भारत में हर वर्ष भाद्रपद माह की कन्या संक्रांति को विश्वकर्मा जयंती मनाई जाती है। यह पर्व भगवान विश्वकर्मा के जन्मोत्सव के रूप में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है, जिन्हें सृष्टि का प्रथम वास्तुकार, अभियंता और देव शिल्पी माना जाता है। वर्ष 2025 में यह उत्सव 17 सितंबर, बुधवार को मनाया जाएगा। Read More
गणेश चतुर्थी भगवान श्री गणेश के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाने वाला एक प्रमुख हिंदू पर्व है। यह पर्व भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है। वर्ष 2025 में, यह उत्सव बुधवार, 27 अगस्त को मनाया जाएगा। तिथि और शुभ मुहूर्त (Date and auspicious time) पूजा विधि (Method of Read More
कृष्ण जन्माष्टमी भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में मनाई जाती है। यह पर्व भाद्रपद मास की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को आता है। वर्ष 2025 में, यह उत्सव शनिवार, 16 अगस्त को मनाया जाएगा। तिथि और पूजा मुहूर्त (Date and Puja Muhurta) कुछ परंपराओं के अनुसार, ISKCON द्वारा जन्माष्टमी 16 अगस्त को मनाई Read More
रक्षा बंधन 2025 एक पवित्र और भावनात्मक पर्व है, जो भाई-बहन के प्रेम, विश्वास और सुरक्षा के अटूट बंधन का उत्सव है। यह पर्व हर साल श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है। वर्ष 2025 में रक्षा बंधन शनिवार, 9 अगस्त को मनाया जाएगा। रक्षा बंधन 2025 की तिथि और शुभ मुहूर्त (Raksha Bandhan Read More
नाग पंचमी एक महत्वपूर्ण हिंदू पर्व है, जो नाग देवता की पूजा और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए मनाया जाता है। यह पर्व सावन मास की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। नाग पंचमी 2025 की तिथि और पूजा मुहूर्त (Nag Panchami 2025 Date and Puja Muhurta) नाग पंचमी का धार्मिक महत्व Read More
जगन्नाथ रथ यात्रा भारत का एक प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक उत्सव है, जो हर वर्ष ओडिशा के पुरी शहर में भव्यता से मनाया जाता है। यह उत्सव भगवान जगन्नाथ, उनके भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा की रथ यात्रा के रूप में जाना जाता है, जिसमें ये देवता अपने मंदिर से बाहर निकलकर भक्तों को दर्शन Read More
“देव्यपराध क्षमापन स्तोत्रम्” का अर्थ है – देवी से अपने अपराधों के लिए क्षमा माँगने वाला स्तोत्र।यह स्तोत्र आदि शंकराचार्य द्वारा रचित है, जिसमें भक्त अपनी अज्ञानता, लापरवाही, और साधना की कमी के लिए माँ भगवती से क्षमा माँगता है। यह शुद्ध हृदय से माँ का स्मरण करते हुए उसकी कृपा प्राप्त करने का विनम्र Read More
देवी क्षमा प्रार्थना स्तोत्र, देवी दुर्गा से क्षमा याचना का एक विनम्र और प्रभावशाली माध्यम है। इस स्तोत्र में भक्त अपने द्वारा जाने-अनजाने में हुई त्रुटियों, पूजा विधियों की अनभिज्ञता, मंत्रों के उच्चारण में हुई भूलों आदि के लिए देवी से क्षमा की प्रार्थना करता है। यह स्तोत्र भक्त और देवी के बीच एक आत्मीय Read More
देव्यपराधक्षमापनस्तोत्रम् का शाब्दिक अर्थ है “देवी से अपराधों के लिए क्षमा याचना का स्तोत्र”। यह स्तोत्र उन भक्तों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है जो पूजा-पाठ की विधियों में त्रुटियाँ कर बैठते हैं या जिन्हें लगता है कि उन्होंने अनजाने में देवी का अपमान किया है। इस स्तोत्र के माध्यम से भक्त माँ दुर्गा Read More
देवकृत लक्ष्मी स्तोत्र एक पवित्र संस्कृत स्तोत्र है, जिसे देवताओं ने माता लक्ष्मी की स्तुति में रचा है। इस स्तोत्र का नियमित पाठ करने से मन की शांति प्राप्त होती है, जीवन से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है, और व्यक्ति स्वस्थ, समृद्ध एवं सफल बनता है । देवकृत लक्ष्मी स्तोत्र (Devkrit Laxmi Stotra) क्षमस्व भगवंत्यव Read More

