यह स्तोत्र देवी दुर्गा के 108 नामों का संग्रह है, जो उन्हें विभिन्न रूपों, गुणों और शक्तियों में वर्णित करता है। यह स्तोत्र विशेष रूप से नवरात्रि, दुर्गा अष्टमी, और अन्य देवी पूजा के अवसरों पर पाठ किया जाता है। श्री दुर्गाष्टोत्तर शतनाम स्तोत्र (Durgashtottar Stotra) ईश्वर उवाच शतनाम प्रवक्ष्यामि शृणुष्व कमलानने।यस्य प्रसादमात्रेण दुर्गा प्रीता Read More
दिग्बन्धन रक्षा स्तोत्र एक शक्तिशाली वैदिक मंत्र है जो आत्मरक्षा, यज्ञ रक्षा, और नकारात्मक शक्तियों से सुरक्षा के लिए प्रयोग किया जाता है। यह स्तोत्र विशेष रूप से पूजा, यज्ञ, तंत्र-साधना, या किसी भी आध्यात्मिक कार्य के प्रारंभ में सुरक्षा कवच के रूप में उपयोग किया जाता है। दिग्बन्धन रक्षा स्तोत्र (Digbandhan Raksha Stotra) स्वयं Read More
दारिद्र्य दहन शिव स्तोत्र का अर्थ है “दरिद्रता को जलाने वाला शिव स्तोत्र”। यह स्तोत्र भगवान शिव की महिमा का वर्णन करता है और उनके विभिन्न रूपों की स्तुति करता है। इसमें शिव के उन गुणों का वर्णन है जो भक्तों के कष्टों को दूर करते हैं और उन्हें समृद्धि प्रदान करते हैं। दारिद्रय दहन Read More
दस महाविद्या स्तोत्र एक शक्तिशाली स्तोत्र है जो दस महाविद्याओं की स्तुति करता है। यह स्तोत्र तांत्रिक साधना, आध्यात्मिक उन्नति और देवी कृपा प्राप्ति के लिए अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है। दस महाविद्याएं तांत्रिक परंपरा में दस प्रमुख देवी स्वरूपों को दर्शाती हैं, जो विभिन्न रूपों में शक्ति, ज्ञान और मुक्ति की प्रतीक हैं। इनमें Read More
शनि दशरथ स्तोत्र की रचना अयोध्या के राजा दशरथ ने की थी। जब शनि देव की दृष्टि उनके राज्य पर पड़ने वाली थी, तब उन्होंने शनि देव की स्तुति कर उन्हें प्रसन्न किया। इस स्तोत्र के प्रभाव से शनि देव ने वचन दिया कि जो भी श्रद्धा से इसका पाठ करेगा, उसे उनके प्रकोप से Read More
दरिद्रता नाशक स्तोत्र’ भगवान शिव की महिमा का गुणगान करता है, जो सभी प्रकार की दरिद्रता और कष्टों का नाशक है। इस स्तोत्र का नियमित पाठ करने से भक्त को आर्थिक समृद्धि, मानसिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त होती है। यह स्तोत्र विशेष रूप से उन लोगों के लिए लाभकारी है जो आर्थिक संकट, ऋण, Read More
श्री दत्तात्रेय स्तोत्र एक अत्यंत प्रभावशाली और पवित्र स्तुति है, जो भगवान दत्तात्रेय की महिमा का वर्णन करती है। भगवान दत्तात्रेय को ब्रह्मा, विष्णु और महेश के संयुक्त रूप के रूप में पूजा जाता है, और उन्हें आदि गुरु तथा नाथ संप्रदाय के मूल स्तंभ माना जाता है। इस स्तोत्र का नियमित पाठ साधक को Read More
तुलसी स्तोत्र (Tulsi Stotra)
सनातन धर्म में तुलसी (Holy Basil) को मात्र एक पौधा नहीं, बल्कि एक दिव्य देवी के रूप में पूजा जाता है। तुलसी माता को भगवान विष्णु की प्रियतम और महालक्ष्मी का स्वरूप माना गया है। जहां तुलसी का वास होता है, वहां सभी देवताओं का वास होता है और पापों का नाश होता है। तुलसी Read More
यह एक अत्यंत शक्तिशाली और प्राचीन मंत्र है, जिसे हंस योग और अजपा जप की साधना में प्रमुखता से उपयोग किया जाता है। यह मंत्र आत्मा और परमात्मा की एकता का प्रतीक है और ध्यान, प्राणायाम तथा आत्मबोध की साधनाओं में विशेष महत्व रखता है। तंत्रोत्कीलन स्तोत्र हिंदी पाठ ।। पार्वत्युवाच ।।देवेश परमानन्द, भक्तानाम भयं Read More
तन्त्र शान्ति स्तोत्र एक शक्तिशाली तांत्रिक स्तोत्र है जो शांति, सुरक्षा और आध्यात्मिक उन्नति के लिए पाठ किया जाता है। यह स्तोत्र तांत्रिक साधकों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह नकारात्मक शक्तियों, बाधाओं और शत्रुओं से रक्षा करता है, और साधक को आत्मिक बल प्रदान करता है। तन्त्र शान्ति स्तोत्र (Tantra Shanti Read More

