“ॐ सिद्धि विनायकाय नमः” एक अत्यंत प्रभावशाली गणेश मंत्र है, जो भगवान गणेश के “सिद्धि विनायक” स्वरूप को समर्पित है। यह मंत्र विशेष रूप से उन लोगों के लिए उपयोगी है जो अपने जीवन में सफलता, समृद्धि, और किसी कार्य में बाधाओं को दूर करना चाहते हैं।
श्री कृष्णाष्टकम् – वसुदेव सुतं देवंकंस (Shri Krishnashtakam)
मंत्र:
ॐ सिद्धि विनायकाय नमः
मंत्र का अर्थ:
“मैं भगवान गणेश को नमन करता हूँ, जो सिद्धि (सफलता) प्रदान करने वाले और समस्त बाधाओं को दूर करने वाले विनायक हैं।”
संकट कटै मिटे सब पीरा जो सुमिरै हनुमत बलबीरा (Sankat Kate Mite Sab Peera )
मंत्र जाप के लाभ:
- बाधाओं का निवारण: यह मंत्र जीवन में आने वाली विभिन्न बाधाओं को दूर करने में सहायक है।
- सफलता की प्राप्ति: इस मंत्र का नियमित जाप करने से कार्यों में सफलता प्राप्त होती है।
- समृद्धि और वैभव: यह मंत्र समृद्धि, वैभव और यश की प्राप्ति में सहायक है।
- आत्मबल में वृद्धि: मंत्र का जाप आत्मविश्वास और मानसिक शक्ति को बढ़ाता है।
जाप विधि:
- समय और स्थान: सुबह के समय या किसी भी शांत स्थान पर बैठकर इस मंत्र का जाप करें।
- दिशा: उत्तर या पूर्व दिशा की ओर मुख करके बैठें।
- माला का उपयोग: 108 मोतियों की माला का उपयोग करके 108 बार मंत्र का जाप करें।
- एकाग्रता: मन को शांत रखकर भगवान गणेश के स्वरूप का ध्यान करें।
ॐ नीलकण्ठाय नमः मंत्र – भगवान शिव का दिव्य रक्षक रूप (OM NILAKANTHAYA NAMAH MANTRA)
उत्तम समय:
- बुधवार: भगवान गणेश का दिन माना जाता है, इसलिए इस दिन जाप करना विशेष फलदायी होता है।
- गणेश चतुर्थी: इस पर्व पर मंत्र का जाप करने से विशेष लाभ मिलता है।
- प्रत्येक दिन: प्रतिदिन सुबह या शाम के समय इस मंत्र का जाप करने से जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आते हैं।
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