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मार्कंडेय महा मृत्युंजय स्तोत्रं (Markandeya Maha Mrityunjaya Stotram)

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“श्री मार्कंडेय कृत महामृत्युंजय स्तोत्र” एक अत्यंत प्रभावशाली और कल्याणकारी स्तोत्र है, जिसकी रचना महर्षि मार्कंडेय द्वारा की गई थी। इस स्तोत्र में भगवान शिव के चन्द्रशेखर रूप की स्तुति की गई है, जो संहारक, रक्षक और मोक्षदाता हैं। इसमें भगवान शिव की उन लीलाओं और रूपों का वर्णन किया गया है जो उन्हें समस्त Read More

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मारुती स्तोत्र (Maruti Stotra)

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श्री मारुति स्तोत्र एक अत्यंत शक्तिशाली और प्रभावशाली स्तोत्र है जो भगवान हनुमान जी को समर्पित है। यह स्तोत्र विशेष रूप से वाहन दुर्घटनाओं से रक्षा, अचानक आने वाली बाधाओं से मुक्ति, और भूत-प्रेत, पिशाच, ग्रह-बाधा, काले जादू जैसी नकारात्मक शक्तियों से बचाने के लिए अत्यंत प्रभावी माना जाता है। इसमें हनुमान जी को “विचित्रवीर” Read More

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माँ भुवनेश्वरी स्तोत्रं (Maa Bhuvaneshwari Stotram)

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माँ भुवनेश्वरी स्तोत्र देवी भुवनेश्वरी के महातत्त्व, शक्ति और कृपा का एक अत्यंत प्रभावशाली स्तुति ग्रंथ है। यह स्तोत्र “रुद्रयामल तंत्र” के अंतर्गत भगवान शिव और माता पार्वती के संवाद से लिया गया है। इसमें देवी भुवनेश्वरी के अनेक रूपों, गुणों और शक्तियों का वर्णन करते हुए उनकी उपासना का महत्त्व बताया गया है। माँ Read More

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माँ गायत्री स्तोत्र (Maa Gaytri Stotra)

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माँ गायत्री स्तोत्र एक अत्यंत पवित्र और शक्तिशाली स्तुति है, जो वेदों की जननी, ज्ञान और प्रकाश की अधिष्ठात्री देवी माँ गायत्री को समर्पित है। यह स्तोत्र उनके दिव्य स्वरूप, अनंत शक्तियों, और करुणामयी रूप का सुंदर वर्णन करता है। इसमें माँ को त्रिभुवन में व्यापक, सर्वदोष नाशिनी, शुद्ध चित्त की अधिष्ठात्री और मोक्ष का Read More

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माँ तारा देवी स्तोत्रं (Maa Tara Devi Stotram)

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माँ तारा देवी को दस महाविद्याओं में द्वितीय स्थान प्राप्त है। वे करुणामयी, ज्ञानदायिनी और संकटों का नाश करने वाली देवी मानी जाती हैं। उनका रूप उग्र होने पर भी भक्तों के लिए अत्यंत सौम्य और कल्याणकारी है। तारा देवी का स्तोत्र एक अत्यंत प्रभावशाली स्तुति है, जो तांत्रिक और वैदिक साधना दोनों में पूजनीय Read More

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माँ छिनामस्ता स्तोत्रं (Maa Chinnamasta Stotram)

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माँ छिन्नमस्ता स्तोत्र तंत्र, शक्ति उपासना और महाविद्या साधना में अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान रखता है। यह स्तोत्र आदिशक्ति के उग्र एवं रहस्यमयी स्वरूप माँ छिन्नमस्ता को समर्पित है, जो दशमहाविद्याओं में छठी महाविद्या मानी जाती हैं। उनका स्वरूप पहली दृष्टि में विस्मयकारी प्रतीत होता है, किंतु आध्यात्मिक दृष्टि से यह आत्म-बलिदान, अहंकार के विनाश, आत्मसंयम, Read More

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माँ अन्नपूर्ण स्तोत्रं (Maa Annapurna Stotram)

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माँ अन्नपूर्णा स्तोत्र एक अत्यंत भावपूर्ण और शक्तिशाली स्तुति है जो देवी अन्नपूर्णा को समर्पित है। यह स्तोत्र माँ की करुणा, कृपा और उनके “भिक्षा दान” स्वरूप का सुंदर वर्णन करता है। अन्न की देवी के रूप में पूजित माँ अन्नपूर्णा को “प्रत्यक्ष महेश्वरी” माना गया है, जो शिवजी को भी भिक्षा प्रदान करती हैं। Read More

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महालक्ष्मी स्तोत्र (Mahalakshmi Stotra)

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महालक्ष्मी स्तोत्र एक अत्यंत प्रभावशाली और दिव्य स्तुति है, जो देवी लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने हेतु श्रद्धापूर्वक पाठ की जाती है। यह स्तोत्र उनके आठ स्वरूपों की महिमा का गुणगान करता है और भक्त के जीवन से दरिद्रता, कष्ट, पाप और दुर्भाग्य को दूर करता है। देवी महालक्ष्मी को धन, ऐश्वर्य, सौभाग्य, और समृद्धि Read More

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महामृत्युंजय स्तोत्र (Mahamrityunjay Stotra)

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महामृत्युंजय स्तोत्र एक अत्यंत प्रभावशाली और दिव्य स्तुति है, जिसकी रचना ऋषि मार्कण्डेय द्वारा की गई है। यह स्तोत्र भगवान महादेव की स्तुति करते हुए उनके विभिन्न रूपों, शक्तियों और गुणों का गुणगान करता है। इसमें बार-बार यह दोहराया गया है – “किन्नो मृत्यु: करिष्यति” – अर्थात् मृत्यु हमारा क्या बिगाड़ सकती है, जिससे यह Read More

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महागणपति स्तोत्र (Mahaganpati Stotra)

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श्री गणेश — विघ्नों के नाशक, बुद्धि और सिद्धि के अधिपति, प्रथम पूज्य देवता हैं। उनके विविध स्वरूपों में “महागणपति” का स्थान अत्यंत विशेष और रहस्यमयी है। यह स्वरूप केवल विघ्नहर्ता ही नहीं, बल्कि समस्त ब्रह्मांडीय शक्तियों के समन्वय का भी प्रतीक है। महागणपति स्तोत्र उन्हीं के इस महाशक्तिशाली रूप की स्तुति में रचा गया Read More