सर्वमंगल मांगल्यै शिव सवार्थ साधिक।
शरण्ये त्रयम्बके गौरि नरायणि नमोस्तु ते।।
यह मंत्र देवी शक्ति (देवी दुर्गा) को समर्पित है यह एक शक्तिशाली मंत्र है मंत्र का रोजाना जाप करने से मां दुर्गा का आशीर्वाद मिलता है और नकारात्मकता दूर होती है। जब भी आप घर से बाहर काम के लिए जाएं या किसी विशेष यात्रा पर जाएं तो इस मंत्र का जाप करें आपका पूरा दिन अच्छा जाएगा।
मंत्र हिंदी में अर्थ
आप शुभ कल्याण करने वाली, सबकी मनोकामना पूर्ण करने वाली, शरण में आने योग्य, तीन नेत्रों वाली अर्थात भूत, भविष्य और वर्तमान को प्रत्यक्ष देखने वाली, शिव की पत्नी आप हैं। नारायण की पत्नी अर्थात् भगवान की पत्नी हैं। आप सभी रूपों से जुड़े हुए हैं, आपको नमस्कार है।


