“ॐ नमो हनुमते आवेशाय आवेशाय स्वाहा” हनुमान जी का एक अत्यंत प्रभावशाली मंत्र है, जो व्यक्ति को सभी प्रकार के कर्जों से मुक्ति दिलाने, संकटों का नाश करने और आत्मबल व साहस प्रदान करने में सहायक है। इस मंत्र का अर्थ है— “मैं हनुमान जी को नमन करता हूँ, जो दिव्य शक्ति और तेज से पूर्ण हैं, और इस मंत्र के माध्यम से उनकी कृपा व आवेश को अपने जीवन में समर्पित करता हूँ।” यह मंत्र साधक के चारों ओर हनुमान जी का अदृश्य कवच बनाता है, जो हर प्रकार की नकारात्मक ऊर्जा और बाधाओं से सुरक्षा प्रदान करता है।
मंत्र
ॐ नमो हनुमते आवेशाय आवेशाय स्वाहा
मंत्र का अर्थ (Meaning of Mantra)
“मैं हनुमान जी को नमन करता हूँ, जो ब्रह्मांडीय ऊर्जा से युक्त हैं, दिव्य शक्ति और बल से परिपूर्ण हैं, तथा जिनकी कृपा और आवेश को समर्पित होकर मैं इस मंत्र के माध्यम से सिद्धि प्राप्त करने का आह्वान करता हूँ।”
मंत्र जाप विधि (Method of chanting mantra):
- प्रातः स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
- हनुमान जी के समक्ष बैठकर भगवान राम का स्मरण करें।
- हनुमान जी को चोला और सिंदूर अर्पित करें।
- रुद्राक्ष की माला से प्रतिदिन 1 माला (108 बार) या अधिक जाप करें।
- जाप के बाद हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ करना शुभ माना जाता है।
मंत्र जाप के लाभ (Benefits of chanting mantras):
- सभी प्रकार के कर्जों से मुक्ति मिलती है।
- जीवन में आने वाली हर बाधा और संकट समाप्त होते हैं।
- नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और आत्मबल बढ़ता है।
- हनुमान जी का दिव्य कवच हर समय रक्षा करता है।
- मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं और भय से मुक्ति मिलती है।
इस मंत्र का नित्य जाप करने से व्यक्ति के जीवन में साहस, शक्ति, समृद्धि और सफलता का मार्ग प्रशस्त होता है।


