“ॐ अं अंगारकाय नमः” मंत्र मंगल ग्रह की उग्र और अग्नि तत्व वाली ऊर्जा को संतुलित करता है। ज्योतिष शास्त्र में मंगल साहस, शक्ति, भूमि, रक्त, पराक्रम, क्रोध और निर्णय क्षमता का कारक ग्रह है। जब कुंडली में मंगल अशुभ हो या मंगल दोष हो, तब यह मंत्र विशेष रूप से लाभकारी माना जाता है।
मंत्र
ॐ अं अंगारकाय नमः
इस मंत्र के प्रमुख लाभ (The main benefits of this mantra)
- साहस, पराक्रम और आत्मविश्वास में वृद्धि
- व्यापार, नौकरी और धन-संपत्ति में उन्नति
- मंगल दोष, विवाह में देरी व तनाव से राहत
- भूमि, मकान और जायदाद से जुड़े लाभ
- रोग, ऋण और कानूनी बाधाओं में कमी
- गृह क्लेश का निवारण और मानसिक शांति
जप विधि (Chanting method)
दिन:
- विशेष रूप से मंगलवार
- रोज़ भी किया जा सकता है
समय:
- प्रातः सूर्योदय के बाद
- या दोपहर में
माला:
- मूंगा (Coral) की माला
- या लाल चंदन की माला
संख्या:
- 108 बार प्रतिदिन
- कम से कम 21 या 40 दिनों का संकल्प श्रेष्ठ
विधि:
- स्नान के बाद लाल वस्त्र पहनें
- पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख रखें
- शांत मन से मंत्र का उच्चारण करें
विशेष ध्यान रखने योग्य बातें (Important points to keep in mind)
- मंत्र जप श्रद्धा और नियम से करें
- मांस, मदिरा और क्रोध से दूरी रखें
- मंगलवार को हनुमान जी या मंगल देव को लाल पुष्प अर्पित करना शुभ माना जाता है
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