काल भैरव को भगवान शिव का सबसे उग्र रूप माना जाता है और इन्हें देवभूमि काशी का रक्षक भी कहते हैं स्वयं महादेव ने उन्हें काशी का रक्षक नियुक्त किया है। काला कुत्ता इनकी सवारी है और इनको घमंड और अहंकार को दूर करने वाला देवता भी कहते हैं।
काल भैरव गायत्री मंत्र : (Kaal Bhairava Gayatri Mantra)
ॐ कालाकालाय विद्महे,
कालातीताय धीमहि,
तन्नो काल भैरव प्रचोदयात् ||
काल भैरव गायत्री मंत्र पाठ के लाभ (Benefits of reciting Kaal Bhairava Gayatri Mantra)
यह मंत्र जातक को दोषों के कारण होने वाले बुरे परिणामों से बचाता है। यह मंत्र व्यक्ति के मानस से किसी भी नकारात्मक विचार और ऊर्जा को दूर करने में मदद करता है। यह मुद्दों, प्रतिद्वंद्विता, दुख, दर्द और विषाक्त संबंधों को सुधारने में मदद करता है। इस मंत्र के माध्यम से जातक को भगवान शिव और काल भैरव का आशीर्वाद मिलता है।


