
मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले की पावन धरती पर स्थित सिद्धेश्वर हनुमान मंदिर, सिमरिया (Siddheshwar Hanuman Temple, Simariya, Chhindwara) आज केवल एक धार्मिक स्थल ही नहीं, बल्कि पूरे महाकौशल क्षेत्र की आस्था, श्रद्धा और आध्यात्मिक शक्ति का प्रमुख केंद्र बन चुका है। यहां स्थापित भगवान श्री हनुमान की लगभग 101 फीट ऊँची भव्य प्रतिमा दूर-दूर से आने वाले श्रद्धालुओं को पहली ही झलक में मंत्रमुग्ध कर देती है। विशाल प्रतिमा, सुंदर मंदिर परिसर, शांत वातावरण और प्राकृतिक हरियाली इस स्थान को धार्मिक पर्यटन का एक प्रमुख आकर्षण बनाते हैं।
छिंदवाड़ा शहर से कुछ ही दूरी पर स्थित यह मंदिर हर आयु वर्ग के श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखता है। मंगलवार और शनिवार को यहां हजारों भक्त हनुमान जी के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। मान्यता है कि सच्चे मन से यहां बजरंगबली का स्मरण करने से भय, संकट और नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है तथा जीवन में साहस, आत्मविश्वास और सफलता का मार्ग प्रशस्त होता है।
मंदिर परिसर को अत्यंत सुव्यवस्थित ढंग से विकसित किया गया है। यहां केवल विशाल हनुमान प्रतिमा ही नहीं, बल्कि अनेक देवी-देवताओं के मंदिर, विशाल प्रांगण, सुंदर उद्यान, ध्यान के लिए शांत स्थान तथा धार्मिक आयोजनों के लिए विस्तृत व्यवस्था भी उपलब्ध है। यही कारण है कि यह स्थान श्रद्धालुओं के साथ-साथ पर्यटकों और फोटोग्राफी प्रेमियों को भी आकर्षित करता है।
यदि आप छिंदवाड़ा घूमने की योजना बना रहे हैं, तो सिद्धेश्वर हनुमान मंदिर का दर्शन आपकी यात्रा को आध्यात्मिक अनुभव से भर देगा। यहां की दिव्यता, स्वच्छता और शांत वातावरण हर आगंतुक के मन में लंबे समय तक अपनी अमिट छाप छोड़ देता है।
मंदिर का अन्य नाम (Other Names of the Temple)
- सिद्धेश्वर हनुमान मंदिर (Siddheshwar Hanuman Temple)
- हनुमान मंदिर सिमरिया (Hanuman Temple Simariya)
- 101 फीट हनुमान मंदिर (101 Feet Hanuman Temple)
- हनुमान जी मंदिर (Local references)
पातालेश्वर शिव मंदिर, छिंदवाड़ा (Pataleshwar Shiv Temple, Chhindwara)
सिद्धेश्वर हनुमान मंदिर की स्थापना (Foundation of Siddheshwar Hanuman Temple)

सिद्धेश्वर हनुमान मंदिर की स्थापना का उद्देश्य केवल एक मंदिर का निर्माण करना नहीं था, बल्कि छिंदवाड़ा क्षेत्र में ऐसा आध्यात्मिक केंद्र विकसित करना था जहां श्रद्धालु एक ही परिसर में अनेक देवी-देवताओं के दर्शन कर सकें और धार्मिक, सांस्कृतिक तथा आध्यात्मिक गतिविधियों का लाभ प्राप्त कर सकें।
उपलब्ध सार्वजनिक जानकारी के अनुसार इस भव्य परियोजना का भूमि पूजन 25 अक्टूबर 2012 को सम्पन्न हुआ। इसके बाद मंदिर परिसर और विशाल हनुमान प्रतिमा के निर्माण का कार्य प्रारंभ किया गया। आधुनिक इंजीनियरिंग और पारंपरिक भारतीय धार्मिक स्थापत्य के समन्वय से इस परियोजना को आकार दिया गया।
करीब ढाई वर्षों के निर्माण कार्य के बाद 24 फरवरी 2015 को भगवान श्री हनुमान की 101 फीट ऊँची प्रतिमा की विधिवत प्राण प्रतिष्ठा सम्पन्न हुई। इस अवसर पर वैदिक मंत्रोच्चार, हवन, धार्मिक अनुष्ठान तथा विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
