
“श्री चण्डी ध्वज स्तोत्र” अत्यंत शक्तिशाली स्तोत्र है, जो देवी महालक्ष्मी, महाकाली और महासरस्वती — त्रिदेवी की संयुक्त उपासना का रूप है।इस स्तोत्र का वर्णन मार्कण्डेय ऋषि ने किया है, और इसमें चण्डी स्वरूपा देवी को सर्वब्रह्ममयी, त्रिगुणात्मक और सर्वशक्ति की अधिष्ठात्री बताया गया है।इसका मुख्य उद्देश्य साधक को राज्य, धन, ऐश्वर्य, विजय और सर्वकाम-सिद्धि Read More


