहालय की सबसे खास बात यह है कि यहां केवल वस्तुएं नहीं रखी गईं, बल्कि आदिवासी जीवन शैली को जीवंत रूप में दिखाया गया है। शाम के समय यहां की लाइटिंग और सजावट इसे और भी खूबसूरत बना देती है। अगर आप फोटोग्राफी और कला प्रेमी हैं, तो यह जगह आपको बेहद पसंद आएगी। यहां समय-समय पर सांस्कृतिक कार्यक्रम और लोक नृत्य प्रदर्शन भी आयोजित किए जाते हैं। ट्राइबल म्यूजियम का वातावरण इतना आकर्षक है कि लोग यहां घंटों तक घूमना पसंद करते हैं। परिवार, बच्चों और इतिहास प्रेमियों के लिए यह जगह किसी रोमांचक सांस्कृतिक यात्रा से कम नहीं है।
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय (Indira Gandhi Rashtriya Manav Sangrahalaya)
यह विशाल मानव संग्रहालय भोपाल की सबसे अनोखी जगहों में से एक माना जाता है। यहां भारत की जनजातीय और ग्रामीण संस्कृति को खुले वातावरण में बेहद सुंदर तरीके से प्रदर्शित किया गया है। इस संग्रहालय का क्षेत्र बहुत बड़ा है और यहां विभिन्न राज्यों के पारंपरिक घरों की प्रतिकृतियां बनाई गई हैं। जंगलों और हरियाली के बीच स्थित यह स्थान प्रकृति प्रेमियों को भी काफी पसंद आता है। यहां घूमते समय ऐसा लगता है जैसे आप भारत के अलग-अलग गांवों की यात्रा कर रहे हों। संग्रहालय में कई ओपन एयर प्रदर्शनी क्षेत्र हैं जहां आदिवासी जीवन शैली, खेती, लोक कला और पारंपरिक रहन-सहन को दर्शाया गया है। यहां की शांति और प्राकृतिक वातावरण पर्यटकों को काफी सुकून देता है। बच्चों के लिए भी यह स्थान बेहद ज्ञानवर्धक माना जाता है क्योंकि यहां उन्हें भारतीय संस्कृति को बेहद रोचक तरीके से समझने का अवसर मिलता है। फोटोग्राफी और नेचर वॉक पसंद करने वालों के लिए यह जगह किसी स्वर्ग से कम नहीं है।
भारत भवन (Bharat Bhavan)
भारत भवन भोपाल का प्रसिद्ध सांस्कृतिक और कला केंद्र है, जो कला प्रेमियों के लिए किसी जादुई दुनिया से कम नहीं माना जाता। यहां संगीत, साहित्य, चित्रकला और रंगमंच से जुड़े कई कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इसकी वास्तुकला बेहद आकर्षक है और यहां से बड़ा तालाब का शानदार दृश्य दिखाई देता है। भारत भवन में कई कला दीर्घाएं मौजूद हैं जहां प्रसिद्ध कलाकारों की पेंटिंग्स और आधुनिक कला प्रदर्शित की जाती हैं। यहां स्थित ओपन एयर थिएटर में शाम के समय नाटक और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होती हैं, जो पर्यटकों को बेहद पसंद आती हैं। शांत वातावरण और सुंदर डिजाइन इस स्थान को और भी खास बना देते हैं। अगर आप कला और साहित्य में रुचि रखते हैं, तो यह जगह आपको लंबे समय तक याद रहेगी। यहां बैठकर बड़ा तालाब का नजारा देखना भी बेहद सुखद अनुभव माना जाता है। भोपाल घूमने आने वाले पर्यटक अक्सर इस स्थान को अपनी यात्रा का खास हिस्सा बनाते हैं।
बड़ा तालाब (Upper Lake Bhopal)
भोपाल का बड़ा तालाब शहर की सबसे खूबसूरत और प्रसिद्ध जगहों में से एक माना जाता है। इसे “भोपाल की शान” भी कहा जाता है। यह विशाल झील शाम के समय बेहद आकर्षक दिखाई देती है। यहां लोग बोटिंग, वॉकिंग और फोटोग्राफी का आनंद लेने आते हैं। सूर्यास्त के समय झील पर पड़ती सुनहरी रोशनी का दृश्य इतना मनमोहक होता है कि पर्यटक मंत्रमुग्ध हो जाते हैं। मानसून के मौसम में यहां की हरियाली और ठंडी हवा वातावरण को और भी रोमांचक बना देती है। तालाब के किनारे कई सुंदर व्यू पॉइंट और बैठने की जगहें बनाई गई हैं जहां परिवार और दोस्त आराम से समय बिताते हैं। यहां स्पीड बोट, पैडल बोट और क्रूज राइड जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध रहती हैं। अगर आप प्रकृति के बीच कुछ शांत समय बिताना चाहते हैं, तो यह स्थान आपके लिए बिल्कुल उपयुक्त है। रात के समय झील के आसपास की रंगीन लाइटिंग इसकी सुंदरता को और भी बढ़ा देती है।