मंदिर का निर्माण लगभग 5 एकड़ क्षेत्र में किया गया है। परिसर को इस प्रकार विकसित किया गया कि श्रद्धालुओं को दर्शन, पूजा, ध्यान, परिक्रमा और धार्मिक आयोजनों के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध हो सके। समय के साथ यहां विभिन्न देवी-देवताओं के मंदिर, उद्यान, विश्राम स्थल और अन्य सुविधाएं भी विकसित की गईं।
आज यह मंदिर केवल छिंदवाड़ा जिले तक सीमित नहीं है, बल्कि मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों, महाराष्ट्र तथा आसपास के राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी आस्था का प्रमुख केंद्र बन चुका है। विशेष रूप से हनुमान जयंती, राम नवमी और मंगलवार-शनिवार के अवसर पर यहां श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या देखने को मिलती है।
सिद्धेश्वर हनुमान मंदिर का इतिहास (History of Siddheshwar Hanuman Temple)
सिद्धेश्वर हनुमान मंदिर प्राचीन काल का ऐतिहासिक मंदिर नहीं है, बल्कि आधुनिक समय में निर्मित एक प्रमुख धार्मिक एवं सांस्कृतिक धाम है। फिर भी इसकी लोकप्रियता और धार्मिक महत्व बहुत कम समय में अत्यंत तेजी से बढ़ा है।
मंदिर के निर्माण की प्रेरणा क्षेत्र में एक ऐसे विशाल धार्मिक परिसर की आवश्यकता से जुड़ी थी, जहां श्रद्धालु भगवान हनुमान सहित विभिन्न देवी-देवताओं के दर्शन एक ही स्थान पर कर सकें। इस उद्देश्य से सिमरिया गांव में विशाल भूमि का चयन किया गया और एक सुव्यवस्थित मंदिर परिसर विकसित किया गया।
निर्माण के दौरान विशेष ध्यान इस बात पर दिया गया कि हनुमान जी की प्रतिमा केवल ऊंचाई में ही विशाल न हो, बल्कि उसका स्वरूप भी भक्तों में श्रद्धा और ऊर्जा का संचार करने वाला हो। इसलिए प्रतिमा को गदा धारण किए हुए वीर, तेजस्वी और भक्तवत्सल रूप में बनाया गया।
24 फरवरी 2015 को प्राण प्रतिष्ठा के बाद मंदिर तेजी से प्रसिद्ध होने लगा। स्थानीय लोगों के साथ-साथ आसपास के जिलों से भी श्रद्धालु यहां आने लगे। सोशल मीडिया और धार्मिक पर्यटन के बढ़ते प्रचार ने भी इस मंदिर की लोकप्रियता को नई पहचान दिलाई।
आज सिद्धेश्वर हनुमान मंदिर छिंदवाड़ा जिले के प्रमुख धार्मिक पर्यटन स्थलों में गिना जाता है। यहां वर्षभर धार्मिक अनुष्ठान, भजन, सत्संग, हनुमान चालीसा पाठ तथा विभिन्न सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। मंदिर ने अल्प समय में ही श्रद्धा, सेवा और धार्मिक एकता का ऐसा केंद्र स्थापित किया है, जो आने वाले वर्षों में और अधिक विकसित होने की संभावना रखता है।
सिद्धेश्वर हनुमान मंदिर की वास्तुकला (Architecture of Siddheshwar Hanuman Temple)
सिद्धेश्वर हनुमान मंदिर की वास्तुकला आधुनिक निर्माण तकनीक और भारतीय धार्मिक स्थापत्य शैली का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करती है। मंदिर परिसर में प्रवेश करते ही सबसे पहले श्रद्धालुओं का ध्यान भगवान हनुमान की 101 फीट ऊँची विशाल प्रतिमा अपनी ओर आकर्षित करती है। यह प्रतिमा दूर से ही दिखाई देने लगती है और छिंदवाड़ा की पहचान बन चुकी है।
प्रतिमा को मजबूत प्रबलित कंक्रीट संरचना पर निर्मित किया गया है, जिससे यह वर्षों तक सुरक्षित रह सके। इसके बाहरी स्वरूप को अत्यंत आकर्षक रंगों और धार्मिक प्रतीकों से सजाया गया है। भगवान हनुमान के चेहरे की भाव-भंगिमा, गदा, मुकुट और आभूषणों की बारीक नक्काशी प्रतिमा को अत्यंत जीवंत स्वरूप प्रदान करती है।
