यह मंत्र माँ सरस्वती को समर्पित एक अत्यंत प्रभावशाली और जागृत करने वाला स्तुति-मंत्र है। यह साधक की बुद्धि, ज्ञान, स्मरण शक्ति, वाणी और विवेक को निखारने में सहायक माना जाता है। विशेष रूप से विद्यार्थी, लेखक, वक्ता, संगीत-कला से जुड़े साधक और ज्ञान-पथ पर चलने वाले लोगों के लिए यह मंत्र अत्यंत फलदायी है।
इस मंत्र के नियमित जप से अज्ञान का अंधकार दूर होता है और साधक के जीवन में ज्ञान का प्रकाश फैलता है।
मंत्र (Mantra):
ॐ नमो भगवती सरस्वती परमेश्वरी वाक्य वादिनी है विद्या देही भगवती हंसवाहिनी बुद्धि में देही प्रज्ञा देही, देही विद्या देही देही परमेश्वरी सरस्वती स्वाहा ॥
इस मंत्र के मुख्य लाभ (The main benefits of this mantra)
- विद्या और ज्ञान की वृद्धि – अध्ययन में सफलता और समझ की गहराई।
- बुद्धि व स्मरण शक्ति का विकास – याददाश्त और तर्क शक्ति मजबूत होती है।
- वाणी में मधुरता व प्रभाव – बोलने और लिखने की क्षमता निखरती है।
- एकाग्रता में वृद्धि – मन स्थिर होता है और ध्यान केंद्रित रहता है।
मंत्र जप की सरल विधि (Simple method of chanting mantras)
- प्रातः स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
- माँ सरस्वती के चित्र, मूर्ति या यंत्र के सामने शांत मन से बैठें।
- सफेद या पीले फूल, खीर, दूध या पीले फल अर्पित करें।
- इस मंत्र का 11, 21 या 108 बार श्रद्धा अनुसार जाप करें।
- अध्ययन शुरू करने से पहले या किसी नए कार्य के आरंभ में इसका जप विशेष फल देता है।


