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tourist places in india in Hindi मंडला के दर्शनीय और पर्यटन स्थल (Tourist and Sightseeing Places of Mandla)

मंडला का किला (Mandla Fort)

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मध्य प्रदेश के हृदय में स्थित मंडला का किला केवल पत्थरों और दीवारों से बना एक प्राचीन दुर्ग नहीं है, बल्कि यह गोंड राजाओं की समृद्ध संस्कृति, उनकी सैन्य शक्ति और स्थापत्य कला का जीवंत प्रमाण भी है। पवित्र नर्मदा नदी के किनारे स्थित यह ऐतिहासिक किला सदियों से समय के अनेक उतार-चढ़ाव का साक्षी रहा है। कभी यह गोंड साम्राज्य की राजधानी का महत्वपूर्ण सुरक्षा केंद्र हुआ करता था, जहाँ से राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था संचालित होती थी और दुश्मनों पर कड़ी निगरानी रखी जाती थी। आज भले ही किले का अधिकांश भाग समय के साथ नष्ट हो चुका है, लेकिन इसके अवशेष आज भी इतिहास प्रेमियों, शोधकर्ताओं और पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं।

मंडला शहर स्वयं प्राकृतिक सुंदरता और धार्मिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है, और इसी सुंदरता के बीच स्थित यह किला पर्यटन की दृष्टि से एक महत्वपूर्ण धरोहर है। किले का स्थान रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण था, क्योंकि इसके तीन ओर नर्मदा नदी का प्राकृतिक घेरा था, जो इसे बाहरी आक्रमणों से सुरक्षित बनाता था। यही कारण था कि गोंड शासकों ने इसे अपनी शक्ति का प्रमुख केंद्र बनाया।

आज मंडला किले में प्रवेश करते ही पुराने समय की स्थापत्य कला, विशाल पत्थर की दीवारों के अवशेष, प्राचीन बुर्ज, पुराने द्वार तथा आसपास का शांत वातावरण पर्यटकों को कई सौ वर्ष पीछे ले जाता है। किले का सबसे प्रसिद्ध भाग नरेंद्र शाह बुर्ज है, जहाँ से नर्मदा नदी और मंडला शहर का अद्भुत दृश्य दिखाई देता है। सूर्योदय और सूर्यास्त के समय यहाँ का वातावरण विशेष रूप से मनमोहक हो जाता है।

इतिहास के साथ-साथ यह स्थान फोटोग्राफी, विरासत पर्यटन (Heritage Tourism), वास्तुकला अध्ययन तथा प्रकृति प्रेमियों के लिए भी बेहद आकर्षक है। यदि आप मध्य प्रदेश की ऐतिहासिक धरोहरों, गोंड राजवंश के गौरवशाली इतिहास और नर्मदा तट की प्राकृतिक सुंदरता को एक साथ अनुभव करना चाहते हैं, तो मंडला का किला आपके लिए एक बेहतरीन पर्यटन स्थल साबित हो सकता है।

इतिहास (History)

मंडला किले का इतिहास गोंड राजवंश के स्वर्णिम काल से जुड़ा हुआ है। लगभग 17वीं शताब्दी के उत्तरार्ध और 18वीं शताब्दी के प्रारंभिक वर्षों में गोंड शासकों ने मंडला को अपनी महत्वपूर्ण राजधानी के रूप में विकसित किया। माना जाता है कि इस किले का वर्तमान स्वरूप गोंड राजा नरेंद्र शाह (लगभग 1691–1731 ई.) के शासनकाल में विकसित हुआ। राजा नरेंद्र शाह दूरदर्शी शासक थे और उन्होंने अपनी राजधानी को प्राकृतिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से नर्मदा नदी के किनारे इस दुर्ग का विस्तार कराया।

किले का निर्माण ऐसे स्थान पर किया गया जहाँ तीन दिशाओं से नर्मदा नदी प्राकृतिक खाई (Natural Moat) का कार्य करती थी। इससे शत्रुओं के लिए किले तक पहुँचना अत्यंत कठिन हो जाता था। चौथी दिशा में मजबूत पत्थर की दीवारें, विशाल प्रवेश द्वार और निगरानी के लिए ऊँचे बुर्ज बनाए गए थे। इस प्रकार मंडला का किला प्राकृतिक और कृत्रिम सुरक्षा का उत्कृष्ट उदाहरण बन गया।

