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माँ अन्नपूर्ण स्तोत्रं (Maa Annapurna Stotram)

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माँ अन्नपूर्णा स्तोत्र एक अत्यंत भावपूर्ण और शक्तिशाली स्तुति है जो देवी अन्नपूर्णा को समर्पित है। यह स्तोत्र माँ की करुणा, कृपा और उनके “भिक्षा दान” स्वरूप का सुंदर वर्णन करता है। अन्न की देवी के रूप में पूजित माँ अन्नपूर्णा को “प्रत्यक्ष महेश्वरी” माना गया है, जो शिवजी को भी भिक्षा प्रदान करती हैं। Read More

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महालक्ष्मी स्तोत्र (Mahalakshmi Stotra)

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महालक्ष्मी स्तोत्र एक अत्यंत प्रभावशाली और दिव्य स्तुति है, जो देवी लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने हेतु श्रद्धापूर्वक पाठ की जाती है। यह स्तोत्र उनके आठ स्वरूपों की महिमा का गुणगान करता है और भक्त के जीवन से दरिद्रता, कष्ट, पाप और दुर्भाग्य को दूर करता है। देवी महालक्ष्मी को धन, ऐश्वर्य, सौभाग्य, और समृद्धि Read More

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महामृत्युंजय स्तोत्र (Mahamrityunjay Stotra)

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महामृत्युंजय स्तोत्र एक अत्यंत प्रभावशाली और दिव्य स्तुति है, जिसकी रचना ऋषि मार्कण्डेय द्वारा की गई है। यह स्तोत्र भगवान महादेव की स्तुति करते हुए उनके विभिन्न रूपों, शक्तियों और गुणों का गुणगान करता है। इसमें बार-बार यह दोहराया गया है – “किन्नो मृत्यु: करिष्यति” – अर्थात् मृत्यु हमारा क्या बिगाड़ सकती है, जिससे यह Read More

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महागणपति स्तोत्र (Mahaganpati Stotra)

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श्री गणेश — विघ्नों के नाशक, बुद्धि और सिद्धि के अधिपति, प्रथम पूज्य देवता हैं। उनके विविध स्वरूपों में “महागणपति” का स्थान अत्यंत विशेष और रहस्यमयी है। यह स्वरूप केवल विघ्नहर्ता ही नहीं, बल्कि समस्त ब्रह्मांडीय शक्तियों के समन्वय का भी प्रतीक है। महागणपति स्तोत्र उन्हीं के इस महाशक्तिशाली रूप की स्तुति में रचा गया Read More

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महाकाली स्तोत्र (Mahakali Stotra)

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माँ काली — आदिशक्ति का वह दिव्य और उग्र रूप हैं, जो सृष्टि, स्थिति और संहार तीनों का प्रतिनिधित्व करती हैं। वह केवल अज्ञान और अधर्म का नाश करने वाली नहीं, अपितु अपने भक्तों को अभय देने वाली, सच्चिदानंद स्वरूपिणी भी हैं। उनके स्वरूप की गूढ़ता इतनी अद्भुत है कि देवता तक उनके वास्तविक रूप Read More

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महाकाल स्तोत्र (Mahakaal Stotra)

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यह स्तोत्र स्वयं भगवान महाकाल द्वारा देवी भैरवी को उपदेश स्वरूप प्रदान किया गया था। इसकी महिमा अनंत और अद्वितीय है। इस स्तोत्र में भगवान महाकाल के अनेक दिव्य नामों और स्वरूपों का उल्लेख करते हुए उनकी महिमा का गान किया गया है। शिव भक्तों के लिए यह स्तोत्र एक दिव्य वरदान के समान है। Read More

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महाकाल शनी मृत्युंजय (Mahakal Shani Mrityunjay Stotra)

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महाकाल शनि मृत्युंजय स्तोत्र एक ऐसा दिव्य स्तोत्र है जिसे स्वयं भगवान शिव ने माता पार्वती को बताया था। इसका नियमित पाठ मनुष्य को अकाल मृत्यु, गंभीर रोग, और शनि दोषों से बचाता है।यह स्तोत्र भगवान शिव के महाकाल स्वरूप और शनि देव के गूढ़ रहस्यों को प्रकट करता है। शिवजी ने कहा था कि Read More

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मयूरेश स्तोत्रम् (Mayuresh Stotra)

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श्री गणेश जी को विघ्नहर्ता और कार्यसिद्धि देने वाला देवता माना जाता है। किसी भी शुभ कार्य, पूजा या अनुष्ठान की शुरुआत में उनका पूजन आवश्यक होता है।मयूरेश स्तोत्र गणपति जी के दुर्लभ स्तोत्रों में से एक है, जो विशेष रूप से चिंता, रोग, बाधा, विपत्ति, और कार्य में असफलता को दूर करता है। इस Read More

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मातंगी हृदय स्तोत्र (Matangi Hridaya Stotra)

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मातंगी हृदय स्तोत्र तंत्र परंपरा में अष्टमहाविद्याओं में एक प्रमुख देवी श्री मातंगी को समर्पित एक अत्यंत रहस्यमय, शक्तिशाली और कल्याणकारी स्तोत्र है। यह स्तोत्र स्वयं भगवान भैरव द्वारा देवी भैरवी को उपदेश रूप में प्रदान किया गया है, जिसमें उन्होंने मातंगी देवी के हृदयस्थ रूप की स्तुति का रहस्य उजागर किया है। मातंगी देवी Read More

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मातंगी स्तोत्र (Matangi Stotra)

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मातंगी स्तोत्र देवी मातंगी की स्तुति में रचा गया एक तांत्रिक एवं रहस्यात्मक स्तोत्र है। मातंगी दस महाविद्याओं में नवम स्थान पर विराजमान हैं और उन्हें शब्द शक्ति तथा वाणी की अधिष्ठात्री देवी माना गया है। यह स्तोत्र देवी के अघोर, सौंदर्य, विद्या, तंत्र और सिद्धि स्वरूपों का वर्णन करता है। देवी मातंगी को त्रिलोक Read More