भैरव बाबा की आरती का नित्य पाठ करने से व्यक्ति के जीवन में सुरक्षा, साहस और शत्रुओं से मुक्ति प्राप्त होती है। यह आरती भक्तों को नकारात्मक शक्तियों से बचाती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है।
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भैरव बाबा जी की महिमा
भैरव बाबा भगवान शिव के रौद्र स्वरूप हैं, जिनका नाम ही भय से रक्षा करने वाला है। उनकी आराधना से भक्तों को अदम्य साहस, आत्मविश्वास और आध्यात्मिक शक्ति प्राप्त होती है। भैरव बाबा की नित्य पूजा और आरती करने से घर में नकारात्मक ऊर्जा प्रवेश नहीं करती और शारीरिक व मानसिक बाधाओं से मुक्ति मिलती है। उनकी कृपा से भक्त हर प्रकार के संकट से सुरक्षित रहते हैं और जीवन में समृद्धि प्राप्त करते हैं।
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भैरव बाबा जी की आरती
जय भैरव देवा, प्रभु जय भैरव देवा ।
जय काली और गौरा देवी कृत सेवा
॥ जय भैरव …
तुम्ही पाप उद्धारक दुःख सिन्धु तारक ।
भक्तो के सुख कारक भीषण वपु धारक
॥ जय भैरव …
वाहन श्वान विराजत कर त्रिशूल धारी ।
महिमा अमित तुम्हारी जय जय भयहारी
॥ जय भैरव …
तुम बिन देवा सेवा सफल नहीं होवे ।
चौमुख दीपक दर्शन दुःख खोवे
॥ जय भैरव …
तेल चटकी दधि मिश्रित भाषावाली तेरी ।
कृपा कीजिये भैरव, करिए नहीं देरी
॥ जय भैरव …
पाँव घुँघरू बाजत अरु डमरू दम्कावत ।
बटुकनाथ बन बालक जल मन हरषावत
॥ जय भैरव …
बटुकनाथ जी की आरती जो कोई नर गावे ।
कहे धरनी धर नर मनवांछित फल पावे
॥ जय भैरव …
॥ इति श्री भैरव आरती संपूर्णम् ॥
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