भगवान हनुमान जी की पूजा आरंभ करने से पहले उनका स्मरण और वंदन करना अत्यंत शुभ माना जाता है। “नमो हनुमते तुभ्यं नमो मारुतसूनवे…” हनुमान स्तुति की प्रारंभिक पंक्तियाँ हैं, जिन्हें हनुमान प्रणाम मंत्र या हनुमान वंदना मंत्र के नाम से भी जाना जाता है। यह मंत्र भगवान हनुमान के प्रति श्रद्धा, भक्ति और समर्पण प्रकट करता है।
श्री राम स्तुति (Shri Ram Stuti)
हनुमान प्रणाम मंत्र
नमो हनुमते तुभ्यं नमो मारुतसूनवे।
नमः श्रीराम भक्ताय श्यामास्याय च ते नमः॥
इस मंत्र में भगवान हनुमान को पवनपुत्र, श्रीराम के परम भक्त और दिव्य स्वरूप के रूप में प्रणाम किया गया है। धार्मिक मान्यता है कि हनुमान जी के दर्शन, पूजा, हनुमान चालीसा या सुंदरकांड के पाठ से पहले इस मंत्र का श्रद्धापूर्वक जप करने से पूजा का शुभारंभ होता है और भक्त का मन एकाग्र होकर भक्ति में लग जाता है।
श्रीकृष्ण वासुदेव मन्त्र (Shree krishnaya vasudevaya Mantra)
इस मंत्र के लाभ
- भगवान हनुमान के प्रति श्रद्धा और समर्पण की भावना जागृत होती है।
- पूजा का शुभ और मंगलमय आरंभ माना जाता है।
- मन में साहस, आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
- श्रीराम और हनुमान जी की भक्ति में मन अधिक एकाग्र होता है।
- नियमित जप से मन को शांति और आध्यात्मिक बल प्राप्त होने की मान्यता है।


