जगत के उद्धारक श्री हरि विष्णु और समृद्धि की देवी माँ लक्ष्मी की संयुक्त पूजा से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। शक्तिशाली भगवान विष्णु और माँ लक्ष्मी के संयुक्त मंत्र का जाप करने से दसों दिशाओं से श्री हरि और माँ लक्ष्मी की कृपा बरसती है।
लक्ष्मी नारायण मंत्र के लाभ (Benefits of Laxmi Narayan Mantra)
कार्यक्षेत्र और व्यापार में आपको सफलता मिलेगी। लम्बी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और आध्यात्मिक उन्नति का आशीर्वाद भी मिलता है। यदि आपकी कोई विशेष इच्छा है तो उसी को ध्यान में रखते हुए शिष्य पूजन का संकल्प लें
लक्ष्मी नारायण की पूजा विधि (Method of worship of Lakshmi Narayan)
सबसे पहले भगवान गणेश की पूजा करें। इसके बाद भगवान नारायण और लक्ष्मी जी को पहले जल से फिर पंचामृत से फिर वापस जल से स्नान कराएं। फिर नारायण और लक्ष्मी जी को वस्त्र पहनाएं और तिलक लगाएं और माला पहनाएं। इत्र अर्पित करें इसके बाद धूप और दीया जलाएं। दिया घी या तेल किसी का भी श्रद्धानुसर जलाये
आरती के बाद वंदना करें और फिर नेवैद्य अर्पित करें। ऊँ नमो नाराणाय: कहें और भगवान श्रीहरि को अष्टगंध का तिलक लगाएं। ऊं लक्ष्मयै नमः बोले मां लक्ष्मी को कुमकुम का तिलक लगाएं। लक्ष्मी-नारायण के पूजन का समय ”ऊँ लक्ष्मी नारायणाभ्यां नमः” जपते रहें।