गोंड शासन के दौरान यह किला केवल सैन्य दृष्टि से ही महत्वपूर्ण नहीं था, बल्कि यहीं से प्रशासनिक कार्य, न्याय व्यवस्था तथा राजकीय निर्णय भी संचालित होते थे। किले के भीतर राजपरिवार के निवास, सैनिकों के रहने के स्थान, शस्त्रागार, जल संग्रहण व्यवस्था तथा धार्मिक स्थलों का भी निर्माण कराया गया था। समय के साथ यह किला मंडला क्षेत्र की राजनीतिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बन गया।

18वीं शताब्दी में गोंड सत्ता के कमजोर पड़ने के बाद इस क्षेत्र पर मराठों का प्रभाव बढ़ा। बाद में अंग्रेजी शासन के दौरान भी इस किले का महत्व बना रहा, लेकिन नई प्रशासनिक व्यवस्थाओं और समय के प्रभाव के कारण इसकी देखरेख कम होती गई। परिणामस्वरूप किले के अनेक भवन और प्राचीर धीरे-धीरे नष्ट हो गए। वर्तमान में किले का अधिकांश भाग खंडहर के रूप में दिखाई देता है, जबकि नरेंद्र शाह बुर्ज और कुछ दीवारें आज भी उस गौरवशाली इतिहास की गवाही देती हैं।

आज मंडला का किला भारतीय पुरातात्विक और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। यह स्थान न केवल गोंड राजाओं की सैन्य क्षमता और स्थापत्य कौशल का प्रतीक है, बल्कि मध्य भारत के इतिहास को समझने के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण धरोहर है। यहाँ आने वाले पर्यटक प्राचीन वास्तुकला, ऐतिहासिक अवशेषों और नर्मदा तट की अद्भुत प्राकृतिक सुंदरता का एक साथ आनंद ले सकते हैं।

जोगन झुरी जल प्रपात — मंडला का छुपा हुआ प्राकृतिक सौंदर्य (Jogan Jhuri Waterfall — Hidden Natural Beauty of Mandla)

विशिष्टताएँ (Highlights / Features)

mandla fort india

मंडला का किला अपनी भव्यता से अधिक अपनी ऐतिहासिक विरासत, प्राकृतिक स्थिति और गोंडकालीन स्थापत्य के लिए प्रसिद्ध है। यद्यपि समय के साथ इसका बड़ा हिस्सा नष्ट हो चुका है, फिर भी जो अवशेष आज मौजूद हैं, वे इस दुर्ग की भव्यता का अनुमान लगाने के लिए पर्याप्त हैं। इसकी सबसे बड़ी विशेषता इसका स्थान है। किला नर्मदा नदी के किनारे इस प्रकार बनाया गया था कि तीन ओर नदी स्वयं सुरक्षा कवच का कार्य करती थी। उस समय यह रणनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण व्यवस्था मानी जाती थी।

किले की दूसरी प्रमुख विशेषता इसकी गोंडकालीन स्थापत्य शैली है। विशाल पत्थरों से निर्मित दीवारें, मजबूत प्राचीर, ऊँचे बुर्ज तथा सुरक्षा को ध्यान में रखकर बनाई गई संरचनाएँ उस युग की उन्नत निर्माण तकनीक को दर्शाती हैं। विशेष रूप से नरेंद्र शाह बुर्ज आज भी पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र है। इस बुर्ज से नर्मदा नदी का घुमावदार प्रवाह, मंडला नगर तथा दूर तक फैली हरियाली का मनोरम दृश्य दिखाई देता है।

मंडला किले की एक और विशेषता यह है कि यह केवल एक सैन्य दुर्ग नहीं था, बल्कि एक संगठित प्रशासनिक परिसर भी था। इतिहासकारों के अनुसार किले के भीतर राजमहल, सैनिकों के आवास, जल प्रबंधन व्यवस्था, धार्मिक स्थल तथा अन्य प्रशासनिक भवन मौजूद थे। यद्यपि आज इनमें से अधिकांश संरचनाएँ नष्ट हो चुकी हैं, लेकिन उनके अवशेष आज भी उस समय की समृद्ध व्यवस्था का संकेत देते हैं।

प्रकृति प्रेमियों के लिए भी यह स्थान अत्यंत आकर्षक है। नर्मदा नदी का शांत वातावरण, पुराने पत्थरों पर उगी हरियाली, पक्षियों की मधुर आवाज़ और ऐतिहासिक माहौल मिलकर इस स्थान को एक अलग ही अनुभव प्रदान करते हैं। सुबह और शाम के समय यहाँ का वातावरण विशेष रूप से मनमोहक होता है, जब सूर्य की सुनहरी किरणें किले की दीवारों और नर्मदा के जल पर पड़ती हैं।

