
इतिहास, रहस्य और कला से भरपूर प्राचीन मंदिर (An Ancient Temple Filled with History, Mystery, and Art)
नवा तोरण मंदिर नीमच जिले के खोर गाँव में स्थित एक अत्यंत प्राचीन और अद्भुत मंदिर है। इसकी अनोखी वास्तुकला और रहस्यमयी संरचना आज भी हजारों पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती है। नीमच शहर से इसकी दूरी लगभग 20–21 किलोमीटर है।
मंदिर का नाम इसके नौ तोरणों (कमानों) पर आधारित है, जो इसकी पहचान हैं।
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मंदिर का इतिहास (History of the Temple)

यह मंदिर 11वीं शताब्दी का माना जाता है और परमार वंश की उच्च कोटि की वास्तुकला का उत्कृष्ट उदाहरण है।
कभी यह मंदिर एक विशाल धार्मिक परिसर का हिस्सा था, पर समय के साथ इसका अधिकांश भाग टूटता गया।
फिर भी, पत्थरों पर बनी नक्काशियाँ और शिल्प आज भी उस युग की कला का जीवित प्रमाण हैं।
स्थानीय कथाओं में इसे शिव और विष्णु दोनों की पूजा का स्थल बताया गया है।
वर्तमान में यह भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा संरक्षित है।
बड़े महादेव, भानपुरा (Bada Mahadev, Bhanpura)
मंदिर की विशेषताएँ (Key Features of the Temple)
- नौ भव्य तोरण जिनकी संरचना अत्यंत दुर्लभ है।
- स्तंभों पर की गई बारीक नक्काशी जिसमें पुष्प, मानव आकृतियाँ और पौराणिक चिन्ह उकेरे गए हैं।
- मध्य भाग में स्थापित वराह (भगवान विष्णु का अवतार) की सुंदर मूर्ति।
- गर्भगृह में मौजूद प्राचीन शिवलिंग जिसकी स्थानीय लोग प्रतिदिन पूजा करते हैं।
- मध्य भारत में इस प्रकार की वास्तुकला बहुत ही कम देखने को मिलती है।
मंदिर के अंदर देवी-देवता (Deities Inside the Temple)
- वराह भगवान की मूर्ति
- प्राचीन शिवलिंग
दोनों प्रतिमाएँ आज भी पूजनीय मानी जाती हैं।
मंदिर के अंदर देखने लायक चीज़ें (Things to See Inside the Temple)
तोरणों की अनोखी श्रृंखला
स्तंभों पर बारीक नक्काशी
वराह प्रतिमा
मंदिर के खंडहर, जिनसे इतिहास झलकता है
शांत एवं दिव्य वातावरण
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मंदिर में होने वाली आरतियाँ और भजन (Daily Aarti and Bhajans)
एक संरक्षित स्थल होने के कारण यहाँ बड़े कार्यक्रम नहीं होते,
लेकिन स्थानीय भक्त प्रतिदिन सुबह और शाम शिवलिंग पर पूजा करते हैं।
सोमवार, महाशिवरात्रि और कार्तिक पूर्णिमा के दिन यहाँ विशेष भीड़ रहती है।
मंदिर में होने वाले प्रमुख त्योहार (Major Festivals Celebrated)
महाशिवरात्रि
सावन के सोमवार
कार्तिक पूर्णिमा
विष्णु पूजा से जुड़े स्थानीय पर्व
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मंदिर की टाइमिंग (Temple Timings)
यह एक खुला पुरातात्विक स्थल है, इसलिए यहाँ दर्शन का कोई निर्धारित समय नहीं है।
पर्यटक सामान्यतः सुबह 6 बजे से शाम 6:30 बजे तक यहाँ घूमते हैं।
मंदिर का पूरा पता और ट्रैवल गाइड (Full Address and Travel Guide)
स्थान: खोर गाँव, जवाड़ तहसील, नीमच जिला, मध्य प्रदेश
दूरी: नीमच से लगभग 20–21 किलोमीटर
नजदीक: विक्रम सीमेंट फैक्ट्री
कैसे पहुँचें
नीमच रेलवे स्टेशन से दूरी लगभग 20–21 किमी
उदयपुर एयरपोर्ट से दूरी लगभग 110 किमी
नीमच शहर से टैक्सी, ऑटो या निजी वाहन द्वारा खोर गाँव आसानी से पहुँचा जा सकता है।
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मंदिर के पास घूमने लायक स्थान (Nearby Tourist Attractions)
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सुखानंदजी आश्रम
मोती सागर, नीमच
नाहरगढ़ किला क्षेत्र
मंदिर में ध्यान देने योग्य बातें (Important Things to Keep in Mind)
यह ASI का संरक्षित स्थल है, इसलिए संरचना को नुकसान न पहुँचाएँ।
पत्थरों पर चढ़ने से बचें।
गर्मी में पानी और टोपी साथ रखें।
शांत वातावरण का सम्मान करें।
यद्यपि मंदिर छोटा है, लेकिन इतिहास से भरपूर है।
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Images of Nava Toran Temple, Neemuch




निष्कर्ष (Conclusion)
नवा तोरण मंदिर केवल पूजा का स्थान नहीं, बल्कि भारत की प्राचीन शिल्पकला और इतिहास का अद्भुत खजाना है।
इसके तोरणों की डिजाइन, नक्काशियाँ और शांत वातावरण हर आगंतुक को मंत्रमुग्ध कर देते हैं।
यदि आप इतिहास, कला या आध्यात्मिकता का अनुभव करना चाहते हैं, तो यह स्थान अवश्य देखें।
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