यह चौपाई सुंदरकांड से ली गई है और भगवान श्रीराम के करुणामय स्वभाव को स्मरण कर संकटों से मुक्ति पाने के लिए जप की जाती है। यह एक प्रभावशाली संकटमोचन मंत्र है, जिसे निरंतर जपने से कई लाभ प्राप्त होते हैं।
जब लंका में रावण द्वारा माता सीता को अशोक वाटिका में बंदी बनाकर रखा गया था, तब भगवान हनुमान उनसे मिलने पहुंचे थे। हनुमानजी ने उन्हें श्रीराम का संदेश दिया और उनका मनोबल बढ़ाया। इस दौरान माता सीता, अपने दुखों से व्यथित होकर भगवान श्रीराम को स्मरण करते हुए यह चौपाई कहती हैं।
इसमें माता सीता श्रीराम से प्रार्थना करती हैं कि वे अपने करुणामय स्वभाव को स्मरण करें और उनकी कठिनाई को दूर करें। यह चौपाई भक्त के पूर्ण समर्पण और श्रद्धा को दर्शाती है।
चौपाई और उसका अर्थ (Chaupai and its meaning)
“दीन दयाल बिरिदु संभारी, हरहु नाथ मम संकट भारी।”
भावार्थ:
इस चौपाई में माता सीता भगवान श्रीराम से प्रार्थना कर रही हैं कि –
“हे प्रभु! आप सदा से ही दीन-दुखियों पर दया करने वाले हैं। कृपया अपनी इसी दयालु परंपरा को याद करके मेरे इस भारी संकट को दूर करें।”
इस चौपाई का आध्यात्मिक और व्यावहारिक महत्व (Spiritual and practical importance of this chaupayi)
- यह हमें यह सिखाती है कि जीवन में जब भी संकट आएं, हमें अपने ईश्वर पर विश्वास बनाए रखना चाहिए।
- भगवान का स्वभाव हमेशा अपने भक्तों की रक्षा करना होता है।
- यह चौपाई विशेष रूप से संकट के समय में मन को शांति प्रदान करने वाली मानी जाती है।
इसलिए, भक्तजन इसे संकटमोचन के रूप में जपते हैं और विश्वास करते हैं कि भगवान उनकी कठिनाइयों को अवश्य हरेंगे।
इस मंत्र के जप से मिलने वाले लाभ (Benefits of chanting this mantra)
1️⃣ मानसिक शांति और आत्मबल बढ़ाता है
- जब व्यक्ति किसी मानसिक तनाव, भय या चिंता से गुजर रहा हो, तब इस मंत्र का जप करने से मन को शांति मिलती है।
- यह नकारात्मक विचारों को दूर करके सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है।
2️⃣ संकटों से मुक्ति दिलाने वाला मंत्र
- इस चौपाई का अर्थ ही यही है कि भगवान अपने भक्तों के संकटों को हर लेते हैं।
- यदि कोई निरंतर कठिनाइयों से जूझ रहा है, तो इस मंत्र का नित्य जप करने से समस्याओं का समाधान मिलने लगता है।
3️⃣ शत्रु बाधा और नकारात्मक शक्तियों से रक्षा
- यह चौपाई भगवान श्रीराम और हनुमान जी को समर्पित है, जो भक्तों की हर विपत्ति को हरते हैं।
- इसे नित्य जपने से दुष्ट शक्तियों, नकारात्मक ऊर्जा, बुरी नजर और शत्रु बाधाओं से रक्षा होती है।
4️⃣ कार्यों में सफलता और बाधाओं का नाश
- यदि किसी कार्य में बार-बार रुकावट आ रही हो या सफलता नहीं मिल रही हो, तो इस मंत्र का जप करने से कार्य सिद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है।
- खासकर नौकरी, व्यापार, परीक्षा, विवाह और अन्य शुभ कार्यों में आ रही रुकावटें दूर होती हैं।
5️⃣ स्वास्थ्य लाभ और रोगों से मुक्ति
- यह मंत्र आध्यात्मिक ऊर्जा को बढ़ाता है, जिससे मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार होता है।
- यदि किसी को लंबे समय से बीमारी हो रही हो, तो इस चौपाई का नियमित रूप से जप करने से स्वास्थ्य में सुधार हो सकता है।
6️⃣ आध्यात्मिक उन्नति और भक्ति बढ़ती है
- जो व्यक्ति इस मंत्र का जाप करता है, उसकी ईश्वर के प्रति भक्ति बढ़ती है।
- जीवन में शांति, संतोष और आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त होती है।