इतिहास, वास्तुकला, फोटोग्राफी और सांस्कृतिक विरासत में रुचि रखने वाले लोगों के लिए मंडला का किला एक आदर्श पर्यटन स्थल है। यह स्थान न केवल गोंड साम्राज्य की गौरवशाली स्मृतियों को संजोए हुए है, बल्कि मध्य प्रदेश की समृद्ध ऐतिहासिक धरोहर को भी जीवंत रूप में प्रस्तुत करता है।

मंडला किले के अंदर देखने योग्य प्रमुख स्थान (Places to See Inside & Nearby)

1. नरेंद्र शाह बुर्ज (Narendra Shah Burj)

नरेंद्र शाह बुर्ज मंडला किले का सबसे प्रमुख और सबसे सुरक्षित बचा हुआ भाग है। इसका निर्माण गोंड राजा नरेंद्र शाह के समय कराया गया था। प्राचीन काल में यह बुर्ज सैनिकों की निगरानी के लिए उपयोग किया जाता था, जहाँ से पूरे क्षेत्र और नर्मदा नदी पर नजर रखी जाती थी। वर्तमान में यह किले का सबसे लोकप्रिय आकर्षण है। यहाँ से नर्मदा नदी, मंडला शहर और आसपास की हरियाली का सुंदर दृश्य दिखाई देता है। सूर्योदय और सूर्यास्त के समय यहाँ का नजारा बेहद आकर्षक होता है, इसलिए फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए यह एक बेहतरीन स्थान माना जाता है।

2. किले की प्राचीर (Fort Ramparts)

मंडला किले की प्राचीरें इसकी मजबूत सुरक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा थीं। इन पत्थर की दीवारों का निर्माण दुश्मनों से रक्षा के उद्देश्य से किया गया था। यद्यपि आज इनका अधिकांश भाग खंडहर बन चुका है, फिर भी बचे हुए हिस्से गोंडकालीन निर्माण कला की झलक प्रस्तुत करते हैं। इन प्राचीरों पर घूमते हुए पर्यटक किले की ऐतिहासिक भव्यता और आसपास के प्राकृतिक दृश्यों का आनंद ले सकते हैं।

3. प्राचीन प्रवेश द्वार (Ancient Entrance Gate)

किले का प्राचीन प्रवेश द्वार आज भी इसके गौरवशाली इतिहास की याद दिलाता है। इसी मार्ग से राजा, सैनिक और अन्य लोग किले में प्रवेश करते थे। द्वार के अवशेषों में उस समय की मजबूत निर्माण शैली साफ दिखाई देती है। इतिहास और वास्तुकला में रुचि रखने वाले पर्यटकों के लिए यह स्थान विशेष आकर्षण का केंद्र है तथा यहाँ फोटोग्राफी भी की जा सकती है।

4. नर्मदा नदी का तट (Narmada Riverside)

मंडला किले के पास बहने वाली नर्मदा नदी इसकी सबसे बड़ी प्राकृतिक विशेषता है। प्राचीन समय में यही नदी किले की प्राकृतिक सुरक्षा का कार्य करती थी। आज पर्यटक यहाँ शांत वातावरण, ठंडी हवा और सुंदर नदी दृश्य का आनंद ले सकते हैं। सुबह और शाम का समय यहाँ घूमने के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है।

5. किले के प्राचीन अवशेष (Ancient Ruins)

किले के भीतर कई स्थानों पर पुराने भवनों की नींव, पत्थर की दीवारें और अन्य अवशेष देखने को मिलते हैं। ये अवशेष बताते हैं कि कभी यहाँ राजमहल, सैनिकों के आवास और प्रशासनिक भवन मौजूद थे। इतिहास में रुचि रखने वाले लोगों के लिए यह स्थान गोंड शासन की स्थापत्य कला और प्राचीन जीवन शैली को समझने का अच्छा अवसर प्रदान करता है।

महाराजपुर का नर्मदा-बंजर संगम घाट (Narmada–Banjar Sangam Ghat, Maharajpur)

यात्रा मार्ग (Travel Guide)

कैसे पहुँचें (How to Reach):
रेल द्वारा: नज़दीकी रेलवे स्टेशन Mandla Fort Railway Station है, जिसका कोड MFR है। यह स्टेशन मंडला शहर को रेल नेटवर्क से जोड़ता है और आम तौर पर लोकल ट्रेनें यहीं पहुँचती‑छोड़ती हैं। इसमें दो प्लेटफॉर्म हैं और यह Jabalpur–Balaghat–Gondia लाइन पर स्थित है।
सड़क मार्ग: मंडला राष्ट्रीय राजमार्गों से जुड़ा हुआ है और टैक्सी/बस से सिटी तथा किले तक आसानी से पहुँचा जा सकता है।
हवाई मार्ग: नज़दीकी प्रमुख एयरपोर्ट जबलपुर एयरपोर्ट है, जो लगभग 77‑100 किमी दूर है, जहाँ से सड़क मार्ग द्वारा मंडला पहुँच सकते हैं।

