
मध्य प्रदेश का मंडला जिला अपनी प्राकृतिक सुंदरता, घने जंगलों, शांत नदियों और मनमोहक पर्यटन स्थलों के लिए पूरे प्रदेश में जाना जाता है। जहाँ एक ओर कान्हा राष्ट्रीय उद्यान दुनिया भर के पर्यटकों को आकर्षित करता है, वहीं दूसरी ओर जिले के कई ऐसे प्राकृतिक स्थल भी हैं जो अभी भी भीड़-भाड़ से दूर अपनी अनछुई सुंदरता को संजोए हुए हैं। इन्हीं खूबसूरत स्थानों में से एक है थान्वर बाँध, जो मंडला जिले की नैनपुर तहसील के अंतर्गत बीजेगाँव के समीप स्थित है। यह बाँध केवल सिंचाई परियोजना नहीं है, बल्कि प्रकृति प्रेमियों, फोटोग्राफी के शौकीनों, पिकनिक मनाने वाले परिवारों और शांति की तलाश में आने वाले यात्रियों के लिए भी एक शानदार स्थान बन चुका है।
चारों ओर फैली हरियाली, विशाल जलराशि, दूर-दूर तक दिखाई देने वाली पहाड़ियाँ और मानसून के दौरान बाँध का भरपूर जलस्तर इस स्थान की सुंदरता को कई गुना बढ़ा देता है। सुबह के समय पानी की सतह पर पड़ती सूरज की सुनहरी किरणें और शाम के समय सूर्यास्त का अद्भुत दृश्य यहाँ आने वाले हर पर्यटक को मंत्रमुग्ध कर देता है। बरसात के मौसम में जब बाँध अपने पूरे जलस्तर पर होता है, तब यहाँ का नज़ारा किसी प्राकृतिक चित्रकला से कम नहीं लगता।
थान्वर बाँध उन लोगों के लिए भी विशेष महत्व रखता है जो शहर के शोर-शराबे से दूर कुछ समय प्रकृति के बीच बिताना चाहते हैं। यहाँ की शांत जलराशि, पक्षियों की मधुर आवाज़ें और आसपास के जंगल एक अलग ही वातावरण का निर्माण करते हैं। सर्दियों में प्रवासी पक्षियों का आगमन इस क्षेत्र की प्राकृतिक विविधता को और भी आकर्षक बना देता है। स्थानीय लोग अक्सर यहाँ सुबह की सैर, परिवार के साथ पिकनिक और धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों के लिए भी आते हैं।
पर्यटन की दृष्टि से अभी यह स्थान बहुत अधिक व्यावसायिक नहीं हुआ है, इसलिए यहाँ आने वाले पर्यटकों को प्राकृतिक वातावरण बिना किसी अत्यधिक भीड़ के देखने को मिलता है। यदि आप मंडला, नैनपुर या कान्हा क्षेत्र की यात्रा कर रहे हैं, तो थान्वर बाँध आपकी यात्रा में एक यादगार पड़ाव साबित हो सकता है। प्राकृतिक सौंदर्य, शांत वातावरण और ग्रामीण संस्कृति का अनूठा संगम इस स्थान को मंडला जिले के छिपे हुए पर्यटन रत्नों में शामिल करता है।
बूढ़ी माई का मंदिर, मंडला (Budhi Mai Temple, Mandla)
इतिहास (History)

थान्वर बाँध का निर्माण मध्य प्रदेश सरकार द्वारा क्षेत्र में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार करने और किसानों को वर्षभर जल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कराया गया था। यह बाँध थान्वर नदी पर स्थित है, जो नर्मदा नदी की प्रमुख सहायक नदियों में से एक मानी जाती है। थान्वर बाँध का निर्माण 1970 के दशक के अंतिम वर्षों में प्रारंभ होकर 1980 के दशक की शुरुआत में पूर्ण हुआ। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य नैनपुर तहसील एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा प्रदान करना था। बाँध बनने से पहले यह पूरा क्षेत्र मुख्य रूप से वर्षा आधारित खेती पर निर्भर था, जिसके कारण कम वर्षा होने पर किसानों को फसल खराब होने और आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। बाँध के निर्माण के बाद सिंचाई व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार हुआ और कृषि उत्पादन में भी लगातार वृद्धि दर्ज की गई।
