
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल को “झीलों का शहर” कहा जाता है, क्योंकि यहां कई खूबसूरत झीलें मौजूद हैं। इन्हीं झीलों में से एक है शाहपुरा लेक, जो शहर के आधुनिक और विकसित इलाके में स्थित एक शांत और आकर्षक पर्यटन स्थल है।
शहर के बीचों-बीच स्थित यह झील प्राकृतिक सुंदरता, शांत वातावरण और मनोरम दृश्यों के कारण स्थानीय लोगों और पर्यटकों दोनों के बीच बेहद लोकप्रिय है। सुबह की ताजी हवा, शाम का सुनहरा सूर्यास्त और पानी में झलकती शहर की रोशनी यहां आने वाले हर व्यक्ति को मंत्रमुग्ध कर देती है। यही कारण है कि शाहपुरा लेक भोपाल की सबसे पसंदीदा घूमने वाली जगहों में गिनी जाती है।
शाहपुरा क्षेत्र भोपाल का एक विकसित और आधुनिक इलाका माना जाता है, इसलिए यहां पहुंचना भी काफी आसान है। झील के आसपास बना लेकफ्रंट, हरियाली और खुला वातावरण लोगों को शहर की भागदौड़ से कुछ समय के लिए राहत देता है। यहां सुबह के समय मॉर्निंग वॉक करने वालों की अच्छी-खासी भीड़ दिखाई देती है, जबकि शाम के समय परिवार, दोस्त और कपल्स यहां घूमने और समय बिताने आते हैं। यह स्थान केवल प्राकृतिक सुंदरता के लिए ही नहीं बल्कि मानसिक शांति और रिलैक्सेशन के लिए भी प्रसिद्ध है।
मानसून के मौसम में शाहपुरा लेक का नजारा और भी अधिक आकर्षक हो जाता है। बारिश के बाद झील के आसपास फैली हरियाली और ठंडी हवाएं पूरे माहौल को बेहद रोमांचक बना देती हैं। सर्दियों के मौसम में यहां का वातावरण फोटोग्राफी और बर्ड वॉचिंग के लिए भी शानदार माना जाता है। कई लोग यहां सिर्फ सूर्यास्त देखने आते हैं क्योंकि शाम के समय झील का दृश्य किसी चित्रकारी से कम नहीं लगता।
यह स्थान युवाओं के लिए सोशल मीडिया फोटोग्राफी और वीडियो शूटिंग का भी पसंदीदा स्पॉट बन चुका है। यहां की प्राकृतिक रोशनी और शांत वातावरण फोटोग्राफी के लिए बेहतरीन माना जाता है। इसके अलावा झील के आसपास मिलने वाला स्ट्रीट फूड इस अनुभव को और भी मजेदार बना देता है। कुल मिलाकर शाहपुरा लेक एक ऐसी जगह है जहां प्रकृति, सुकून और मनोरंजन का अद्भुत संगम देखने को मिलता है।
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इतिहास (History)

भोपाल की पहचान सदियों से उसकी झीलों और प्राकृतिक जलाशयों से जुड़ी रही है। शाहपुरा लेक भी इसी झील संस्कृति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। हालांकि यह भोजताल जैसी प्राचीन ऐतिहासिक झील नहीं है, लेकिन आधुनिक भोपाल के विकास के साथ इसकी लोकप्रियता और महत्व लगातार बढ़ता गया। शाहपुरा क्षेत्र को विकसित करने के दौरान इस झील के आसपास आवासीय और सार्वजनिक सुविधाओं का निर्माण किया गया, जिससे यह क्षेत्र शहर का एक प्रमुख आकर्षण बन गया।
शुरुआत में यह झील मुख्य रूप से स्थानीय जल स्रोत और प्राकृतिक क्षेत्र के रूप में जानी जाती थी, लेकिन समय के साथ यहां लोगों का आना-जाना बढ़ने लगा। धीरे-धीरे यह स्थान मॉर्निंग वॉक, शाम की सैर और पारिवारिक समय बिताने के लिए लोकप्रिय हो गया। भोपाल के लोगों ने इस झील को केवल एक जलाशय के रूप में नहीं बल्कि अपने सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन का हिस्सा बना लिया।