वन विहार नेशनल पार्क (Van Vihar National Park)
बड़ा तालाब के किनारे स्थित वन विहार नेशनल पार्क भोपाल की सबसे खूबसूरत प्राकृतिक जगहों में गिना जाता है। यह राष्ट्रीय उद्यान वन्यजीव प्रेमियों और प्रकृति के करीब समय बिताने वालों के लिए बेहद खास स्थान है। यहां शेर, बाघ, हिरण, भालू, मगरमच्छ और कई दुर्लभ पक्षियों को करीब से देखा जा सकता है। पार्क का शांत वातावरण और हरियाली लोगों को काफी आकर्षित करती है। यहां साइकिलिंग और नेचर वॉक का अनुभव बेहद शानदार माना जाता है। सुबह के समय यहां ठंडी हवा और पक्षियों की आवाजें वातावरण को बेहद सुखद बना देती हैं। फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए भी यह जगह शानदार मानी जाती है क्योंकि यहां प्रकृति के अद्भुत दृश्य देखने को मिलते हैं। बच्चों के लिए यह स्थान किसी रोमांचक जंगल सफारी जैसा अनुभव देता है। अगर आप शहर की भीड़भाड़ से दूर प्रकृति के बीच कुछ समय बिताना चाहते हैं, तो वन विहार नेशनल पार्क जरूर घूमना चाहिए।
सैर सपाटा (Sair Sapata Bhopal)
सैर सपाटा भोपाल का बेहद लोकप्रिय फैमिली एंटरटेनमेंट स्पॉट है। यह स्थान खासतौर पर बच्चों और परिवार के साथ घूमने वालों के बीच काफी प्रसिद्ध है। यहां म्यूजिकल फाउंटेन, झूले, सस्पेंशन ब्रिज और कई मनोरंजक गतिविधियां मौजूद हैं। शाम के समय यहां की रंगीन लाइटिंग और फाउंटेन शो लोगों को बेहद आकर्षित करते हैं। यहां बच्चों के खेलने के लिए विशेष क्षेत्र भी बनाया गया है जहां वे खूब आनंद उठा सकते हैं। झील के किनारे स्थित होने के कारण यहां का वातावरण काफी खूबसूरत और शांत लगता है। कई लोग यहां शाम की सैर और फोटोग्राफी के लिए भी आते हैं। अगर आप पूरे दिन म्यूजियम घूमने के बाद थोड़ा मनोरंजन और रिलैक्स महसूस करना चाहते हैं, तो सैर सपाटा आपके लिए शानदार विकल्प साबित हो सकता है।
गौहर महल (Gauhar Mahal)
गौहर महल भोपाल की नवाबी विरासत का बेहद खूबसूरत उदाहरण माना जाता है। यह ऐतिहासिक महल पुराने भोपाल की शान को दर्शाता है। इसकी वास्तुकला में मुगल और हिंदू शैली का अद्भुत मिश्रण देखने को मिलता है। महल के विशाल आंगन, सुंदर खिड़कियां और नक्काशीदार दीवारें पर्यटकों को काफी आकर्षित करती हैं। यहां कई सांस्कृतिक कार्यक्रम और हस्तशिल्प मेले भी आयोजित किए जाते हैं। अगर आप भोपाल के इतिहास और नवाबी संस्कृति को करीब से देखना चाहते हैं, तो यह स्थान जरूर घूमना चाहिए। महल के आसपास का वातावरण भी काफी आकर्षक है और यहां से बड़ा तालाब का खूबसूरत दृश्य दिखाई देता है। फोटोग्राफी प्रेमियों के लिए यह स्थान बेहद खास माना जाता है।
बिरला मंदिर (Birla Mandir Bhopal)
अरेरा हिल्स पर स्थित बिरला मंदिर भोपाल के सबसे प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों में गिना जाता है। भगवान लक्ष्मी नारायण को समर्पित यह मंदिर अपनी भव्यता और शांत वातावरण के लिए जाना जाता है। यहां से पूरे भोपाल शहर और बड़ा तालाब का शानदार दृश्य दिखाई देता है। मंदिर की सफेद संगमरमर की संरचना बेहद आकर्षक लगती है। शाम की आरती के समय यहां का वातावरण बहुत आध्यात्मिक महसूस होता है। धार्मिक आस्था के साथ-साथ यह स्थान फोटोग्राफी और शांत समय बिताने के लिए भी प्रसिद्ध है। मंदिर परिसर बेहद साफ-सुथरा और व्यवस्थित है। यहां आने वाले पर्यटक आध्यात्मिक शांति के साथ-साथ भोपाल शहर का शानदार दृश्य भी देख सकते हैं।