इस परियोजना से वर्तमान में लगभग 50 गाँवों की कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा प्राप्त होती है, जिससे हजारों किसानों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आया। नियमित जल उपलब्ध होने के कारण किसानों ने पारंपरिक फसलों के साथ-साथ अन्य लाभदायक फसलों की खेती भी शुरू की, जिससे क्षेत्र की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई।
बाँध निर्माण के दौरान जलाशय क्षेत्र में आने वाले पुराने बीजेगाँव के कुछ हिस्सों का पुनर्वास भी किया गया। जिन परिवारों की भूमि या आवास जलभराव क्षेत्र में आए, उन्हें सरकारी पुनर्वास योजना के अंतर्गत अन्य स्थानों पर बसाया गया। आज भी स्थानीय बुजुर्ग बाँध निर्माण से जुड़ी अनेक यादों और उस समय हुए सामाजिक बदलावों का उल्लेख करते हैं।
समय के साथ यह बाँध केवल एक सिंचाई परियोजना न रहकर ग्रामीण जीवन और स्थानीय विकास का महत्वपूर्ण केंद्र बन गया। इसकी विशाल जलराशि ने न केवल कृषि को नया जीवन दिया, बल्कि मत्स्य पालन, जल संरक्षण और स्थानीय रोजगार के नए अवसर भी विकसित किए। इसके अलावा प्राकृतिक सौंदर्य के कारण यह स्थान धीरे-धीरे स्थानीय पर्यटन का आकर्षण भी बन गया। बरसात के मौसम में जब बाँध अपने पूर्ण जलस्तर पर पहुँचता है, तब दूर-दूर से लोग यहाँ की मनमोहक प्राकृतिक छटा और शांत वातावरण का आनंद लेने आते हैं।
आज थान्वर बाँध मंडला जिले की उन महत्वपूर्ण जल परियोजनाओं में गिना जाता है जिसने सिंचाई, ग्रामीण विकास, जल संरक्षण और पर्यटन—चारों क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया है। प्राकृतिक सुंदरता और ऐतिहासिक महत्व का अनूठा संगम इसे मंडला जिले के प्रमुख दर्शनीय स्थलों में विशेष स्थान दिलाता है।
विशेषताएँ (Key Features)
थान्वर बाँध मंडला जिले की उन प्रमुख सिंचाई परियोजनाओं में से एक है, जिसने प्राकृतिक सौंदर्य और ग्रामीण विकास का अद्भुत संतुलन प्रस्तुत किया है। यह बाँध मुख्य रूप से थान्वर नदी के जल को संरक्षित करने के लिए बनाया गया था, जिससे नैनपुर और आसपास के अनेक गाँवों की कृषि भूमि तक पूरे वर्ष सिंचाई का पानी पहुँचाया जा सके। वर्तमान समय में यह बाँध किसानों के लिए जीवनरेखा के समान है, क्योंकि इसकी बदौलत खेती केवल वर्षा पर निर्भर नहीं रह गई है।
इस बाँध की सबसे बड़ी विशेषता इसका विशाल जलाशय है, जो बरसात के मौसम में अत्यंत मनोहारी दिखाई देता है। दूर-दूर तक फैला नीले पानी का विस्तार, उसके चारों ओर फैली हरियाली और प्राकृतिक वातावरण किसी भी पर्यटक का मन मोह लेता है। मानसून के दौरान जब जलाशय पूरी क्षमता तक भर जाता है, तब यहाँ का दृश्य अत्यंत आकर्षक हो जाता है। यदि अतिरिक्त पानी छोड़ा जाता है, तो बहते हुए पानी का दृश्य देखने के लिए भी स्थानीय लोग बड़ी संख्या में पहुँचते हैं।
