ॐ विक्षणाक्षाय नमः भगवान शिव के दिव्य और सर्वज्ञ स्वरूप को समर्पित एक गूढ़ मंत्र है। यह मंत्र शिव की उस चेतना का स्मरण कराता है जो सृष्टि के हर कण को देखने, समझने और साक्षी भाव से जानने वाली है। “विक्षणाक्ष” अर्थात जिनकी दृष्टि से कुछ भी छिपा नहीं—वे हमारे बाह्य कर्मों के साथ-साथ अंतरमन की भावनाओं और विचारों को भी भली-भांति देखते हैं। इस मंत्र का जप साधक को आत्मनिरीक्षण, जागरूकता और आंतरिक स्पष्टता की ओर ले जाता है तथा अज्ञान के अंधकार को दूर कर विवेक और ज्ञान का प्रकाश प्रदान करता है।
मंत्र (Mantra):
ॐ विक्षणाक्षाय नमः
ॐ विक्षणाक्षाय नमः मंत्र के लाभ (Benefits of Om Vikshanakshaya Namah Mantra)
- मन को शांति और स्थिरता प्रदान करता है
- विचारों में स्पष्टता और सही निर्णय लेने की शक्ति बढ़ाता है
- आत्मनिरीक्षण और आत्मज्ञान में सहायक
- नकारात्मक सोच और भ्रम को दूर करता है
- ध्यान और साधना में एकाग्रता बढ़ाता है
- चेतना और जागरूकता का विकास करता है
- शिव कृपा से मानसिक संतुलन और विवेक प्राप्त होता है
ॐ विक्षणाक्षाय नमः मंत्र जप की विधि (Method of chanting Om Vikshanakshaya Namah Mantra)
- जप के लिए प्रातः ब्रह्ममुहूर्त या रात्रि का शांत समय श्रेष्ठ माना जाता है
- स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें
- शांत स्थान पर आसन लगाकर उत्तर या पूर्व दिशा की ओर मुख करें
- मन को शांत कर भगवान शिव का ध्यान करें
- रुद्राक्ष की माला से 108 बार मंत्र का जप करें
- जप के समय शिव को सर्वदर्शी साक्षी भाव से स्मरण करें
- जप पूर्ण होने पर शिव से सद्बुद्धि और विवेक की प्रार्थना करें


