“श्री ललिता महालक्ष्मी स्तोत्र” वैष्णव संप्रदाय के प्रतिष्ठित ग्रंथ “लक्ष्मी-नारायण संहिता” से उद्धृत एक दिव्य स्तोत्र है, जिसमें देवी ललिता के 135 विशिष्ट नामों का वर्णन किया गया है। यह स्तोत्र शक्ति और लक्ष्मी तत्त्व का अद्भुत संगम है, जिसमें देवी ललिता त्रिपुरसुंदरी को महालक्ष्मी के रूप में पूजा गया है। देवी ललिता न केवल Read More
Category: Chalisa
ललिता पञ्चकम् (Lalita Panchakam)
“प्रातः स्मरामि ललितावदनारविन्दम्” से आरंभ होने वाला ललिता पंचकम एक अत्यंत भक्तिपूर्ण स्तोत्र है जो देवी ललिता त्रिपुरसुंदरी को समर्पित है। इसका रचनाकार आदि शंकराचार्य माने जाते हैं। माँ ललिता त्रिपुरसुंदरी को श्रीचक्र (श्रीयंत्र) की अधिष्ठात्री देवी माना जाता है। वे त्रिपुरा (तीनों लोकों की स्वामिनी) के रूप में ‘षोडशी’ कहलाती हैं, जो 16 वर्ष Read More
लक्ष्मी स्तोत्र (Lakshmi Stotra)
श्री लक्ष्मी स्तोत्र एक अत्यंत प्रभावशाली और मंगलकारी स्तोत्र है, जो देवी लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने के लिए श्रद्धापूर्वक पाठ किया जाता है। यह स्तोत्र विशेष रूप से महालक्ष्मी के विभिन्न रूपों, गुणों और शक्तियों की स्तुति करता है। इसमें देवी के वैभव, करुणा, शक्ति, ज्ञान, और मोक्ष प्रदान करने वाले स्वरूप का विस्तृत Read More
“श्री लक्ष्मी नृसिंह स्तोत्र” भगवान विष्णु के उग्र और करुणामयी स्वरूप लक्ष्मी नृसिंह को समर्पित एक अत्यंत प्रभावशाली स्तोत्र है। यह स्तोत्र भगवान नृसिंहदेव के उन भक्तों द्वारा रचा गया है जो संसार के दुख, भय, मोह, पाप और शत्रुता से त्रस्त होकर उनके चरणों में शरण चाहते हैं। इसमें प्रत्येक श्लोक भक्त की पीड़ा, Read More
लांगूल अर्थात् पूंछ और अस्त्र अर्थात् शस्त्र — यह स्तोत्र भगवान हनुमान के वीर रूप की आराधना का एक अत्यंत प्रभावशाली साधन है। इसे “लांगूलास्त्र शत्रुजन्म हनुमत स्तोत्र” कहा जाता है क्योंकि यह शत्रुओं का नाश करने में सक्षम माना जाता है। इस स्तोत्र का नियमित रूप से जप करने से नकारात्मक शक्तियों का अंत Read More
श्री ऋणमोचन महागणपति स्तोत्र एक अत्यंत प्रभावशाली स्तोत्र है जो विशेष रूप से ऋण मुक्ति (debt relief) के लिए श्री गणपति की उपासना हेतु रचा गया है। इस स्तोत्र का उल्लेख शास्त्रों में आता है और इसके ऋषि स्वयं भगवान शुक्राचार्य माने गए हैं। यह स्तोत्र भगवान गणेश के विभिन्न स्वरूपों का वर्णन करते हुए, Read More
राहू स्तोत्र (Rahu Stotra)
राहु स्तोत्र एक अत्यंत प्रभावशाली वैदिक स्तोत्र है, जो विशेष रूप से राहु ग्रह की शांति, कृपा और अनिष्ट प्रभावों को निवारण हेतु रचा गया है। राहु, नवग्रहों में एक छाया ग्रह माने जाते हैं, जो जीवन में अचानक उत्पन्न होने वाले संकट, मानसिक भ्रम, ग्रहण दोष, कालसर्प योग, और अप्रत्याशित बाधाओं के लिए उत्तरदायी Read More
यक्षिणी स्तोत्र (Yakshini Kavacham)
“यक्षिणी कवच” एक अत्यंत रहस्यमयी और शक्तिशाली तांत्रिक स्तोत्र है, जो उन्मत्त भैरव द्वारा देवी को उपदेश रूप में प्रदान किया गया है। यह कवच तांत्रिक साधना के डामर मार्ग का अत्यंत गोपनीय एवं दुर्लभ हिस्सा है, जिसे देवताओं के लिए भी दुर्लभ बताया गया है। यह कवच मुख्यतः यक्षिणियों की साधना और उन्हें वश Read More
श्री मोहिनीकृतं कृष्ण स्तोत्र” एक दुर्लभ और अत्यंत प्रभावशाली स्तोत्र है जो भगवान श्रीकृष्ण की मोहिनी रूप शक्ति की स्तुति करता है। यह स्तोत्र स्वयं मोहिनी (भगवान विष्णु का मोहिनी रूप) द्वारा गाया गया है और इसमें भगवान की उन लीलाओं और शक्तियों का वर्णन है, जो चेतना को आकर्षित करती हैं, इंद्रियों पर विजय Read More
Mritsanjeevan Stotra (श्री मृतसञ्जीवन स्तोत्र) भगवान शिव को समर्पित एक अत्यंत प्रभावशाली स्तोत्र है। “मृतसञ्जीवन” का अर्थ है — मृत्यु से जीवन की ओर वापस लाने वाला कवच। यह स्तोत्र अकाल मृत्यु से रक्षा करने वाला और जीवन में स्वास्थ्य, दीर्घायु तथा आध्यात्मिक बल देने वाला माना जाता है। मत्स्य पुराण के अनुसार, जब देवताओं Read More

