मंगल स्तोत्र वैदिक परंपरा में एक अत्यंत प्रभावशाली स्तोत्र है जो मंगल ग्रह (भौम) को समर्पित है। वैदिक ज्योतिष में मंगल को शक्ति, पराक्रम, भूमि, साहस, ऊर्जा, रक्त और भाई से संबंधित ग्रह माना गया है। मंगल देवता को “भूमिपुत्र” कहा जाता है क्योंकि वे पृथ्वी माता के पुत्र हैं। यह स्तोत्र उन सभी लोगों Read More
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मंगल गीतम (Mangal Gitam)
“श्री मंगल गीतम” एक अत्यंत मधुर एवं भावपूर्ण भक्ति रचना है, जिसकी रचना महाकवि जयदेव ने की थी। यह स्तुति भगवान विष्णु के विविध अवतारों—विशेषतः श्रीकृष्ण और श्रीराम—की लीलाओं, सौंदर्य, करुणा और मंगलदायक स्वरूप का सुंदर वर्णन करती है। इस गीत में भगवान के विभिन्न रूपों की स्तुति करते हुए, भक्त उनके चरणों में पूर्ण Read More
“भारत भूमातृ स्तोत्र” भारत माता की महिमा और दिव्यता का भावपूर्ण स्तुति-पाठ है। यह स्तोत्र मातृभूमि भारत को देवी के रूप में पूजते हुए उसके प्राकृतिक, सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और ऐतिहासिक वैभव की सुंदर स्तुति करता है। इसमें भारतवर्ष को देवी पार्वती, लक्ष्मी, सरस्वती, अन्नपूर्णा और शिवा के स्वरूप में प्रतिष्ठित किया गया है। हिमालय को Read More
“भवानी भुजंगप्रयात स्तोत्र” एक अत्यंत दिव्य और प्रभावशाली स्तोत्र है जो देवी भवानी (पराशक्ति, त्रिपुरासुंदरी, आदि शक्ति) की महिमा का वर्णन करता है। यह स्तोत्र भुजंगप्रयात छंद में रचित है, जिसमें श्लोकों की लय साँप के चलने की भांति बहती है – इसीलिए इसे “भुजंगप्रयात” कहा जाता है। इस स्तोत्र में देवी भवानी के दिव्य Read More
भवतु स्तोत्र (Bhavtu Stotra)
भवतु स्तोत्र (ॐ सह नाववतु…) एक अत्यंत पवित्र और प्रसिद्ध वैदिक शांति मंत्र है, जो विशेष रूप से गुरु और शिष्य द्वारा एक साथ अध्ययन प्रारंभ करने से पहले पढ़ा जाता है। यह यजुर्वेद और तैत्तिरीय उपनिषद में पाया जाता है। भवतु स्तोत्र (Bhavatu Stotra) ॐ सः नववतुॐ सह नववतुॐ शांतिः शांतिः शांतिः ॐ सह Read More
भक्त मनोरथसिद्धिप्रदं गणेश स्तोत्र स्कंद पुराण में वर्णित एक अत्यंत प्रभावशाली स्तोत्र है, जो भगवान गणेश की महिमा का वर्णन करता है। इस स्तोत्र का पाठ करने से भक्त की सभी मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं, शांति की प्राप्ति होती है और गणेश जी की कृपा से समस्त विघ्न दूर हो जाते हैं। यह स्तोत्र स्कंद Read More
“श्री ब्रह्मा कृत सरस्वती स्तोत्र” एक अत्यंत प्रभावशाली और दिव्य स्तोत्र है, जिसकी रचना स्वयं ब्रह्मा जी ने मां सरस्वती की स्तुति में की थी। यह स्तोत्र देवी सरस्वती की महिमा, स्वरूप, गुण, और उनकी कृपा के प्रभाव को विस्तार से वर्णित करता है। इसमें माता के रूप, वीणा, पुस्तक, कमलासन, शुभ्रवस्त्र, और ज्ञान-विज्ञान की Read More
“ब्रह्मशक्ति स्तोत्र” एक अत्यंत शक्तिशाली स्तुति है जो देवी ब्रह्मशक्ति को समर्पित है — जो सृष्टि, संरक्षण और संहार की त्रैगुणिक शक्तियों की मूल स्रोत हैं। यह स्तोत्र विशेष रूप से उन साधकों के लिए रचा गया है जो आध्यात्मिक उन्नति, संपूर्ण मंगल, भय, वियोग और मानसिक संताप से मुक्ति की आकांक्षा रखते हैं। इस Read More
गुरु बृहस्पति स्तोत्र भगवान बृहस्पति (जिन्हें गुरु या देवगुरु भी कहा जाता है) की स्तुति में रचित एक अत्यंत शक्तिशाली और मंगलकारी स्तोत्र है। यह स्तोत्र उनके गुणों, स्वरूप, प्रभाव, और उपकारों का वर्णन करता है तथा उन्हें प्रसन्न करने का एक प्रभावशाली माध्यम है। बृहस्पति देव को नवग्रहों में सर्वश्रेष्ठ माना गया है। वे Read More
बुध स्तोत्रम् (Buddha Stotra)

बुध स्तोत्र क्या है? (What is Budha Stotra?) सनातन धर्म में बुध ग्रह को बुद्धि, ज्ञान, वाणी, तर्कशक्ति, गणित, लेखन, शिक्षा, व्यापार और संचार का कारक माना गया है। जब किसी व्यक्ति की कुंडली में बुध ग्रह कमजोर या अशुभ स्थिति में होता है, तो उसे निर्णय लेने में कठिनाई, पढ़ाई में बाधा, व्यापार में Read More