1990 और 2000 के दशक में शाहपुरा क्षेत्र तेजी से विकसित हुआ और इसके साथ ही शाहपुरा लेक के आसपास भी कई सुविधाएं विकसित की गईं। यहां लेकफ्रंट, बैठने की व्यवस्था और हरियाली को बढ़ावा दिया गया ताकि लोग प्राकृतिक वातावरण का आनंद ले सकें। धीरे-धीरे यह स्थान युवाओं और फोटोग्राफी प्रेमियों के बीच भी प्रसिद्ध हो गया। शाम के समय यहां का वातावरण इतना आकर्षक दिखाई देता है कि यह भोपाल के सबसे व्यस्त और जीवंत स्थानों में शामिल हो गया।
स्थानीय लोगों के अनुसार पहले यहां आसपास छोटे-छोटे फूड स्टॉल और चाय की दुकानें काफी लोकप्रिय थीं, जहां लोग घंटों बैठकर झील का आनंद लेते थे। आज भी यह परंपरा काफी हद तक बनी हुई है। वर्तमान समय में शाहपुरा लेक केवल एक पर्यटन स्थल नहीं बल्कि भोपाल की आधुनिक जीवनशैली और पर्यावरणीय संतुलन का प्रतीक बन चुकी है।
यह झील पर्यावरणीय दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यहां कई प्रकार के पक्षी और प्राकृतिक जीव दिखाई देते हैं। मानसून और सर्दियों के मौसम में यहां की प्राकृतिक सुंदरता चरम पर होती है। इसी वजह से आज शाहपुरा लेक भोपाल के सबसे प्रसिद्ध और पसंदीदा सार्वजनिक स्थलों में गिनी जाती है।
फोर लेक्स भोपाल (Four Lakes Bhopal)
शाहपुरा लेक की विशेषताएँ (Special Features)

शाहपुरा लेक की सबसे बड़ी विशेषता इसका शांत और प्राकृतिक वातावरण है। शहर के बीच स्थित होने के बावजूद यहां पहुंचते ही व्यक्ति को ऐसा महसूस होता है जैसे वह किसी प्राकृतिक और सुकून भरी दुनिया में आ गया हो। झील के चारों ओर फैली हरियाली, ठंडी हवाएं और पानी की चमक इस स्थान को बेहद आकर्षक बनाती हैं। यही कारण है कि यहां आने वाले लोग मानसिक शांति और रिलैक्सेशन का अनुभव करते हैं।
यह झील मॉर्निंग वॉक और फिटनेस गतिविधियों के लिए भी काफी प्रसिद्ध है। सुबह के समय यहां सैकड़ों लोग दौड़ लगाने, योग करने और साइकिलिंग करने आते हैं। ताजी हवा और प्राकृतिक वातावरण लोगों को ऊर्जा से भर देता है। वहीं शाम के समय यहां का माहौल पूरी तरह बदल जाता है। सूर्यास्त के समय पानी पर पड़ती सुनहरी किरणें पूरे क्षेत्र को बेहद रोमांटिक और खूबसूरत बना देती हैं।
फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए शाहपुरा लेक किसी स्वर्ग से कम नहीं है। मानसून में यहां का दृश्य बेहद आकर्षक दिखाई देता है। बारिश के बाद हरियाली और बादलों का प्रतिबिंब झील के पानी में दिखाई देता है, जो फोटोग्राफी को और भी शानदार बना देता है। सर्दियों में यहां कई प्रवासी पक्षी भी दिखाई देते हैं, जिससे बर्ड वॉचिंग का अनुभव खास बन जाता है।
शाहपुरा लेक की एक और खासियत इसका सामाजिक वातावरण है। यहां परिवार, दोस्त और युवा बड़ी संख्या में समय बिताने आते हैं। शाम के समय आसपास मिलने वाला स्ट्रीट फूड इस जगह को और भी जीवंत बना देता है। चाय, भेलपुरी, चाट और स्नैक्स का आनंद लेते हुए झील का दृश्य देखना यहां आने वालों के लिए यादगार अनुभव बन जाता है।
