इस मंत्र का प्रातःकालीन जाप नवग्रहों की कृपा प्राप्त करने में सहायक होता है। इससे ग्रहों की अशुभता कम होती है और जीवन में शांति व सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
अहोई माता की आरती (Ahoi Mata ki Aarti)
नवग्रहों का संपूर्ण ब्रह्मांड पर गहरा प्रभाव होता है, और सनातन संस्कृति में उन्हें दिव्य शक्ति के रूप में पूजा जाता है। प्राचीन मान्यताओं के अनुसार, यदि हम नवग्रहों की स्तुति कर उन्हें प्रसन्न करें, तो जीवन की बाधाएं स्वतः दूर हो जाती हैं। इसी कारण शुभ कार्यों से पूर्व नवग्रह वंदना की परंपरा प्रचलित है, जिससे सुख, समृद्धि और उन्नति प्राप्त होती है।
बुधवार आरती (Budhwar ki aarti)
गृह शान्ति मंत्र (Navgraha Shanti Mantra):
ब्रह्मा मुरारी त्रिपुरांतकारी भानु: शशि भूमि सुतो बुधश्च।
गुरुश्च शुक्र शनि राहु केतव सर्वे ग्रहा शांति करा भवंतु।।
श्रीकृष्ण जी की आरती (Shree Krishna ji ki Aarti)
अर्थ:
ब्रह्मा, विष्णु और शिव सहित सूर्य, चंद्र, मंगल (भूमि पुत्र), बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु और केतु—सभी ग्रह हमारी रक्षा करें और शांति प्रदान करें।
संदेश:
नवग्रहों की कृपा पाने के लिए इस मंत्र का नियमित जाप करना लाभकारी है। परंतु, केवल आध्यात्मिक उपाय पर्याप्त नहीं होते—हमें अपने आचरण को भी शुद्ध रखना चाहिए। यह सुनिश्चित करें कि हमारे शब्दों और कर्मों से किसी को पीड़ा न पहुंचे, अन्यथा हमारे प्रयास निष्फल हो सकते हैं। ग्रहों की कृपा केवल बाहरी साधना से नहीं, बल्कि आंतरिक शुद्धता और सद्कर्मों से भी प्राप्त होती है।
सूर्यदेव आरती (Suryadev Aarti)
नवग्रह स्तुति के लाभ (Benefits of Navgraha Stuti:):
- ग्रहों की कृपा प्राप्त होती है – इस मंत्र के जाप से नवग्रहों की सकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ता है, जिससे जीवन में शुभ फल मिलते हैं।
- अशुभ प्रभाव कम होता है – यदि किसी ग्रह की दशा प्रतिकूल चल रही हो, तो इस मंत्र से उसका प्रभाव संतुलित होता है।
- शांति और समृद्धि मिलती है – यह मंत्र मानसिक शांति प्रदान करता है और जीवन में सुख-समृद्धि लाने में सहायक होता है।
- कार्य सिद्धि में सहायक – ग्रह अनुकूल होने पर कार्यों में सफलता मिलने की संभावना बढ़ जाती है।
- नकारात्मकता दूर होती है – इस स्तुति से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और बाधाएं दूर होती हैं।
- आध्यात्मिक उन्नति होती है – मंत्र जाप से आत्मिक शुद्धि होती है, जिससे आध्यात्मिक प्रगति का मार्ग प्रशस्त होता है।
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