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यक्षिणी स्तोत्र (Yakshini Kavacham)

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“यक्षिणी कवच” एक अत्यंत रहस्यमयी और शक्तिशाली तांत्रिक स्तोत्र है, जो उन्मत्त भैरव द्वारा देवी को उपदेश रूप में प्रदान किया गया है। यह कवच तांत्रिक साधना के डामर मार्ग का अत्यंत गोपनीय एवं दुर्लभ हिस्सा है, जिसे देवताओं के लिए भी दुर्लभ बताया गया है। यह कवच मुख्यतः यक्षिणियों की साधना और उन्हें वश Read More

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मोहिनिकृत कृष्ण स्तोत्र (Mohinikrit Krishna Stotra)

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श्री मोहिनीकृतं कृष्ण स्तोत्र” एक दुर्लभ और अत्यंत प्रभावशाली स्तोत्र है जो भगवान श्रीकृष्ण की मोहिनी रूप शक्ति की स्तुति करता है। यह स्तोत्र स्वयं मोहिनी (भगवान विष्णु का मोहिनी रूप) द्वारा गाया गया है और इसमें भगवान की उन लीलाओं और शक्तियों का वर्णन है, जो चेतना को आकर्षित करती हैं, इंद्रियों पर विजय Read More

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मृतसञ्जीवन स्तोत्र (Mritsanjeevan Stotra)

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Mritsanjeevan Stotra (श्री मृतसञ्जीवन स्तोत्र) भगवान शिव को समर्पित एक अत्यंत प्रभावशाली स्तोत्र है। “मृतसञ्जीवन” का अर्थ है — मृत्यु से जीवन की ओर वापस लाने वाला कवच। यह स्तोत्र अकाल मृत्यु से रक्षा करने वाला और जीवन में स्वास्थ्य, दीर्घायु तथा आध्यात्मिक बल देने वाला माना जाता है। मत्स्य पुराण के अनुसार, जब देवताओं Read More

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मीनाक्षी पंचरत्नम (Meenakshi Panchratnam)

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मिनाक्षी पंचरत्नम् एक अत्यंत सुंदर और भक्तिभाव से पूर्ण स्तोत्र है, जिसकी रचना आदिगुरु आदि शंकराचार्य जी ने की थी। यह स्तोत्र देवी मीनाक्षी की स्तुति में रचा गया है, जो कि मदुरै (तमिलनाडु) की अधिष्ठात्री देवी मानी जाती हैं और भगवान शिव की अर्धांगिनी मानी जाती हैं। इस स्तोत्र में माँ मीनाक्षी के सौंदर्य, Read More

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मार्कंडेय महा मृत्युंजय स्तोत्रं (Markandeya Maha Mrityunjaya Stotram)

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“श्री मार्कंडेय कृत महामृत्युंजय स्तोत्र” एक अत्यंत प्रभावशाली और कल्याणकारी स्तोत्र है, जिसकी रचना महर्षि मार्कंडेय द्वारा की गई थी। इस स्तोत्र में भगवान शिव के चन्द्रशेखर रूप की स्तुति की गई है, जो संहारक, रक्षक और मोक्षदाता हैं। इसमें भगवान शिव की उन लीलाओं और रूपों का वर्णन किया गया है जो उन्हें समस्त Read More

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मारुती स्तोत्र (Maruti Stotra)

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श्री मारुति स्तोत्र एक अत्यंत शक्तिशाली और प्रभावशाली स्तोत्र है जो भगवान हनुमान जी को समर्पित है। यह स्तोत्र विशेष रूप से वाहन दुर्घटनाओं से रक्षा, अचानक आने वाली बाधाओं से मुक्ति, और भूत-प्रेत, पिशाच, ग्रह-बाधा, काले जादू जैसी नकारात्मक शक्तियों से बचाने के लिए अत्यंत प्रभावी माना जाता है। इसमें हनुमान जी को “विचित्रवीर” Read More

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माँ भुवनेश्वरी स्तोत्रं (Maa Bhuvaneshwari Stotram)

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माँ भुवनेश्वरी स्तोत्र देवी भुवनेश्वरी के महातत्त्व, शक्ति और कृपा का एक अत्यंत प्रभावशाली स्तुति ग्रंथ है। यह स्तोत्र “रुद्रयामल तंत्र” के अंतर्गत भगवान शिव और माता पार्वती के संवाद से लिया गया है। इसमें देवी भुवनेश्वरी के अनेक रूपों, गुणों और शक्तियों का वर्णन करते हुए उनकी उपासना का महत्त्व बताया गया है। माँ Read More

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माँ गायत्री स्तोत्र (Maa Gaytri Stotra)

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माँ गायत्री स्तोत्र एक अत्यंत पवित्र और शक्तिशाली स्तुति है, जो वेदों की जननी, ज्ञान और प्रकाश की अधिष्ठात्री देवी माँ गायत्री को समर्पित है। यह स्तोत्र उनके दिव्य स्वरूप, अनंत शक्तियों, और करुणामयी रूप का सुंदर वर्णन करता है। इसमें माँ को त्रिभुवन में व्यापक, सर्वदोष नाशिनी, शुद्ध चित्त की अधिष्ठात्री और मोक्ष का Read More

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माँ तारा देवी स्तोत्रं (Maa Tara Devi Stotram)

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माँ तारा देवी को दस महाविद्याओं में द्वितीय स्थान प्राप्त है। वे करुणामयी, ज्ञानदायिनी और संकटों का नाश करने वाली देवी मानी जाती हैं। उनका रूप उग्र होने पर भी भक्तों के लिए अत्यंत सौम्य और कल्याणकारी है। तारा देवी का स्तोत्र एक अत्यंत प्रभावशाली स्तुति है, जो तांत्रिक और वैदिक साधना दोनों में पूजनीय Read More

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माँ छिनामस्ता स्तोत्रं (Maa Chinnamasta Stotram)

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माँ छिन्नमस्ता स्तोत्र तंत्र, शक्ति उपासना और महाविद्या साधना में अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान रखता है। यह स्तोत्र आदिशक्ति के उग्र एवं रहस्यमयी स्वरूप माँ छिन्नमस्ता को समर्पित है, जो दशमहाविद्याओं में छठी महाविद्या मानी जाती हैं। उनका स्वरूप पहली दृष्टि में विस्मयकारी प्रतीत होता है, किंतु आध्यात्मिक दृष्टि से यह आत्म-बलिदान, अहंकार के विनाश, आत्मसंयम, Read More