नंदी गायत्री मंत्र भगवान शिव के प्रिय वाहन एवं परम भक्त नंदी महाराज को समर्पित है। इस मंत्र का जाप करने से मन को शांति मिलती है, नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है, और व्यक्ति के जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है। नंदी जी भगवान शिव के गणों के प्रमुख माने जाते हैं और शिव भक्ति में उनका विशेष स्थान है।
नन्दिकेश्वरा गायत्री मंत्र (Nandikeshwara Gayatri Mantra)
ॐ तत्पुरूषाय विद्महे, नन्दिकेश्वराय धीमहि, तन्नो वृषभ: प्रचोदयात् ।।
मंत्र का भावार्थ: हे नन्दिकेश्वर भगवान, आप सबके कष्टों का अंत करने वाले और पालनहार हैं। कृपया मेरी प्रार्थना स्वीकार करें और मुझे सद्बुद्धि प्रदान करें। शिव के अनन्य सेवक नंदी जी, मुझे अपना आशीर्वाद दें और मेरे दुखों का निवारण करें।
मंत्र के लाभ (Benefits of Mantra):
- मन की अशांति और नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है।
- ग्रहों के अशुभ प्रभावों से रक्षा मिलती है।
- व्यापार एवं नौकरी में उन्नति होती है।
- शत्रु बाधाओं से मुक्ति प्राप्त होती है।
- शारीरिक कष्टों से राहत मिलती है।
- बुद्धि तीव्र होती है और ज्ञान की प्राप्ति होती है।
मंत्र जाप विधि (Method of chanting mantra):
- इस मंत्र का जाप सूर्योदय से पहले करना श्रेष्ठ माना जाता है।
- जाप करने से पहले भगवान शिव का ध्यान करें और नंदी महाराज का स्मरण करें।
- पहले पाँच दिन प्रतिदिन 11 बार जाप करें।
- छठे दिन से जाप की संख्या बढ़ाकर 21 बार करें।
- हर पाँच दिन बाद जाप की संख्या में वृद्धि कर सकते हैं।