शौर्य स्मारक (Shaurya Smarak Bhopal)
यह स्मारक भारतीय सेना के वीर जवानों को समर्पित एक प्रेरणादायक स्थल है। यहां युद्ध इतिहास और सैनिकों की बहादुरी को बेहद प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत किया गया है। स्मारक की वास्तुकला आधुनिक और आकर्षक है। शाम के समय यहां की लाइटिंग इसे और भी शानदार बना देती है। यहां आने वाले लोगों को देशभक्ति और गर्व का अद्भुत अनुभव होता है। स्मारक परिसर में कई कलात्मक संरचनाएं और प्रदर्शनी क्षेत्र बनाए गए हैं जो भारतीय सेना के साहस और बलिदान की कहानी बताते हैं। यह स्थान युवाओं और बच्चों के लिए काफी प्रेरणादायक माना जाता है।
रीजनल साइंस सेंटर (Regional Science Center Bhopal)
रीजनल साइंस सेंटर बच्चों और युवाओं के लिए बेहद रोमांचक जगह है। यहां विज्ञान को मजेदार और इंटरैक्टिव तरीके से समझाया गया है। कई वैज्ञानिक मॉडल और प्रयोग ऐसे हैं जिन्हें देखकर बच्चे विज्ञान को आसानी से समझ पाते हैं। यहां डायनासोर मॉडल, 3D शो और साइंस प्रदर्शनी लोगों को खास तौर पर आकर्षित करती है। परिवार के साथ घूमने के लिए यह शानदार स्थान माना जाता है। विज्ञान में रुचि रखने वाले छात्रों के लिए यह जगह बेहद ज्ञानवर्धक साबित होती है।
ध्यान देने योग्य बातें (Important Things to Remember)
स्टेट म्यूजियम घूमने जाते समय आरामदायक कपड़े और जूते पहनना बेहतर रहता है क्योंकि संग्रहालय काफी बड़ा है। गर्मी के मौसम में सुबह या शाम के समय घूमना अधिक आरामदायक रहता है। अगर आप इतिहास को गहराई से समझना चाहते हैं, तो गाइड की मदद लेना अच्छा विकल्प हो सकता है।
संग्रहालय के अंदर कई जगह फोटोग्राफी नियम लागू होते हैं, इसलिए कैमरा उपयोग करने से पहले अनुमति जरूर लें। बच्चों के साथ यात्रा कर रहे हैं तो उन्हें प्राचीन वस्तुओं को छूने से रोकें क्योंकि यहां रखी चीजें बेहद मूल्यवान और ऐतिहासिक हैं।
भारत भवन, भोपाल (Bharat Bhavan, Bhopal) — कला का अद्भुत संसार (A Wonderful World of Art)
स्टेट म्यूजियम भोपाल का पूरा पता (Full Address of State Museum Bhopal)
स्टेट म्यूजियम भोपाल
श्यामला हिल्स रोड
श्यामला हिल्स
Bhopal
मध्यप्रदेश – 462002
भारत
स्टेट म्यूजियम भोपाल कैसे पहुँचे (Travel Guide to State Museum Bhopal)
सड़क मार्ग से (By Road)
भोपाल भारत के कई बड़े शहरों से सड़क मार्ग द्वारा अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। आप बस, टैक्सी या निजी वाहन से आसानी से यहाँ पहुँच सकते हैं।
रेल मार्ग से (By Train)
सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन है Bhopal Junction Railway Station।
यहाँ से संग्रहालय लगभग 6 से 8 किलोमीटर दूर है और आप ऑटो या टैक्सी से आसानी से पहुँच सकते हैं।
हवाई मार्ग से (By Air)
सबसे नजदीकी हवाई अड्डा है Raja Bhoj Airport।
यह एयरपोर्ट संग्रहालय से लगभग 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।
भोपाल राज्य संग्रहालय की तस्वीरें (Images of State Museum Bhopal)





घूमने का सबसे अच्छा समय (Best Time to Visit)
स्टेट म्यूजियम भोपाल घूमने का सबसे अच्छा समय अक्टूबर से मार्च के बीच माना जाता है। इस दौरान मौसम सुहावना रहता है और आप आराम से संग्रहालय और आसपास के पर्यटन स्थलों का आनंद ले सकते हैं।