इसके अलावा यहां का लेकफ्रंट और बैठने की व्यवस्था भी लोगों को काफी पसंद आती है। कई लोग यहां घंटों बैठकर प्रकृति का आनंद लेते हैं। रात के समय झील के आसपास का वातावरण शांत और ठंडा हो जाता है, जो मानसिक सुकून देने वाला महसूस होता है। यही वजह है कि शाहपुरा लेक भोपाल की सबसे खूबसूरत और लोकप्रिय झीलों में शामिल है।
शाहपुरा लेक में देखने लायक चीजें (Things to See Inside)
लेकफ्रंट वॉकिंग ट्रैक (Lakefront Walking Track)
शाहपुरा लेक का सबसे आकर्षक हिस्सा इसका सुंदर वॉकिंग ट्रैक है। यह ट्रैक झील के किनारे बना हुआ है और यहां सुबह तथा शाम के समय लोगों की अच्छी-खासी भीड़ दिखाई देती है। मॉर्निंग वॉक, रनिंग और फिटनेस गतिविधियों के लिए यह स्थान बेहद लोकप्रिय माना जाता है। ट्रैक के आसपास फैली हरियाली और ठंडी हवाएं वातावरण को ताजगी से भर देती हैं। यहां चलते समय झील का शांत पानी और पक्षियों की आवाजें मन को सुकून देती हैं।
सूर्यास्त पॉइंट (Sunset Point)
शाम के समय शाहपुरा लेक का सूर्यास्त दृश्य बेहद मनमोहक दिखाई देता है। सूरज की सुनहरी किरणें जब झील के पानी पर पड़ती हैं, तो पूरा वातावरण किसी चित्रकारी जैसा लगता है। यही कारण है कि यहां शाम के समय सबसे ज्यादा भीड़ देखने को मिलती है। फोटोग्राफी और वीडियो शूटिंग के लिए यह जगह बेहद प्रसिद्ध है।
प्राकृतिक हरियाली और गार्डन (Greenery and Garden Area)
झील के आसपास कई स्थानों पर हरियाली और छोटे-छोटे गार्डन विकसित किए गए हैं। यहां बैठकर लोग शांत वातावरण का आनंद लेते हैं। मानसून के मौसम में यह क्षेत्र और भी अधिक खूबसूरत दिखाई देता है। हर तरफ फैली हरियाली इस जगह को प्राकृतिक स्वर्ग जैसा बना देती है।
बर्ड वॉचिंग एरिया (Bird Watching Area)
सर्दियों और मानसून में यहां कई प्रकार के पक्षी दिखाई देते हैं। प्रकृति प्रेमियों और बर्ड फोटोग्राफर्स के लिए यह स्थान बेहद खास माना जाता है। सुबह के समय यहां पक्षियों की आवाजें पूरे वातावरण को जीवंत बना देती हैं।
स्ट्रीट फूड जोन (Street Food Zone)
शाम के समय झील के आसपास कई फूड स्टॉल लगते हैं। यहां मिलने वाली चाय, भेलपुरी, चाट और स्नैक्स लोगों को काफी पसंद आते हैं। झील के किनारे बैठकर स्वादिष्ट स्ट्रीट फूड का आनंद लेना यहां आने वाले पर्यटकों के लिए खास अनुभव बन जाता है।
फोटोग्राफी पॉइंट्स (Photography Points)
शाहपुरा लेक में कई ऐसे स्थान हैं जहां से झील और आसपास की हरियाली का शानदार दृश्य दिखाई देता है। सोशल मीडिया रील्स और फोटोग्राफी के लिए यह स्थान युवाओं के बीच बेहद लोकप्रिय है।
शाहपुरा लेक की टाइमिंग (Timing)
झील क्षेत्र पूरे दिन खुला रहता है, लेकिन घूमने के लिए सुबह और शाम का समय सबसे अच्छा माना जाता है।
पार्क की सामान्य टाइमिंग
सुबह लगभग 7:00 बजे से रात 8:30 बजे तक
एंट्री टिकट (Entry Fee)
शाहपुरा लेक में घूमने के लिए किसी प्रकार का प्रवेश शुल्क नहीं लिया जाता। यहां आकर आप मुफ्त में प्रकृति का आनंद ले सकते हैं।
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आसपास घूमने की जगहें (Nearby Places to Visit)
वन विहार नेशनल पार्क (Van Vihar National Park)
