
भारत के मध्य प्रदेश में छिंदवाड़ा से लगभग 35–40 किमी दूर अंबाड़ा (अंबारा) में स्थित यह शक्तिपीठ माँ हिंगलाज को समर्पित है। यह मंदिर न केवल श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र है, बल्कि शक्ति और भक्ति का प्रतीक भी माना जाता है। यहाँ आने वाले भक्त अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति की गहरी उम्मीद लेकर माता के दर्शन करते हैं।
माँ हिंगलाज की पूजा में गायत्री, दुर्गा, शक्ति और सती के दिव्य रूपों की आराधना शामिल है। मान्यता है कि सच्चे मन से यहाँ प्रार्थना करने से सभी इच्छाएँ पूर्ण होती हैं।
इतिहास (History | A Miraculous Tale)

पौराणिक कथाओं के अनुसार, यह मंदिर देवी सती के शरीर के अंगों के गिरने से उत्पन्न शक्तिपीठों में से एक है। हिंदू मान्यता के अनुसार जब सती के अंग पृथ्वी पर गिरे, तो वहां शक्ति का प्रभाव स्थायी रूप से स्थापित हुआ।
स्थानीय कथा में कहा जाता है कि 1907 ईस्वी के आस-पास, एक अंग्रेज कोल माइन मालिक ने मूर्ति हटाने का प्रयास किया। लेकिन मूर्ति किसी भी तरह नहीं हिली और अचानक एक विस्फोट के बाद मूर्ति इमली के पेड़ के नीचे प्रकट हुई। उसी स्थान पर बाद में मंदिर का निर्माण किया गया। यह चमत्कारी घटना इसे और भी विशेष बनाती है।
विशेषताएँ (Highlights | What Makes It Special?)
विशेष शक्ति पीठ – भारत में केवल दो स्थानों पर हिंगलाज माता के मंदिर हैं: एक पाकिस्तान के बलूचिस्तान में और दूसरा छिंदवाड़ा में।
भक्ति और आस्था का केंद्र – नवरात्रि में हजारों श्रद्धालु यहाँ माता के दर्शन करते हैं।
दिव्य अनुभूति – शांतिपूर्ण और धार्मिक वातावरण में भक्त माँ की उपासना करते हुए आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त करते हैं।
कालीबाड़ी धर्म टेकरी छिंदवाड़ा (Kalibadi Dharam Tekri Chhindwara)
मंदिर परिसर (Temple Premises | Deity and Attractions)
मुख्य देवता: माँ हिंगलाज (देवी भवानी)
पूजा स्थल: माता की शक्ति और भक्ति से युक्त मूर्ति
परिसर: प्राकृतिक सुंदरता और शांत वातावरण, जो भक्ति का माहौल बनाए रखता है।
आरती, भजन और अनुष्ठान (Puja, Aarti, and Devotional Activities)
यहाँ रोजाना सुबह से शाम तक पूजा, भजन और आरती का आयोजन होता है।
सुबह की आरती – मंत्रों और भजनों के साथ
शाम की आरती – दीप प्रज्वलन, मंत्र और मंगल ध्वनि
भजन-कीर्तन – श्रद्धालुओं द्वारा माता के गुणगान
इनमें भाग लेने से भक्तों को मानसिक शांति, आशीर्वाद और जीवन की समस्याओं से मुक्ति का अनुभव होता है।
उत्सव और कार्यक्रम (Festivals and Celebrations)
नवरात्रि महोत्सव – शारदीय और चैत्र नवरात्रि के दौरान नौ दिनों तक भक्ति और पूजा कार्यक्रम, कलश स्थापना, आरती और कीर्तन आयोजित होते हैं।
विशेष दिन – मंगलवार और शनिवार को विशेष पूजा आयोजित होती है।
छोटा महादेव मंदिर, जमुनिया, छिंदवाड़ा (Chhota Mahadev Temple, Jamunia, Chhindwara)
मंदिर समय (Temple Timings)
5:00 AM – 1:00 PM
(कभी-कभी शाम की पूजा समय पर भी मंदिर खुला रहता है)
मंदिर का पता (Temple Address)
Shri Maa Hinglaj Shakti Peeth,
Hinglaj Mata Mandir Marg, near Moari Mine,
Tehsil Parasia, Ambada Junnardeo,
Chhindwara – 480449,
Madhya Pradesh, India
यात्रा मार्गदर्शिका (Travel Guide | How to Reach)
रेल मार्ग: छिंदवाड़ा शहर तक ट्रेन और वहां से बस/टैक्सी।
हवाई मार्ग: सबसे नज़दीकी हवाई अड्डा नागपुर।
सड़क मार्ग: छिंदवाड़ा से 35–40 किमी की दूरी।
पास के दर्शनीय स्थल (Nearby Attractions)
पास में छोटे प्राकृतिक स्थल और शिव मंदिर हैं, जो यात्रियों के अनुभव को और भी रोचक बनाते हैं।
ध्यान देने योग्य बातें (Important Tips)
सुबह जल्दी दर्शन करने से अधिक शांति और अनुभव मिलता है।
नवरात्रि के दौरान भारी भीड़ हो सकती है, इसलिए समय से पहले पहुँचना उत्तम।
देवी के प्रति भक्ति और श्रद्धा बनाए रखें।
श्री बादल भोई राज्य आदिवासी संग्रहालय, छिंदवाड़ा (Shri Badal Bhoi State Tribal Museum, Chhindwara)
मां हिंगलाज शक्ति पीठ, छिंदवाड़ा की तस्वीरें (Images of Maa Hinglaj Shakti Peeth, Chhindwara)





निष्कर्ष (Conclusion)
माँ हिंगलाज शक्ति पीठ केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि भक्ति, आस्था, चमत्कार और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम है। यहाँ आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु के मन में विश्वास, सकारात्मक ऊर्जा और जीवन के प्रति नई दृष्टि का संचार होता है।
पेंच नेशनल पार्क, छिंदवाड़ा (Pench National Park, Chhindwara – Madhya Pradesh)


