
हनुमान जी को संकटमोचक, बल-बुद्धि के दाता और श्रीराम के परम भक्त के रूप में जाना जाता है। जब जीवन में भय, बाधाएँ या मानसिक अशांति घेर लेती हैं, तब हनुमान जी की शरण सबसे सशक्त सहारा बनती है। “अंजनीगर्भ संभूत कपिन्द्र सचिवोत्तम” यह मंत्र हनुमान जी के उसी दिव्य स्वरूप का स्मरण कराता है, Read More