शाहपुरा लेक के आसपास घूमने वाले सबसे लोकप्रिय और रोमांचक स्थानों में वन विहार नेशनल पार्क का नाम सबसे पहले आता है। यह भोपाल का प्रसिद्ध नेशनल पार्क है, जो बड़े तालाब के किनारे स्थित है। यहां प्राकृतिक वातावरण और वन्यजीवन का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। यह स्थान खासतौर पर उन लोगों के लिए स्वर्ग जैसा माना जाता है जिन्हें प्रकृति, जंगल और जानवरों से लगाव होता है।
वन विहार की सबसे खास बात यह है कि यहां जानवरों को काफी प्राकृतिक वातावरण में रखा गया है। यहां टाइगर, शेर, तेंदुआ, भालू, मगरमच्छ, सांभर, हिरण और कई दुर्लभ पक्षियों की प्रजातियां देखने को मिलती हैं। सुबह के समय यहां का वातावरण बेहद शांत और ताजगी भरा होता है। सर्दियों में यहां बर्ड वॉचिंग का अनुभव और भी शानदार हो जाता है क्योंकि कई प्रवासी पक्षी यहां दिखाई देते हैं।
यहां साइकिलिंग और पैदल घूमने का भी अलग आनंद मिलता है। पार्क के अंदर सड़क के दोनों तरफ हरियाली और प्राकृतिक दृश्य दिखाई देते हैं, जो मन को बेहद सुकून देते हैं। फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए यह जगह बेहद खास मानी जाती है। अगर आप परिवार या बच्चों के साथ भोपाल घूमने आए हैं, तो वन विहार एक परफेक्ट डेस्टिनेशन साबित हो सकता है।
बड़ा तालाब / भोजताल (Upper Lake Bhopal)
भोपाल की पहचान उसकी विशाल झीलों से जुड़ी हुई है और उनमें सबसे प्रसिद्ध है बड़ा तालाब, जिसे भोजताल भी कहा जाता है। यह झील शाहपुरा लेक से ज्यादा दूर नहीं है और भोपाल आने वाले लगभग हर पर्यटक की पहली पसंद मानी जाती है। विशाल पानी का क्षेत्र, ठंडी हवाएं और सूर्यास्त का शानदार दृश्य इस जगह को बेहद खास बना देता है।
भोजताल केवल एक झील नहीं बल्कि भोपाल की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान का हिस्सा है। कहा जाता है कि इसका निर्माण राजा भोज द्वारा कराया गया था। यहां बोटिंग, स्पीड बोट और क्रूज जैसी गतिविधियां भी उपलब्ध हैं, जो पर्यटकों को रोमांचक अनुभव देती हैं। शाम के समय झील के किनारे बैठकर सूर्यास्त देखना बेहद यादगार अनुभव माना जाता है।
मानसून के मौसम में यहां का दृश्य और भी खूबसूरत हो जाता है। झील के आसपास की हरियाली और ठंडी हवाएं पूरे वातावरण को जादुई बना देती हैं। यहां का VIP रोड भी काफी प्रसिद्ध है, जहां लोग रात के समय घूमने और फोटोग्राफी करने आते हैं। बड़े तालाब का शांत वातावरण मानसिक सुकून देने वाला महसूस होता है।
सैर सपाटा (Sair Sapata Bhopal)
अगर आप मनोरंजन, फैमिली आउटिंग और रोमांच का मजा लेना चाहते हैं, तो सैर सपाटा आपके लिए शानदार जगह है। यह स्थान बड़े तालाब के पास स्थित है और बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी के बीच काफी लोकप्रिय है। यहां का माहौल बेहद रंगीन और जीवंत दिखाई देता है।
सैर सपाटा की सबसे बड़ी खासियत यहां बना सस्पेंशन ब्रिज है, जहां चलने का अनुभव रोमांच से भर देता है। इसके अलावा यहां म्यूजिकल फाउंटेन, टॉय ट्रेन और कई मनोरंजन गतिविधियां मौजूद हैं। शाम के समय यहां लाइटिंग और फाउंटेन शो पूरे माहौल को बेहद आकर्षक बना देते हैं।