थान्वर बाँध का एक अन्य महत्वपूर्ण पहलू इसका शांत वातावरण है। यहाँ शहरों जैसी भीड़-भाड़ और शोरगुल नहीं मिलता, इसलिए जो लोग प्रकृति के बीच कुछ सुकून भरे पल बिताना चाहते हैं, उनके लिए यह स्थान आदर्श माना जाता है। सुबह और शाम के समय यहाँ का वातावरण विशेष रूप से मनमोहक होता है। सूर्योदय और सूर्यास्त के समय पानी पर पड़ती सूर्य की किरणें पूरे क्षेत्र को सुनहरे रंग में रंग देती हैं, जो फोटोग्राफी के लिए भी शानदार अवसर प्रदान करती हैं।
प्राकृतिक जैव विविधता भी इस बाँध की एक महत्वपूर्ण विशेषता है। जलाशय के आसपास अनेक प्रकार के स्थानीय पक्षी देखे जा सकते हैं, जबकि सर्दियों के मौसम में कुछ प्रवासी पक्षी भी इस क्षेत्र में दिखाई देते हैं। यही कारण है कि प्रकृति प्रेमियों और बर्ड वॉचिंग के शौकीनों के बीच भी यह स्थान लोकप्रिय होता जा रहा है।
इसके अलावा यह बाँध स्थानीय लोगों के लिए पिकनिक, पारिवारिक भ्रमण और सामाजिक आयोजनों का भी पसंदीदा स्थल बन चुका है। छुट्टियों के दिनों में आसपास के गाँवों और नैनपुर से लोग यहाँ घूमने आते हैं। प्राकृतिक सुंदरता, कृषि महत्व, शांत वातावरण और ग्रामीण जीवन की झलक—ये सभी विशेषताएँ मिलकर थान्वर बाँध को मंडला जिले के सबसे आकर्षक प्राकृतिक स्थलों में शामिल करती हैं.
थान्वर बाँध की संरचना (Structure of Thanwar Dam)
थान्वर बाँध एक मिट्टी (Earthen Dam) आधारित सिंचाई परियोजना है, जिसका निर्माण स्थानीय भौगोलिक परिस्थितियों और जल संरक्षण की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर किया गया था। इस प्रकार के बाँधों का निर्माण मुख्य रूप से मिट्टी, पत्थर और अन्य प्राकृतिक निर्माण सामग्री का उपयोग करके किया जाता है, जिससे वे अपेक्षाकृत कम लागत में बड़े जलाशय का निर्माण करने में सक्षम होते हैं।
बाँध के पीछे बना विशाल जलाशय वर्षा ऋतु में बड़ी मात्रा में पानी संग्रहित करता है। यही संग्रहित जल पूरे वर्ष नियंत्रित रूप से सिंचाई नहरों और जल निकासी प्रणाली के माध्यम से आसपास के कृषि क्षेत्रों तक पहुँचाया जाता है। इस व्यवस्था के कारण किसानों को समय पर सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध होता है और कृषि उत्पादन में निरंतरता बनी रहती है।
बाँध के मध्य भाग में जल नियंत्रण प्रणाली विकसित की गई है, जिसके माध्यम से आवश्यकता के अनुसार जल छोड़ा जाता है। अत्यधिक वर्षा होने की स्थिति में अतिरिक्त पानी को सुरक्षित रूप से बाहर निकालने की व्यवस्था भी की गई है, जिससे बाँध पर अतिरिक्त दबाव न पड़े और नीचे के क्षेत्रों में जल प्रबंधन संतुलित बना रहे।
बाँध के ऊपर से गुजरने वाला मार्ग स्थानीय लोगों के आवागमन में भी सहायक है। यहाँ से पूरे जलाशय का विस्तृत दृश्य दिखाई देता है, जो पर्यटकों को अत्यंत आकर्षित करता है। बरसात के मौसम में जलाशय और बाँध का संयुक्त दृश्य अत्यंत मनमोहक दिखाई देता है।
यद्यपि थान्वर बाँध किसी विशाल बहुउद्देशीय राष्ट्रीय परियोजना की श्रेणी में नहीं आता, फिर भी स्थानीय स्तर पर इसकी संरचना अत्यंत प्रभावी सिद्ध हुई है। जल संरक्षण, सिंचाई सुविधा और ग्रामीण विकास की दृष्टि से इसकी संरचना आज भी सफल मानी जाती है। यही कारण है कि यह बाँध मंडला जिले की महत्वपूर्ण सिंचाई परियोजनाओं में अपनी विशेष पहचान रखता है।
