एकाक्षी दुर्गा देवी दुर्गा का एक अत्यंत दुर्लभ और रहस्यमयी रूप है। यह स्तोत्र माता की असीम शक्ति और उनके विभिन्न रूपों की स्तुति करता है। इसमें देवी के उन स्वरूपों का स्मरण है जिन्होंने असुरों का संहार कर धर्म की रक्षा की। इस स्तोत्र का पाठ करने से जीवन के सभी संकट, भय और दुःख दूर होते हैं और साधक को अदम्य शक्ति और साहस प्राप्त होता है।
एकाक्षी दुर्गा (Ekakshi Durga)
ॐ दुर्गायै नमः।
या अम्बा मधुकेटभप्रमथिनी या माहिषोन्मूलिनी
या धूम्रक्ष्ण चण्डमुन्डमथिनी या रक्तबीजाशिनी।
शक्तिः शुभानिशुभदैत्यदलिनी या सिद्धलक्ष्मीः परा
सा दुर्गा नवकोटिविक्षसहिता मां पातु विश्वेश्वरी॥
अर्थ (Meaning in Hindi)
हे दुर्गा देवी! आपको नमन है।
आप वही अम्बा हैं जिन्होंने मधु और कैटभ का संहार किया, महिषासुर का विनाश किया,
धूम्रलोचन, चण्ड-मुण्ड और रक्तबीज जैसे दैत्यों का नाश किया।
आप ही शुभ-अशुभ सबका अंत करने वाली, सिद्धलक्ष्मी और परमशक्ति स्वरूपा हैं।
हे विश्वेश्वरी दुर्गा! आप अपनी नौ करोड़ शक्तियों सहित मेरी रक्षा करें।