यहां कई फूड स्टॉल और रेस्टोरेंट भी मौजूद हैं, जहां भोपाली स्वाद का आनंद लिया जा सकता है। परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताने के लिए यह जगह परफेक्ट मानी जाती है। बच्चों के लिए यहां कई एक्टिविटीज उपलब्ध रहती हैं, जिससे उनका अनुभव और भी मजेदार बन जाता है।
रीजनल साइंस सेंटर (Regional Science Center Bhopal)
विज्ञान और तकनीक में रुचि रखने वाले लोगों के लिए रीजनल साइंस सेंटर एक शानदार स्थान है। यह जगह बच्चों और छात्रों के बीच काफी लोकप्रिय है क्योंकि यहां विज्ञान को बेहद रोचक और इंटरैक्टिव तरीके से प्रस्तुत किया गया है।
यहां कई साइंस मॉडल, प्रयोग और 3D शो देखने को मिलते हैं। बच्चों को यहां विज्ञान से जुड़ी चीजों को समझने का अनोखा अनुभव मिलता है। यहां का वातावरण शिक्षाप्रद होने के साथ-साथ मनोरंजक भी है। अगर आप परिवार के साथ घूमने जा रहे हैं, तो यह स्थान बच्चों के लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकता है।
यहां समय-समय पर विज्ञान प्रदर्शनियां और विशेष कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं। फोटोग्राफी और सीखने के शौकीनों के लिए यह जगह बेहद खास मानी जाती है।
ट्राइबल म्यूजियम (Tribal Museum Bhopal)
भोपाल का ट्राइबल म्यूजियम भारत के सबसे बेहतरीन जनजातीय संग्रहालयों में गिना जाता है। यहां मध्यप्रदेश की जनजातीय संस्कृति, कला और जीवनशैली को बेहद खूबसूरती से प्रदर्शित किया गया है।
म्यूजियम के अंदर प्रवेश करते ही आपको ऐसा महसूस होता है जैसे आप किसी आदिवासी गांव की दुनिया में पहुंच गए हों। यहां लकड़ी की कलाकृतियां, पारंपरिक घरों के मॉडल, लोक कला और जनजातीय जीवन के दृश्य बेहद आकर्षक तरीके से बनाए गए हैं।
यह जगह कला प्रेमियों, इतिहास में रुचि रखने वालों और फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए बेहद खास है। यहां का हर सेक्शन मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को जीवंत रूप में दर्शाता है।
बिरला मंदिर (Birla Mandir Bhopal)
भोपाल का बिरला मंदिर धार्मिक और पर्यटन दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थान माना जाता है। यह मंदिर भगवान लक्ष्मी नारायण को समर्पित है और एक ऊंची पहाड़ी पर स्थित होने के कारण यहां से पूरे शहर का शानदार दृश्य दिखाई देता है।
मंदिर का शांत वातावरण और सुंदर वास्तुकला लोगों को मानसिक शांति प्रदान करती है। शाम के समय यहां से दिखाई देने वाला भोपाल शहर का दृश्य बेहद आकर्षक लगता है। मंदिर परिसर साफ-सुथरा और शांत रहता है, जिससे यहां समय बिताना सुखद अनुभव बन जाता है।
शौर्य स्मारक (Shaurya Smarak)
शौर्य स्मारक भारतीय सेना के वीर जवानों की याद में बनाया गया एक प्रेरणादायक स्मारक है। यहां की वास्तुकला और डिजाइन देशभक्ति की भावना से भर देती है।
यहां कई गैलरी, स्मारक संरचनाएं और प्रकाश व्यवस्था देखने लायक हैं। रात के समय यहां की लाइटिंग बेहद आकर्षक दिखाई देती है। यह स्थान युवाओं और इतिहास प्रेमियों के लिए खास महत्व रखता है।