देखने लायक चीज़ें और स्थान (Places to See and Things to Do)
विशाल जलाशय (Thanwar Reservoir)
थान्वर बाँध का सबसे प्रमुख आकर्षण इसका विशाल जलाशय है, जो दूर-दूर तक फैली शांत जलराशि के कारण हर पर्यटक को अपनी ओर आकर्षित करता है। वर्षा ऋतु के दौरान जब बाँध पूरी क्षमता तक भर जाता है, तब इसका दृश्य अत्यंत मनमोहक दिखाई देता है। चारों ओर फैली हरियाली, नीले पानी की चमक और दूर दिखाई देने वाली पहाड़ियाँ मिलकर ऐसा दृश्य प्रस्तुत करती हैं, जिसे देखकर हर व्यक्ति प्रकृति की सुंदरता में खो जाता है।
सुबह के समय जब सूर्य की पहली किरणें जलाशय के पानी पर पड़ती हैं, तब पूरा वातावरण सुनहरे रंग में नहा जाता है। वहीं शाम के समय सूर्यास्त का दृश्य यहाँ आने वाले पर्यटकों के लिए यादगार अनुभव बन जाता है। शांत जलराशि में दिखाई देने वाला सूर्य का प्रतिबिंब फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए बेहतरीन अवसर प्रदान करता है।
बरसात के बाद जलाशय के किनारे उगने वाली हरियाली और स्वच्छ वातावरण इसे पिकनिक के लिए भी उपयुक्त बनाते हैं। यहाँ बैठकर प्राकृतिक शांति का आनंद लेना अपने आप में एक अलग अनुभव है। यदि आप प्रकृति प्रेमी हैं या शहर की भागदौड़ से दूर कुछ सुकून भरे पल बिताना चाहते हैं, तो यह स्थान आपको निश्चित रूप से पसंद आएगा।
बाँध का व्यू पॉइंट (Dam View Point)
थान्वर बाँध का व्यू पॉइंट उन स्थानों में से एक है जहाँ से पूरे बाँध और जलाशय का शानदार दृश्य एक साथ देखा जा सकता है। इस स्थान से खड़े होकर पर्यटक बाँध की संरचना, विशाल जलराशि और आसपास फैले प्राकृतिक वातावरण को आसानी से निहार सकते हैं।
मानसून के दौरान यह स्थान सबसे अधिक आकर्षक दिखाई देता है। बादलों से घिरी पहाड़ियाँ, हरियाली से ढकी घाटियाँ और पानी से भरा विशाल जलाशय किसी प्राकृतिक चित्र की तरह प्रतीत होता है। सुबह और शाम के समय यहाँ ठंडी हवाएँ चलती हैं, जो वातावरण को और अधिक सुखद बना देती हैं।
फोटोग्राफी करने वाले लोगों के लिए यह स्थान किसी स्वर्ग से कम नहीं है। यहाँ से लिए गए पैनोरमिक फोटो अत्यंत सुंदर आते हैं। यदि मौसम साफ हो तो दूर-दूर तक फैले जंगल और ग्रामीण क्षेत्र भी स्पष्ट दिखाई देते हैं। प्रकृति का आनंद लेने और कुछ समय शांति से बिताने के लिए यह बाँध का सबसे अच्छा स्थान माना जाता है।
हरियाली से घिरा प्राकृतिक क्षेत्र (Green Surroundings)
थान्वर बाँध के चारों ओर फैला प्राकृतिक क्षेत्र इसकी सबसे बड़ी विशेषताओं में से एक है। बाँध के आसपास बड़ी संख्या में पेड़-पौधे, घास के मैदान और छोटे-छोटे वन क्षेत्र मौजूद हैं, जो पूरे वातावरण को अत्यंत शांत और ताज़गीपूर्ण बनाते हैं।
बरसात के मौसम में यह पूरा क्षेत्र हरे रंग की चादर से ढक जाता है। पेड़ों के बीच से गुजरती ठंडी हवा और पक्षियों की मधुर आवाज़ें प्रकृति प्रेमियों को विशेष रूप से आकर्षित करती हैं। सर्दियों के मौसम में भी यहाँ का वातावरण काफी सुहावना रहता है, जिससे परिवार और मित्रों के साथ समय बिताने के लिए यह स्थान उपयुक्त बन जाता है।