पूरा मंदिर परिसर लगभग पांच एकड़ में विकसित किया गया है। चौड़े मार्ग, स्वच्छ परिसर, सुंदर उद्यान, बैठने की व्यवस्था और खुले प्रांगण श्रद्धालुओं को आरामदायक वातावरण प्रदान करते हैं। विभिन्न देवी-देवताओं के मंदिरों का निर्माण भी पारंपरिक भारतीय मंदिर शैली को ध्यान में रखकर किया गया है।
रात्रि के समय जब संपूर्ण परिसर प्रकाश व्यवस्था से जगमगाता है, तब विशाल हनुमान प्रतिमा का दृश्य अत्यंत मनमोहक दिखाई देता है। यही कारण है कि अनेक श्रद्धालु विशेष रूप से शाम के समय यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
मंदिर का संपूर्ण परिसर धार्मिक आस्था, सौंदर्य और आधुनिक सुविधाओं का ऐसा संतुलित संगम प्रस्तुत करता है, जो इसे छिंदवाड़ा जिले के सबसे आकर्षक धार्मिक स्थलों में शामिल करता है।
मंदिर की विशेषताएँ (Temple Features)
सिद्धेश्वर हनुमान मंदिर, सिमरिया केवल अपनी विशाल प्रतिमा के कारण ही प्रसिद्ध नहीं है, बल्कि इसकी अनेक विशेषताएँ इसे मध्य प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल करती हैं। यहां आने वाला प्रत्येक श्रद्धालु आध्यात्मिक शांति, भव्यता और प्राकृतिक सुंदरता का अद्भुत अनुभव करता है। मंदिर की सबसे बड़ी पहचान यहां स्थापित लगभग 101 फीट ऊँची भगवान हनुमान की प्रतिमा है, जिसे छिंदवाड़ा जिले की सबसे ऊँची धार्मिक प्रतिमाओं में गिना जाता है। दूर से दिखाई देने वाली यह प्रतिमा श्रद्धालुओं के मन में श्रद्धा और उत्साह का संचार करती है।
मंदिर का लगभग पाँच एकड़ में फैला विशाल परिसर इसकी दूसरी प्रमुख विशेषता है। पूरे परिसर में स्वच्छता, हरियाली, सुंदर उद्यान, चौड़े मार्ग और बैठने की पर्याप्त व्यवस्था की गई है, जिससे दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। मंदिर का वातावरण अत्यंत शांत और सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर है, इसलिए अनेक लोग यहां ध्यान और मानसिक शांति प्राप्त करने भी आते हैं।
इस मंदिर की एक और विशेषता यह है कि यहां केवल हनुमान जी ही नहीं, बल्कि अनेक देवी-देवताओं के अलग-अलग मंदिर भी स्थापित किए गए हैं। इससे श्रद्धालु एक ही परिसर में विभिन्न देवताओं के दर्शन कर सकते हैं। विशेष अवसरों पर संपूर्ण मंदिर परिसर आकर्षक विद्युत सजावट से जगमगा उठता है, जिससे इसकी सुंदरता कई गुना बढ़ जाती है।
मंगलवार, शनिवार, हनुमान जयंती और राम नवमी के अवसर पर यहां विशेष पूजा, हनुमान चालीसा पाठ, सुंदरकांड और विशाल भंडारों का आयोजन होता है। इन आयोजनों में हजारों श्रद्धालु शामिल होते हैं। धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से भी यह मंदिर छिंदवाड़ा आने वाले यात्रियों के लिए प्रमुख आकर्षण बन चुका है। श्रद्धा, आधुनिक सुविधाएं और सुव्यवस्थित प्रबंधन इस मंदिर को अन्य धार्मिक स्थलों से अलग पहचान प्रदान करते हैं।
एकता पार्क छिंदवाड़ा (Ekta Park Chhindwara)
मंदिर परिसर में विराजमान देवी‑देवता (Deities in the Temple)
मुख्य रूप से यहाँ भगवान हनुमान की विशाल 101 फीट ऊँची प्रतिमा स्थापित है। इसके अतिरिक्त मंदिर परिसर में अलग‑अलग छोटे मंदिर और पवित्र मूर्तियाँ भी हैं, जिनमें शामिल हैं: राम परिवार, शिव परिवार, गणेशजी, लक्ष्मीनारायण, राधा‑कृष्ण और दुर्गा देवी।
मंदिर परिसर में देखने योग्य स्थल (Places to See in the Temple)
