ॐ वराहाय नमः एक शक्तिशाली वैदिक मंत्र है, जो भगवान विष्णु के वराह अवतार की आराधना के लिए प्रयोग किया जाता है। यह मंत्र विशेष रूप से भूमि, सुरक्षा, और आध्यात्मिक उन्नति से संबंधित लाभ प्रदान करता है।
ॐ सर्व विख्याताय नमः (Om Sarv Vikhyataaya Namah)
मंत्र:
ॐ वराहाय नमः
ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः (Om Bhram Bhreem Bhroum Sah Rahave Namah)
मंत्र का अर्थ
पूर्ण अर्थ: मैं भगवान वराह को नमस्कार करता हूँ।
अनादी कल्पेश्वर स्तोत्र (Anadikalpeshvara Stotram)
लाभ (Benefits)
- भूमि और संपत्ति प्राप्ति
- जो व्यक्ति घर, ज़मीन या फ्लैट लेना चाहता है, उनके लिए यह मंत्र बहुत फलदायक होता है।
- भूमि संबंधी विवादों का निवारण होता है।
- नकारात्मक ऊर्जा से रक्षा
- यह मंत्र नज़र दोष, बुरी आत्माओं, और तांत्रिक प्रभावों से सुरक्षा देता है।
- शत्रु बाधा से मुक्ति
- वराह अवतार का शक्तिशाली स्वरूप शत्रुओं का नाश करता है और निर्भीकता देता है।
- आध्यात्मिक उन्नति और आत्मशुद्धि
- नियमित जाप से मानसिक शांति मिलती है और साधक का आध्यात्मिक विकास होता है।
आग्नेय स्तोत्र हिंदी (Agney Stotra )
जाप विधि (Japa Vidhi)
- समय: ब्रह्म मुहूर्त (सुबह 4–6 बजे) या संध्या समय
- स्थान: पूजा कक्ष या किसी शांत पवित्र स्थल पर
- आसन: कुशा, ऊन या लाल कपड़े का आसन
- सामग्री: दीपक, धूप, लाल पुष्प, तुलसी पत्र
- माला: तुलसी या रुद्राक्ष की माला
- संख्या: प्रतिदिन 108 बार मंत्र जाप करें
श्री आदिमाता अशुभनाशिनी स्त्रोत्र (Shri Adimata Ashubhnashini Stotra)
विशेष अनुष्ठान
यदि ज़मीन या मकान संबंधी समस्या हो:
- वराह जयंती के दिन उपवास रखें
- वराह रूप में भगवान विष्णु की मूर्ति या चित्र पर दीप जलाएं
- “ॐ नमः श्रीवराहाय धरण्युद्धारणाय स्वाहा” मंत्र का 1008 बार जाप करें
- बाद में वराह कथा श्रवण करें और नैवेद्य अर्पित करें
पार्वती पंचक स्तोत्र (Parvati Panchak Stotra)
अन्य मंत्र
- वराह बीज मंत्र:
“ॐ नमो भगवते वराहरूपाय भूर्भुवः स्वः पतये भूपतित्वं मे देहि द दापय स्वाहा।”
भूमि, सत्ता और स्थिरता प्राप्ति के लिए अति प्रभावी। - वराह कवच:
इसका पाठ नकारात्मक ऊर्जा से सुरक्षा, मानसिक दृढ़ता और आत्मविश्वास को बढ़ाता है।
श्री आदिमाता शुभंकरा स्तवनम् (Shri Adimata Shubhankara Stavanam)


