तुलसी माता को हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र और पूजनीय माना गया है। कहा जाता है कि जिस घर में तुलसी का पौधा होता है, वहां भगवान विष्णु का वास होता है। तुलसी स्तुति के इन श्लोकों के माध्यम से हम तुलसी माता को प्रणाम करते हैं और उनसे पापों का नाश व पवित्रता की प्राप्ति की कामना करते हैं। यह स्तुति तुलसी पूजन, तुलसी विवाह या दैनिक पूजा के समय पढ़ना अत्यंत शुभ माना गया है।
तुलसीस्तुति: (Tulsi Stuti)
देवैस्त्वं निर्मिता पूर्वमर्चितासि मुनीश्वरैः।
नमो नमस्ते तुलसि! पापं हर हरिप्रिये॥ १॥
यन्मूले सर्वतीर्थानि यन्मध्ये सर्वदेवताः।
यदग्रे सर्ववेदाश्च तुलसि! त्वां नमाम्यहम्॥ २॥
हिंदी अर्थ:
देवताओं द्वारा तेरा निर्माण किया गया है, और महान मुनियों ने तेरा पूजन किया है।
हे तुलसी माता! हे भगवान हरि की प्रिय, आपको बार-बार नमस्कार है। आप हमारे सभी पापों को नष्ट करें। ॥ १॥
जिस तुलसी के मूल (जड़) में सभी तीर्थों का निवास है, जिसके मध्य भाग में सभी देवता स्थित हैं,
और जिसके अग्रभाग में सभी वेद विद्यमान हैं, उस तुलसी माता को मैं नमन करता हूँ।॥ २॥