यदि आप प्रकृति की गोद में बैठकर कुछ समय आराम करना चाहते हैं या शांत वातावरण में पुस्तक पढ़ना चाहते हैं, तो यह क्षेत्र आपके लिए आदर्श है। हालांकि पर्यटकों को यहाँ स्वच्छता बनाए रखनी चाहिए और किसी भी प्रकार का प्लास्टिक कचरा नहीं फैलाना चाहिए।
सूरजकुंड मंडला के चमत्कारिक हनुमान जी का मंदिर (Surajkund Miraculous Hanuman Temple, Mandla)
समय और प्रवेश शुल्क (Timing and Entry Fee)
थान्वर बाँध आमतौर पर सुबह से शाम तक खुला रहता है।
यहाँ आने का उपयुक्त समय सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक माना जाता है।
इस स्थान पर किसी प्रकार का प्रवेश शुल्क नहीं लिया जाता। यह आम जनता के लिए पूर्णतः निःशुल्क है।
ध्यान देने योग्य बातें (Important Tips)
यह एक प्राकृतिक और ग्रामीण क्षेत्र है, इसलिए यहाँ सुविधाएँ सीमित हो सकती हैं।
बाँध के गहरे पानी में उतरने से बचना चाहिए।
मानसून के दौरान फिसलन हो सकती है, अतः सावधानी आवश्यक है।
खाने-पीने की सीमित व्यवस्था होने के कारण आवश्यक सामग्री साथ रखना बेहतर रहता है।
पूरा पता (Full Address)
थान्वर बाँध ग्राम बीजेगाँव तहसील नैनपुर
जिला मंडला मध्यप्रदेश – 481776
यात्रा मार्गदर्शिका (Travel Guide)
सड़क मार्ग से (By Road)
नैनपुर से थान्वर बाँध की दूरी लगभग 10 से 15 किलोमीटर है।
मंडला शहर से यह स्थान लगभग 25 से 30 किलोमीटर दूर स्थित है।
निजी वाहन, बाइक या टैक्सी से यहाँ आसानी से पहुँचा जा सकता है।
रेल मार्ग से (By Train)
नैनपुर जंक्शन इस क्षेत्र का प्रमुख रेलवे स्टेशन है।
रेलवे स्टेशन से स्थानीय साधनों द्वारा बाँध तक पहुँचना संभव है।
बेगम महल (रानी महल), रामनगर, मंडला (Begum Mahal / Rani Mahal, Ramnagar, Mandla)
हवाई मार्ग से (By Air)
सबसे नजदीकी हवाई अड्डा जबलपुर में स्थित है।
जबलपुर से सड़क या रेल मार्ग द्वारा नैनपुर और फिर थान्वर बाँध पहुँचा जा सकता है।
आसपास घूमने लायक स्थान (Nearby Tourist Places)
बीजेगाँव (Bijegaon)
थान्वर बाँध के समीप स्थित बीजेगाँव एक शांत ग्रामीण क्षेत्र है, जहाँ आपको मध्य प्रदेश के ग्रामीण जीवन की वास्तविक झलक देखने को मिलती है। खेत, मिट्टी के पारंपरिक घर, स्थानीय संस्कृति और सरल जीवनशैली इस गाँव की पहचान हैं। यहाँ आने वाले पर्यटक ग्रामीण वातावरण का अनुभव कर सकते हैं और स्थानीय लोगों के जीवन को करीब से देख सकते हैं।
नैनपुर (Nainpur)
थान्वर बाँध से लगभग 20–25 किलोमीटर की दूरी पर स्थित नैनपुर मंडला जिले का एक महत्वपूर्ण नगर है। यह अपनी ऐतिहासिक रेलवे विरासत और प्राकृतिक वातावरण के लिए जाना जाता है। यहाँ होटल, रेस्टोरेंट, बाजार, रेलवे स्टेशन तथा अन्य आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध हैं। यदि आप थान्वर बाँध की यात्रा कर रहे हैं, तो नैनपुर में कुछ समय बिताकर स्थानीय बाजार और आसपास के आकर्षणों का भी आनंद ले सकते हैं।
कान्हा राष्ट्रीय उद्यान (Kanha National Park)