सिद्धेश्वर हनुमान मंदिर परिसर इतना विशाल और सुव्यवस्थित है कि यहां केवल दर्शन ही नहीं, बल्कि कई आकर्षक धार्मिक और प्राकृतिक स्थल भी देखने को मिलते हैं। यदि आप पहली बार यहां आ रहे हैं, तो निम्न स्थान अवश्य देखें।
1. 101 फीट ऊँची भगवान हनुमान की प्रतिमा
यह मंदिर का सबसे बड़ा आकर्षण है। दूर से दिखाई देने वाली यह प्रतिमा श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करती है। प्रतिमा के सामने खड़े होकर श्रद्धालु भगवान हनुमान की दिव्यता और भव्यता का अद्भुत अनुभव करते हैं। फोटोग्राफी के लिए भी यह सबसे लोकप्रिय स्थान है।
2. मुख्य दर्शन स्थल (Main Sanctum Area)
यहीं पर श्रद्धालु हनुमान जी की पूजा-अर्चना करते हैं। विशेष अवसरों पर यहां वैदिक मंत्रोच्चार, पूजा और धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जाते हैं। पूरे क्षेत्र में अत्यंत शांत और आध्यात्मिक वातावरण बना रहता है।
3. राम दरबार मंदिर
हनुमान जी के परम आराध्य भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण का यह मंदिर अत्यंत सुंदर है। अधिकांश श्रद्धालु हनुमान दर्शन के बाद यहां अवश्य आते हैं।
4. शिव परिवार मंदिर
भगवान शिव, माता पार्वती, भगवान गणेश और कार्तिकेय की प्रतिमाएं यहां स्थापित हैं। सावन और महाशिवरात्रि के दौरान यहां विशेष पूजा होती है।
5. राधा-कृष्ण एवं लक्ष्मी-नारायण मंदिर
सुंदर मूर्तियां, शांत वातावरण और आकर्षक सजावट इन मंदिरों को विशेष बनाती है। जन्माष्टमी और अन्य वैष्णव पर्वों पर यहां विशेष आयोजन किए जाते हैं।
6. उद्यान एवं खुला प्रांगण
मंदिर परिसर में विकसित हरित उद्यान और खुले प्रांगण परिवार के साथ कुछ समय शांति से बिताने के लिए उपयुक्त हैं। यहां बैठकर ध्यान और भजन का आनंद लिया जा सकता है।
7. रात्रिकालीन प्रकाश व्यवस्था
शाम के समय संपूर्ण परिसर रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगा उठता है। इस समय विशाल हनुमान प्रतिमा का दृश्य अत्यंत आकर्षक दिखाई देता है और यही समय फोटोग्राफी के लिए भी सबसे उपयुक्त माना जाता है।
मंदिर में होने वाली आरतियाँ और भजन (Aartis and Bhajans)
मंदिर में श्रद्धालु रोज सुबह और शाम भगवान हनुमान की आरती करते हैं।
विशेषकर मंगलवार और शनिवार को यहां हनुमान चालीसा, भजन‑कीर्तन और आरती का आयोजन भक्तिमय माहौल में किया जाता है। भक्तजन इन दिनों भारी संख्या में उपस्थित रहते हैं।
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मंदिर में मनाए जाने वाले पर्व और कार्यक्रम (Festivals and Programs)
सिद्धेश्वर हनुमान मंदिर वर्षभर धार्मिक गतिविधियों से जीवंत रहता है। विभिन्न हिंदू पर्वों पर यहां विशेष पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन, हवन, भंडारे और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इन आयोजनों में छिंदवाड़ा ही नहीं, बल्कि आसपास के जिलों और महाराष्ट्र से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।
हनुमान जयंती
यह मंदिर का सबसे प्रमुख और सबसे बड़ा उत्सव होता है। इस अवसर पर भगवान हनुमान का विशेष श्रृंगार किया जाता है। सुंदरकांड का अखंड पाठ, हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ, विशेष आरती, महाप्रसाद और विशाल भंडारे का आयोजन किया जाता है। पूरे मंदिर परिसर को आकर्षक फूलों और रोशनी से सजाया जाता है।
राम नवमी
भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव के अवसर पर राम दरबार मंदिर में विशेष पूजा होती है। रामायण पाठ, भजन, संकीर्तन और शोभायात्रा जैसे धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
महाशिवरात्रि
शिव परिवार मंदिर में भगवान शिव का विशेष अभिषेक किया जाता है। श्रद्धालु रात्रि जागरण, शिव आराधना और रुद्राभिषेक में भाग लेते हैं।
नवरात्रि
माता दुर्गा मंदिर में नौ दिनों तक विशेष पूजा, दुर्गा सप्तशती पाठ और आरती होती है। अनेक श्रद्धालु यहां ज्योति प्रज्वलित करते हैं।
जन्माष्टमी
राधा-कृष्ण मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण का आकर्षक श्रृंगार किया जाता है। मध्यरात्रि जन्मोत्सव, झूला सज्जा और भजन संध्या का आयोजन होता है।
मंगलवार एवं शनिवार
ये दोनों दिन भगवान हनुमान की विशेष पूजा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माने जाते हैं। इन दिनों मंदिर में सामान्य दिनों की अपेक्षा अधिक भीड़ रहती है और विशेष पूजा, प्रसाद वितरण तथा सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया जाता है।
इन पर्वों के अतिरिक्त समय-समय पर धार्मिक प्रवचन, सत्संग, रक्तदान शिविर, सामाजिक सेवा कार्यक्रम और सामूहिक भंडारों का भी आयोजन किया जाता है, जिससे मंदिर केवल धार्मिक ही नहीं बल्कि सामाजिक सेवा का भी प्रमुख केंद्र बना हुआ है।
मंदिर की समय‑सारणी (Temple Timings)
स्थानीय अनुभव के अनुसार मंदिर सुबह‑शाम भक्तों के लिए खुला रहता है। दोपहर में कुछ समय के लिए बंद होने के बाद शाम में फिर दर्शन के लिए खुलता है। यहाँ प्रवेश के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाता है और पार्किंग की व्यवस्था भी उपलब्ध है।
मंदिर के आसपास देखने योग्य स्थल (Nearby Places to Visit)
यदि आप सिद्धेश्वर हनुमान मंदिर, सिमरिया के दर्शन के लिए आ रहे हैं, तो आसपास स्थित कई धार्मिक, प्राकृतिक और पर्यटन स्थलों की यात्रा भी कर सकते हैं। इससे आपकी यात्रा और भी यादगार बन जाएगी।
1. देवगढ़ किला (Devgarh Fort)
छिंदवाड़ा जिले का ऐतिहासिक देवगढ़ किला गोंड राजाओं की समृद्ध विरासत का प्रतीक माना जाता है। पहाड़ियों पर स्थित यह किला अपने प्राचीन महलों, किलाबंदी, मंदिरों और प्राकृतिक दृश्यों के लिए प्रसिद्ध है। इतिहास और वास्तुकला में रुचि रखने वाले पर्यटकों के लिए यह एक शानदार स्थान है।
2. पातालेश्वर शिव मंदिर (Pataleshwar Shiv Temple)
प्राकृतिक चट्टानों के बीच स्थित यह प्राचीन शिव मंदिर अपनी धार्मिक मान्यता और शांत वातावरण के कारण प्रसिद्ध है। सावन और महाशिवरात्रि के दौरान यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
3. जनजातीय संग्रहालय, छिंदवाड़ा (Tribal Museum Chhindwara)
यदि आप छिंदवाड़ा की संस्कृति और जनजातीय जीवन को नजदीक से जानना चाहते हैं, तो यह संग्रहालय अवश्य देखें। यहां आदिवासी संस्कृति, पारंपरिक वस्त्र, हथियार, संगीत वाद्ययंत्र और प्राचीन जीवन शैली से जुड़ी अनेक वस्तुएं प्रदर्शित की गई हैं।
4. सुभाष पार्क एवं छोटा तालाब (Subhash Park & Chhota Talab)
यह स्थान परिवार के साथ समय बिताने के लिए उपयुक्त है। सुंदर उद्यान, तालाब, फाउंटेन और शाम का शांत वातावरण पर्यटकों को काफी आकर्षित करता है।
5. दीनदयाल पार्क (Deendayal Park)
