यह दिव्य रुद्र गायत्री मंत्र (Rudra Gayatri Mantra) भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने के लिए अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है। इस मंत्र का नियमित जप करने से मनुष्य के जीवन में शुभता और कल्याण संभव होता है।
रुद्र गायत्री मंत्र (Rudra Gayatri Mantra):
ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्र: प्रचोदयात।
रुद्र गायत्री मंत्र जप की विधि (Method of Chanting Rudra Gayatri Mantra)
- इस मंत्र का जप प्रत्येक सोमवार को करने से विशेष लाभ मिलता है।
- श्रावण मास के सोमवार को इस मंत्र का जाप अत्यंत शुभ माना जाता है।
- शुक्ल पक्ष के किसी भी सोमवार से व्रत रखकर इस मंत्र का आरंभ करना उत्तम होता है।
- मंत्र जाप के बाद शिवलिंग पर जल, बेलपत्र, धतूरा, चंदन, धूप, पुष्प एवं फल अर्पित करने से भगवान शिव एवं माता शक्ति दोनों की कृपा प्राप्त होती है।
ॐ नमो भगवते रुद्राय नमः मंत्र (Om Namo Bhagavate Rudraya Namah’)
रुद्र गायत्री मंत्र के लाभ (Benefits of Rudra Gayatri Mantra)
- इस मंत्र के श्रद्धापूर्वक जप से समस्त पापों का नाश होता है।
- अकाल मृत्यु, गम्भीर बीमारियों एवं मानसिक अशांति से रक्षा होती है।
- जन्म कुंडली में कालसर्प दोष, राहु, केतु एवं शनि ग्रह से उत्पन्न कष्टों से मुक्ति मिलती है।
- जीवन में धन, यश, सुख-समृद्धि एवं पारिवारिक आनंद बढ़ता है।
- नियमित जप करने से आध्यात्मिक उन्नति एवं आत्मबल की वृद्धि होती है।
शिव गायत्री मंत्र का सच्चे मन से जाप करने से भगवान शिव की कृपा सदैव बनी रहती है, और साधक को सभी प्रकार की परेशानियों से मुक्ति मिलती है। ॐ नमः शिवाय!
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