थान्वर बाँध से उचित दूरी पर स्थित कान्हा राष्ट्रीय उद्यान भारत के सबसे प्रसिद्ध टाइगर रिजर्व में से एक है। घने साल के जंगल, विशाल घास के मैदान और समृद्ध वन्यजीव इस राष्ट्रीय उद्यान की पहचान हैं। यहाँ सफारी के दौरान बाघ, तेंदुआ, बारहसिंगा, गौर, जंगली कुत्ते, भालू तथा 300 से अधिक पक्षियों की प्रजातियाँ देखी जा सकती हैं। यदि आप प्रकृति और वन्यजीव प्रेमी हैं, तो थान्वर बाँध के साथ कान्हा राष्ट्रीय उद्यान की यात्रा आपके पर्यटन अनुभव को और भी यादगार बना सकती है।
सहस्त्रधारा, मंडला (Sahastradhara, Mandla)
सहस्त्रधारा मंडला जिले का एक अत्यंत प्रसिद्ध प्राकृतिक एवं धार्मिक पर्यटन स्थल है। यहाँ नर्मदा नदी अनेक छोटी-छोटी धाराओं में बहती है, जिसके कारण इस स्थान को “सहस्त्रधारा” कहा जाता है। चट्टानों के बीच से बहता स्वच्छ जल, प्राकृतिक सौंदर्य और शांत वातावरण पर्यटकों को विशेष रूप से आकर्षित करता है। बरसात और सर्दियों के मौसम में यहाँ का दृश्य अत्यंत मनमोहक होता है। परिवार के साथ घूमने, फोटोग्राफी करने और प्रकृति का आनंद लेने के लिए यह एक शानदार स्थान है।
रामनगर के ऐतिहासिक महल (Historic Palaces of Ramnagar)
रामनगर अपने ऐतिहासिक महलों और गोंड राजवंश की समृद्ध विरासत के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ स्थित प्राचीन महलों का निर्माण गोंड शासकों द्वारा कराया गया था, जिनमें उस समय की स्थापत्य कला और शाही जीवनशैली की झलक देखने को मिलती है। महलों की विशाल संरचना, पुराने द्वार, आंगन और ऐतिहासिक अवशेष इतिहास प्रेमियों को आकर्षित करते हैं। यदि आप मंडला जिले के इतिहास और संस्कृति को करीब से जानना चाहते हैं, तो रामनगर के महलों की यात्रा अवश्य करें।
गरम पानी कुंड (Hot Water Spring)
मंडला जिले का गरम पानी कुंड एक प्राकृतिक आश्चर्य माना जाता है। यहाँ धरती से प्राकृतिक रूप से गर्म पानी निकलता है, जो स्थानीय लोगों के बीच धार्मिक और औषधीय महत्व रखता है। कई लोग मानते हैं कि इस जल में स्नान करने से त्वचा संबंधी कुछ समस्याओं में राहत मिल सकती है, हालांकि इसका वैज्ञानिक प्रमाण सीमित है। प्राकृतिक वातावरण से घिरा यह स्थान पर्यटकों को एक अलग अनुभव प्रदान करता है और प्रकृति के अनोखे चमत्कारों को देखने का अवसर देता है।
मंडला नगर (Mandla City)
थान्वर बाँध की यात्रा के दौरान मंडला नगर भी अवश्य घूमना चाहिए। नर्मदा नदी के तट पर बसा यह ऐतिहासिक शहर अपने प्राचीन मंदिरों, नर्मदा घाटों, किलों के अवशेषों और सांस्कृतिक विरासत के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ धार्मिक आस्था, इतिहास और प्राकृतिक सुंदरता का अनूठा संगम देखने को मिलता है, जो आपकी यात्रा को और भी यादगार बना देता है।
थनवर बांध, बिजेगांव, नैनपुर – मंडला की तस्वीरें (Images of Thanwar Dam, Bijegaon, Nainpur – Mandla)



निष्कर्ष (Conclusion)
थान्वर बाँध, बीजेगाँव, नैनपुर मंडला एक शांत, सुंदर और प्राकृतिक स्थल है जहाँ ग्रामीण जीवन, हरियाली और जल का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। यह स्थान उन यात्रियों के लिए आदर्श है जो सरल, शांत और प्रकृति से जुड़ा अनुभव चाहते हैं। अल्प समय की यात्रा, पिकनिक या एकांत सुकून के लिए थान्वर बाँध निश्चित रूप से एक बेहतरीन विकल्प है।