समय और टिकट (Timing & Entry)

• मंडला का किला आम तौर पर सुबह से शाम तक खुला रहता है और अधिकांश पर्यटक यहाँ बिना कोई औपचारिक प्रवेश शुल्क के घूम सकते हैं। इसका समय लगभग शाम 6:00 बजे तक बताया जाता है।

मंडला किले के आसपास घूमने योग्य प्रमुख पर्यटन स्थल

1. सहस्त्रधारा (Sahastradhara)

मंडला शहर के सबसे प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों में से एक सहस्त्रधारा है। नर्मदा नदी यहाँ अनेक छोटी-छोटी धाराओं में बहती हुई दिखाई देती है, जिसके कारण इस स्थान का नाम सहस्त्रधारा पड़ा। बरसात और उसके बाद यहाँ का प्राकृतिक सौंदर्य अपने चरम पर होता है। शांत वातावरण, बहता हुआ निर्मल जल और आसपास की हरियाली इसे प्रकृति प्रेमियों के लिए एक शानदार स्थान बनाते हैं। यह स्थान पिकनिक, फोटोग्राफी और कुछ समय सुकून से बिताने के लिए उपयुक्त है।

2. नर्मदा घाट (Narmada Ghat)

मंडला के नर्मदा घाट धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। सुबह और शाम के समय यहाँ श्रद्धालु स्नान, पूजा और आरती के लिए आते हैं। शांत नदी, मंदिरों की घंटियाँ और आध्यात्मिक वातावरण पर्यटकों को एक अलग ही अनुभव प्रदान करता है। यदि आप मंडला की धार्मिक संस्कृति को करीब से देखना चाहते हैं, तो यह स्थान अवश्य जाएँ।

3. जिला पुरातत्व संग्रहालय, मंडला (District Archaeological Museum)

यदि आपको इतिहास में रुचि है तो मंडला किले के भ्रमण के बाद जिला पुरातत्व संग्रहालय अवश्य देखें। यहाँ गोंडकाल, कलचुरी काल तथा अन्य ऐतिहासिक अवधियों से संबंधित मूर्तियाँ, शिलालेख, प्राचीन सिक्के और दुर्लभ पुरावशेष प्रदर्शित किए गए हैं। यह संग्रहालय मंडला क्षेत्र के इतिहास और संस्कृति को समझने का बेहतरीन स्थान है।

4. रामनगर किला (Ramnagar Fort)

मंडला से कुछ दूरी पर स्थित रामनगर किला गोंड शासनकाल की एक और महत्वपूर्ण ऐतिहासिक धरोहर है। यहाँ मोती महल, राय-भगत की कोठी, विष्णु मंदिर और अन्य प्राचीन संरचनाएँ देखने को मिलती हैं। इतिहास और स्थापत्य कला में रुचि रखने वाले पर्यटकों के लिए यह स्थान भी बेहद आकर्षक है।

5. कन्हा राष्ट्रीय उद्यान (Kanha National Park)

यदि आपके पास अतिरिक्त समय हो तो मंडला से आसानी से पहुँचा जा सकने वाला कन्हा राष्ट्रीय उद्यान भी घूम सकते हैं। यह भारत के प्रसिद्ध टाइगर रिजर्व में से एक है, जहाँ बाघ, बारहसिंगा, तेंदुआ, भालू और अनेक वन्यजीव प्राकृतिक वातावरण में देखने का अवसर मिलता है। जंगल सफारी का अनुभव आपकी यात्रा को और भी यादगार बना सकता है।

पता (Address)

Mandla Fort, Mandla, Madhya Pradesh – 481661, India — यह किला मंडला शहर में स्थित है और स्थानीय मार्गदर्शक संकेतों से सुलभ है।

ध्यान देने योग्य बातें (Tips for Visitors)

किले के कई हिस्से खंडहर अवस्था में हैं, इसलिए सावधानी से चलें।

टूटे हुए पत्थरों या दीवारों पर चढ़ने का प्रयास न करें।

आरामदायक जूते पहनकर जाएँ, क्योंकि परिसर में पैदल चलना पड़ता है।

गर्मियों में टोपी, पानी की बोतल और सनस्क्रीन साथ रखें।

वर्षा ऋतु में फिसलन हो सकती है, इसलिए अतिरिक्त सावधानी रखें।

ऐतिहासिक दीवारों पर नाम लिखकर स्मारक को नुकसान न पहुँचाएँ।

परिसर में स्वच्छता बनाए रखें और कूड़ा निर्धारित स्थान पर ही डालें।

यदि फोटोग्राफी कर रहे हैं तो सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें।

