“बगला हृदय स्तोत्र” एक अत्यंत गोपनीय और शक्तिशाली स्तोत्र है जो दस महाविद्याओं में से एक देवी श्री बगलामुखी को समर्पित है। यह स्तोत्र उस दिव्य रहस्य को उद्घाटित करता है जो स्वयं भगवान शिव ने माता पार्वती को बतलाया था। इसमें देवी बगला के हृदय स्वरूप, उनके दिव्य रूप, शक्तियों, तांत्रिक योगिनियों, तथा उनके Read More
“ब्रह्मास्त्र महाविद्या श्रीबगला स्तोत्र” तांत्रिक साधना में एक अत्यंत प्रभावशाली और रहस्यमय स्तोत्र है, जो देवी बगलामुखी की ब्रह्मास्त्र-स्वरूप शक्तियों का स्तवन करता है। यह स्तोत्र मुख्य रूप से शत्रु-दमन, वाणी-स्तम्भन, मानसिक शांति, और आत्म-रक्षा की सिद्धि के लिए प्रयोग में लाया जाता है। इसे “ब्रह्मास्त्र” कहा गया है क्योंकि इसमें निहित मंत्रशक्ति शत्रुओं पर Read More
बगला पञ्जर न्यास स्तोत्र एक अत्यंत शक्तिशाली और रहस्यमय स्तोत्र है, जो देवी बगलामुखी की आराधना की विशेष क्रिया “न्यास” के रूप में किया जाता है। यह स्तोत्र दसों दिशाओं में साधक की सुरक्षा, वाणी-स्तम्भन, और शत्रु निवारण के लिए देवी की कृपा को आमंत्रित करता है। इसमें बगला देवी को दसों दिशाओं में विभिन्न Read More
बगलामुखी रक्षा स्तोत्र देवी बगलामुखी की एक अत्यंत शक्तिशाली और रहस्यमयी स्तुति है, जिसका पाठ साधक की रक्षा, शत्रु नाश, और वाणी-स्तम्भन के लिए किया जाता है। यह स्तोत्र देवी बगलामुखी की उन शक्तियों का विस्तारपूर्वक वर्णन करता है, जिनसे वह तीनों लोकों में शत्रुओं को निष्क्रिय करने, बाधाओं को रोकने और साधक को अपार Read More
बंदी मोचन हनुमान स्तोत्र’ एक अत्यंत प्रभावशाली और श्रद्धा से युक्त स्तोत्र है, जिसका पाठ विशेष रूप से उन व्यक्तियों के लिए फलदायी माना गया है जो किसी न्यायिक संकट, झूठे आरोप, या जेल जैसी परिस्थिति में फँस गए हों। यह स्तोत्र देवी शक्ति के स्वरूप “बंदी देवी” की स्तुति है, जो लौह-बंधनों को काटने Read More
पार्श्वनाथ सहस्रनाम स्तोत्र एक अत्यन्त पवित्र स्तोत्र है जिसमें भगवान पार्श्वनाथ — जैन धर्म के 23वें तीर्थंकर — के कुल 1008 दिव्य नामों का स्तवन किया गया है। यह स्तोत्र भक्त को आध्यात्मिक शांति, मानसिक संतुलन, एवं सद्गुण विकास की प्राप्ति का मार्ग दिखाता है । इस स्तोत्र के नियमित पाठ से: पार्श्वनाथ सहस्रनाम स्तोत्रं Read More
प्रातः स्मरणम् (Pratah Smaranam)
“प्रातः स्मरणम्” एक अत्यंत पवित्र और शुभ स्तोत्र है जिसे प्राचीन भारतीय ऋषियों ने विशेष रूप से प्रातःकाल (सुबह) के समय जपने के लिए रचा है। इसका उद्देश्य है—दिन की शुरुआत आत्मचिंतन, ईश्वर-चिन्तन और परमात्मा के विविध रूपों की स्तुति से करना, ताकि मनुष्य का मन, वचन और कर्म शुद्ध हों और सम्पूर्ण दिन दिव्यता Read More
प्रहलादकृत नृसिंह स्तोत्र श्रीहरि विष्णु के नृसिंह अवतार को समर्पित एक अत्यंत प्रभावशाली स्तोत्र है, जिसकी रचना भक्त प्रह्लाद द्वारा स्वयं भगवान नृसिंहदेव की स्तुति करते समय की गई थी। यह स्तोत्र श्रीमद्भागवतम् के सातवें स्कंध में वर्णित है और कुल 48 श्लोकों में संपूर्ण है। जब हिरण्यकशिपु जैसे अत्याचारी असुर का वध कर भगवान Read More
किसी भी शत्रु की प्रबलतम तांत्रिक क्रियाओं को वापिस लौटने वाली एवं रक्षा करने वाली ये महा दिव्यशक्ति है। इस तंत्र का प्रयोग शत्रु को नाश करने के लिए, शत्रुओं के किये-करायों को नाश करने के लिए किया जाता है। कोई भी सिद्ध तन्त्र क्रियाओं को जानने वाला तांत्रिक इस विद्या का प्रयोग कर सकता Read More
“प्रज्ञा विवर्धन कार्तिकेय स्तोत्र” एक शक्तिशाली स्तोत्र है जो भगवान कार्तिकेय (स्कंद, कुमारस्वामी) को समर्पित है। यह स्तोत्र रुद्रयामल तंत्र से लिया गया है और मुख्य रूप से बुद्धि, वाक्पटुता और आध्यात्मिक उन्नति के लिए पाठ किया जाता है। इस स्तोत्र में भगवान कार्तिकेय के 28 पवित्र नामों का वर्णन किया गया है, जो उनके Read More