बच्चों और परिवारों के लिए विकसित यह पार्क हरियाली, वॉकिंग ट्रैक, बैठने की व्यवस्था और मनोरंजन के लिए जाना जाता है। शाम के समय यहां स्थानीय लोगों की अच्छी-खासी भीड़ रहती है।
6. एकता पार्क (Ekta Park)
छिंदवाड़ा का यह आधुनिक पार्क अपनी सुंदर लैंडस्केपिंग, खुले मैदान और शांत वातावरण के कारण लोकप्रिय है। मॉर्निंग वॉक और फोटोग्राफी के लिए यह अच्छा स्थान माना जाता है।
7. माँ हिंगलाज शक्ति पीठ (Maa Hinglaj Shakti Peeth)
छिंदवाड़ा का प्रसिद्ध शक्तिपीठ होने के कारण यहां पूरे वर्ष श्रद्धालुओं की भीड़ रहती है। नवरात्रि के दौरान यहां विशेष धार्मिक आयोजन होते हैं।
8. भर्तादेव पार्क (Bhartadev Park)
प्राकृतिक वातावरण और स्थानीय लोककथाओं के कारण यह स्थान धार्मिक और पर्यटन दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। परिवार के साथ घूमने के लिए यह एक शांत स्थान है।
इन सभी स्थानों की यात्रा करके आप एक ही दिन या दो दिन की छिंदवाड़ा यात्रा को धार्मिक, ऐतिहासिक और प्राकृतिक अनुभवों से भरपूर बना सकते हैं।
पेंच नेशनल पार्क, छिंदवाड़ा (Pench National Park, Chhindwara – Madhya Pradesh)
मंदिर में ध्यान देने योग्य बातें (Points to Keep in Mind)
सिद्धेश्वर हनुमान मंदिर एक प्रमुख धार्मिक स्थल है। इसलिए यहां आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु का दायित्व है कि वह मंदिर की गरिमा और पवित्रता बनाए रखने में सहयोग करे। कुछ महत्वपूर्ण बातें निम्नलिखित हैं—
- मंदिर परिसर में प्रवेश करते समय शालीन एवं मर्यादित वस्त्र पहनें।
- भगवान के दर्शन से पहले जूते-चप्पल निर्धारित स्थान पर ही रखें।
- मंदिर परिसर में स्वच्छता बनाए रखें तथा कचरा इधर-उधर न फैलाएं।
- पूजा और आरती के समय अनुशासन बनाए रखें तथा पुजारियों के निर्देशों का पालन करें।
- यदि किसी स्थान पर फोटोग्राफी प्रतिबंधित हो तो उसका सम्मान करें।
- प्रसाद केवल निर्धारित स्थान पर ही ग्रहण करें।
- मंदिर परिसर में धूम्रपान, तंबाकू, शराब या अन्य नशीले पदार्थों का सेवन पूर्णतः वर्जित है।
- छोटे बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें क्योंकि त्योहारों पर यहां काफी भीड़ रहती है।
- बंदरों या अन्य पशुओं को बिना अनुमति भोजन न कराएं।
- दान केवल मंदिर समिति द्वारा निर्धारित दानपात्र में ही करें।
- किसी भी प्रकार की अफवाह या अपुष्ट धार्मिक जानकारी फैलाने से बचें।
- यदि आप विशेष पूजा या अनुष्ठान करवाना चाहते हैं, तो पहले मंदिर समिति से संपर्क कर आवश्यक जानकारी प्राप्त करें।
इन सरल नियमों का पालन करके प्रत्येक श्रद्धालु अपनी यात्रा को सुखद, सुरक्षित और आध्यात्मिक रूप से यादगार बना सकता है।
मंदिर का पता (Temple Address)
सिद्धेश्वर हनुमान मंदिर, सिमरिया कलन, मोहखेड़ सब‑डिवीजन, छिंदवाड़ा जिला, मध्य प्रदेश, भारत
यह स्थल नागपुर‑छिंदवाड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग के पास स्थित है और आसानी से सड़क मार्ग से पहुँचा जा सकता है।
मंदिर तक पहुँचने का मार्ग (Travel Guide)
यदि आप पहली बार सिद्धेश्वर हनुमान मंदिर की यात्रा करने जा रहे हैं, तो पहले से यात्रा की योजना बना लेना सुविधाजनक रहेगा।
सड़क मार्ग (By Road)
छिंदवाड़ा शहर से मंदिर तक सड़क मार्ग द्वारा आसानी से पहुंचा जा सकता है। शहर से टैक्सी, ऑटो, निजी वाहन और स्थानीय बसों की सुविधा उपलब्ध रहती है। सड़कें अच्छी स्थिति में होने के कारण यात्रा आरामदायक रहती है।