गौहर महल (Gohar Mahal)
पुराने भोपाल की ऐतिहासिक विरासत को करीब से देखने के लिए गौहर महल शानदार जगह है। यह महल भोपाल की पहली महिला शासक कुदसिया बेगम द्वारा बनवाया गया था और इसकी वास्तुकला मुगल और भारतीय शैली का सुंदर मिश्रण दर्शाती है।
महल के अंदर की डिजाइन और नक्काशी पर्यटकों को काफी आकर्षित करती है। यहां समय-समय पर सांस्कृतिक कार्यक्रम और हस्तशिल्प मेले भी आयोजित किए जाते हैं। इतिहास और पुरानी वास्तुकला पसंद करने वालों के लिए यह स्थान बेहद खास माना जाता है।
यहां ध्यान देने योग्य बातें (Things to Keep in Mind)
शाहपुरा लेक घूमने जाते समय कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है ताकि आपकी यात्रा सुरक्षित और आरामदायक बन सके। सबसे पहले कोशिश करें कि आप सुबह या शाम के समय यहां जाएं क्योंकि दोपहर में गर्मियों के दौरान धूप काफी तेज हो सकती है। सुबह और शाम के समय यहां का वातावरण ज्यादा खूबसूरत और शांत दिखाई देता है।
मानसून के मौसम में यहां का दृश्य बेहद आकर्षक हो जाता है, लेकिन बारिश के कारण कुछ जगहों पर फिसलन हो सकती है। इसलिए आरामदायक और अच्छे ग्रिप वाले जूते पहनना बेहतर माना जाता है। बच्चों के साथ आने पर उन्हें झील के बहुत करीब अकेला न छोड़ें।
यह एक सार्वजनिक प्राकृतिक क्षेत्र है, इसलिए यहां सफाई बनाए रखना हर पर्यटक की जिम्मेदारी है। झील में प्लास्टिक, कचरा या खाने-पीने की चीजें नहीं फेंकनी चाहिए। इससे पर्यावरण और जल गुणवत्ता दोनों प्रभावित होती हैं।
अगर आप फोटोग्राफी करने जा रहे हैं, तो अपने कैमरे और मोबाइल को पानी से सुरक्षित रखें। शाम के समय यहां काफी भीड़ रहती है, इसलिए अपने सामान का ध्यान रखना भी जरूरी है।
स्ट्रीट फूड का आनंद लेते समय साफ-सफाई का ध्यान रखें। मानसून के दौरान मच्छरों से बचने के लिए रिपेलेंट साथ रखना अच्छा विकल्प हो सकता है। रात में बहुत सुनसान क्षेत्रों में अकेले जाने से बचना चाहिए।
शाहपुरा लेक का पूरा पता (Full Address)
शाहपुरा लेक, शाहपुरा, भोपाल, मध्य प्रदेश – 462016, भारत
मनुआभान टेकरी जैन मंदिर भोपाल (Manuabhan Tekri Jain Temple Bhopal)
भोपाल की शाहपुरा झील की तस्वीरें (Images of Shahpura Lake Bhopal)





शाहपुरा लेक ट्रैवल गाइड (Travel Guide)
हवाई मार्ग से (By Air)
सबसे नजदीकी हवाई अड्डा राजा भोज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है, जो यहां से लगभग 20–25 किलोमीटर दूर स्थित है।
रेल मार्ग से (By Train)
सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन रानी कमलापति रेलवे स्टेशन और
भोपाल जंक्शन रेलवे स्टेशन
सड़क मार्ग से (By Road)
शहर के किसी भी हिस्से से टैक्सी, ऑटो या बस के माध्यम से यहां आसानी से पहुंचा जा सकता है। यह भोपाल शहर के केंद्र से लगभग 9 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।
घूमने का सबसे अच्छा समय (Best Time to Visit)
अक्टूबर से मार्च का समय यहां घूमने के लिए सबसे अच्छा माना जाता है। इस दौरान मौसम सुहावना रहता है और झील की प्राकृतिक सुंदरता का आनंद और भी बढ़ जाता है।