जिला पुरातत्व संग्रहालय, मंडला (District Archaeological Museum, Mandla)

मंडला किले की तस्वीरें (Images of Mandla Fort)

निष्कर्ष (Conclusion)

मंडला का किला इतिहास, संस्कृति और प्राकृतिक सुरक्षा का उत्कृष्ट उदाहरण है। यह केवल एक किला नहीं है, बल्कि प्राचीन युद्ध‑रणनीति और मध्य भारत की ऐतिहासिक विरासत का जीवित दस्तावेज भी है। हर इतिहास‑प्रेमी और यात्रा‑प्रेमी को इसे एक बार अवश्य देखने चाहिए।

हनुमान घाट मंदिर मंडला (Hanuman Ghat Temple, Mandla)

मंडला किला से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

1. मंडला किला कहाँ स्थित है?

मंडला किला मध्य प्रदेश के मंडला शहर में नर्मदा नदी के किनारे स्थित एक ऐतिहासिक गोंडकालीन किला है।

2. मंडला किले का निर्माण किसने कराया था?

माना जाता है कि मंडला किले का वर्तमान स्वरूप गोंड शासक राजा नरेंद्र शाह के शासनकाल में विकसित हुआ था।

3. मंडला किला घूमने में कितना समय लगता है?

सामान्यतः पूरे किले को आराम से देखने में 1 से 2 घंटे का समय लगता है।

4. मंडला किले की एंट्री फीस कितनी है?

वर्तमान में मंडला किले में प्रवेश निःशुल्क (Free) है।

5. मंडला किला किस समय खुलता है?

आमतौर पर यह सुबह 9:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक देखा जा सकता है।

6. मंडला किले की सबसे प्रसिद्ध जगह कौन-सी है?

नरेंद्र शाह बुर्ज यहाँ का सबसे प्रसिद्ध और प्रमुख आकर्षण है।

7. क्या मंडला किला परिवार के साथ घूमने के लिए अच्छा स्थान है?

हाँ, यह इतिहास, प्रकृति और फोटोग्राफी पसंद करने वाले परिवारों के लिए अच्छा पर्यटन स्थल है।

8. मंडला किला घूमने का सबसे अच्छा समय कौन-सा है?

अक्टूबर से मार्च के बीच का मौसम सबसे अच्छा माना जाता है।

9. क्या मंडला किले में फोटोग्राफी की जा सकती है?

हाँ, सामान्य फोटोग्राफी की जा सकती है। विशेष शूट के लिए स्थानीय नियमों की जानकारी लेना उचित रहेगा।

10. मंडला किले के पास कौन-कौन से प्रमुख पर्यटन स्थल हैं?

सहस्त्रधारा, नर्मदा घाट, जिला पुरातत्व संग्रहालय, रामनगर किला और कन्हा राष्ट्रीय उद्यान प्रमुख पर्यटन स्थल हैं।

11. क्या मंडला किला बच्चों के लिए उपयुक्त है?

हाँ, लेकिन छोटे बच्चों के साथ खंडहर वाले हिस्सों में सावधानी बरतनी चाहिए।

12. क्या किले में पार्किंग की सुविधा उपलब्ध है?

मंडला शहर में किले के आसपास स्थानीय पार्किंग की सुविधा उपलब्ध रहती है, लेकिन भीड़ के समय स्थान सीमित हो सकता है।

13. क्या मंडला किले के पास खाने-पीने की व्यवस्था है?

हाँ, मंडला शहर में कई होटल, रेस्टोरेंट और स्थानीय भोजनालय उपलब्ध हैं।

14. क्या एक दिन में मंडला किला और आसपास के स्थान देखे जा सकते हैं?

हाँ, यदि आप सुबह जल्दी यात्रा शुरू करें तो एक दिन में मंडला किला, नर्मदा घाट, जिला पुरातत्व संग्रहालय और सहस्त्रधारा आसानी से देख सकते हैं।

15. मंडला किला क्यों प्रसिद्ध है?

मंडला किला गोंड राजवंश के इतिहास, नरेंद्र शाह बुर्ज, नर्मदा नदी के किनारे स्थित प्राकृतिक स्थान और अपनी ऐतिहासिक विरासत के कारण प्रसिद्ध है।

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