रेल मार्ग (By Train)
निकटतम रेलवे स्टेशन छिंदवाड़ा जंक्शन (Chhindwara Junction) है। यहां से टैक्सी, ऑटो या निजी वाहन द्वारा लगभग 20–30 मिनट में मंदिर पहुंचा जा सकता है (यात्रा समय ट्रैफिक और सटीक मार्ग पर निर्भर करता है)।
हवाई मार्ग (By Air)
निकटतम प्रमुख हवाई अड्डा डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, नागपुर है, जो छिंदवाड़ा से लगभग 130 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। वहां से टैक्सी या बस द्वारा छिंदवाड़ा पहुंचकर मंदिर जाया जा सकता है।
यात्रा का सबसे अच्छा समय
अक्टूबर से मार्च का समय यात्रा के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है क्योंकि मौसम सुहावना रहता है। हनुमान जयंती, राम नवमी और मंगलवार-शनिवार को धार्मिक वातावरण अत्यंत आकर्षक होता है, हालांकि इन दिनों भीड़ अधिक रहती है।
दर्शन के लिए सुझाव
परिसर की स्वच्छता बनाए रखें और धार्मिक नियमों का पालन करें।
सुबह जल्दी पहुंचें।
शाम की आरती अवश्य देखें।
पीने का पानी साथ रखें।
गर्मियों में टोपी या छाता रखें।
बुजुर्गों और बच्चों के साथ आराम से यात्रा करें।
त्योहारों के दौरान पार्किंग के लिए अतिरिक्त समय रखें।
छोटा महादेव मंदिर, जमुनिया, छिंदवाड़ा (Chhota Mahadev Temple, Jamunia, Chhindwara)
हनुमान मंदिर, सिमरिया, छिंदवाड़ा की छवियाँ (Images of Hanuman Temple, Simariya, Chhindwara)





निष्कर्ष (Conclusion)
सिद्धेश्वर हनुमान मंदिर, सिमरिया भगवान हनुमान के प्रति श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत उदाहरण है। यहां स्थापित 101 फीट ऊँची हनुमान प्रतिमा और शांत वातावरण भक्तों को आध्यात्मिक अनुभूति प्रदान करता है। यह मंदिर न सिर्फ धार्मिक स्थल है बल्कि परिवार और पर्यटकों के लिए भी एक आकर्षक स्थान है।
परशुराम वाटिका — एक पावन तीर्थ स्थल (Parshuram Vatika — A Sacred Pilgrimage Site)
Frequently Asked Questions (FAQ)
1. सिद्धेश्वर हनुमान मंदिर कहां स्थित है?
यह मंदिर सिमरिया गांव, जिला छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेश में स्थित है।
2. यह मंदिर किस लिए प्रसिद्ध है?
यह मंदिर भगवान हनुमान की लगभग 101 फीट ऊंची भव्य प्रतिमा और विशाल धार्मिक परिसर के लिए प्रसिद्ध है।
3. मंदिर का निर्माण कब हुआ था?
भूमि पूजन वर्ष 2012 में हुआ तथा भगवान हनुमान की प्राण-प्रतिष्ठा 24 फरवरी 2015 को सम्पन्न हुई।
4. मंदिर में कौन-कौन से देवी-देवता विराजमान हैं?
हनुमान जी के अलावा राम दरबार, शिव परिवार, राधा-कृष्ण, लक्ष्मी-नारायण, गणेश जी, दुर्गा माता और सरस्वती माता के मंदिर भी परिसर में स्थित हैं।
5. मंदिर जाने का सबसे अच्छा समय कौन-सा है?
अक्टूबर से मार्च का मौसम सबसे उपयुक्त माना जाता है। मंगलवार, शनिवार और हनुमान जयंती पर विशेष धार्मिक आयोजन होते हैं।
6. क्या मंदिर में प्रवेश शुल्क लगता है?
नहीं, सामान्य दर्शन के लिए कोई प्रवेश शुल्क नहीं लिया जाता।
7. क्या यहां पार्किंग की सुविधा उपलब्ध है?
हां, मंदिर परिसर के आसपास वाहनों के लिए पार्किंग की व्यवस्था उपलब्ध रहती है।
8. क्या यहां फोटोग्राफी की जा सकती है?
परिसर के खुले भागों में सामान्यतः फोटोग्राफी की जा सकती है, लेकिन किसी भी प्रतिबंधित क्षेत्र या पूजा के समय मंदिर प्रशासन के निर्देशों का पालन करना चाहिए।


