“ॐ अघोराय नमः” (Om Aghoraya Namah) भगवान शिव के अघोर स्वरूप को समर्पित एक अत्यंत प्रभावशाली मंत्र है। इस मंत्र का भावार्थ है— जो समस्त भय, अंधकार और सीमाओं से परे हैं, उन अघोर शिव को नमन। अघोर शिव का वह रूप है जो समाज द्वारा निंदित माने जाने वाले तत्वों को भी स्वीकार कर उन्हें शुद्ध करता है। यह मंत्र नकारात्मक ऊर्जा, भय और अज्ञान को दूर कर साधक को सुरक्षा तथा आध्यात्मिक बोध प्रदान करता है। मान्यता है कि रुद्राक्ष माला से किया गया इसका जाप बड़े-से-बड़े संकटों को भी शांत कर देता है।
मंत्र (Mantra):
ॐ अघोराय नमः
जाप के लाभ (Benefits of chanting)
सुरक्षा और मानसिक स्थिरता: यह मंत्र साधक के चारों ओर सुरक्षा कवच बनाता है और मन को स्पष्टता प्रदान करता है।
बाधाओं से मुक्ति: जीवन में आने वाली कठिनाइयों, भय और विघ्नों को दूर करने में सहायक माना जाता है।
आध्यात्मिक उन्नति: आंतरिक अंधकार को मिटाकर आत्मज्ञान और साधना में गहराई लाता है।
जाप की विधि (Method of chanting)
दिशा: पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके जाप करें।
माला: रुद्राक्ष की माला का उपयोग श्रेष्ठ माना जाता है।
समर्पण: जाप से पहले शिवलिंग पर जल अर्पित करें या बिल्व पत्र चढ़ाएं।
संख्या: 11, 21, 108, 101 या 1001 बार मंत्र जप किया जा सकता है।


