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tourist places in india in Hindi बालाघाट के दर्शनीय और पर्यटन स्थल (Tourist and Sightseeing Places of Balaghat)

मटियारी डेम, मंडला (Matiyari Dam, Mandla)

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यदि आप मध्यप्रदेश के मंडला जिले में ऐसी जगह की तलाश कर रहे हैं, जहाँ शहर की भीड़-भाड़ से दूर कुछ समय प्रकृति की गोद में बिताया जा सके, तो मटियारी डेम आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है। हरे-भरे जंगलों, शांत वातावरण, विशाल जलराशि और प्राकृतिक सुंदरता से घिरा यह डेम न केवल सिंचाई परियोजना के रूप में महत्वपूर्ण है, बल्कि आज स्थानीय लोगों और पर्यटकों के लिए एक लोकप्रिय पिकनिक एवं पर्यटन स्थल भी बन चुका है।

मंडला जिले के बिछिया क्षेत्र के निकट स्थित मटियारी डेम का निर्माण मुख्य रूप से कृषि सिंचाई की आवश्यकताओं को पूरा करने के उद्देश्य से किया गया था। समय के साथ यह स्थान अपने प्राकृतिक नजारों, शांत माहौल और मानसून के दौरान दिखाई देने वाले मनमोहक दृश्यों के कारण लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बन गया। बरसात के मौसम में जब डेम पूरी क्षमता तक भर जाता है और उसके स्पिलवे (जल निकासी द्वार) से पानी बहता है, तब यहाँ का दृश्य किसी प्राकृतिक चित्र से कम नहीं लगता। यही कारण है कि वर्षा ऋतु और सर्दियों में बड़ी संख्या में लोग यहाँ घूमने और फोटोग्राफी के लिए आते हैं।

मटियारी डेम उन लोगों के लिए भी खास है जो प्रकृति प्रेमी हैं, पक्षियों को देखना पसंद करते हैं या परिवार एवं मित्रों के साथ शांत वातावरण में एक दिन बिताना चाहते हैं। यहाँ आपको किसी बड़े व्यावसायिक पर्यटन स्थल जैसी भीड़ नहीं मिलेगी, बल्कि प्रकृति का वास्तविक और सुकून देने वाला रूप देखने को मिलेगा। सूर्योदय और सूर्यास्त के समय डेम का दृश्य विशेष रूप से बेहद आकर्षक दिखाई देता है, जब पानी की सतह पर पड़ती सूर्य की किरणें पूरे वातावरण को सुनहरी आभा से भर देती हैं।

यदि आप मंडला, कान्हा राष्ट्रीय उद्यान या आसपास के अन्य पर्यटन स्थलों की यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो मटियारी डेम को अपनी सूची में अवश्य शामिल करें। यहाँ बिताया गया समय आपको प्रकृति के और भी करीब ले जाता है तथा एक यादगार अनुभव प्रदान करता है।

इतिहास (History)

मटियारी डेम का इतिहास मंडला जिले के कृषि विकास और सिंचाई व्यवस्था से जुड़ा हुआ है। वर्षा आधारित खेती पर निर्भर किसानों को पूरे वर्ष पर्याप्त सिंचाई उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इस परियोजना की परिकल्पना की गई थी। उपलब्ध अभिलेखों के अनुसार इस बांध का निर्माण कार्य 1978 के आसपास प्रारंभ हुआ तथा कई चरणों में निर्माण कार्य पूरा होने के बाद 1992 में इसे पूर्ण रूप से तैयार किया गया। इसका निर्माण बंजार नदी पर किया गया, जो आगे चलकर पवित्र नर्मदा नदी की महत्वपूर्ण सहायक नदी के रूप में जानी जाती है।

निर्माण के समय यह परियोजना मंडला जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि उत्पादन बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी गई। बांध बनने के बाद आसपास के अनेक गाँवों को सिंचाई सुविधा मिलने लगी, जिससे किसानों की वर्षा पर निर्भरता कम हुई और खेती में स्थिरता आई। धान सहित विभिन्न फसलों का उत्पादन बढ़ने लगा तथा क्षेत्र की आर्थिक स्थिति पर भी इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ा।

समय के साथ मटियारी डेम केवल सिंचाई परियोजना तक सीमित नहीं रहा। इसकी विशाल जलराशि, चारों ओर फैले जंगल, पहाड़ियाँ और प्राकृतिक वातावरण ने इसे स्थानीय पर्यटन स्थल का रूप दे दिया। छुट्टियों, विशेषकर मानसून और सर्दियों में, यहाँ बड़ी संख्या में लोग प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने आने लगे। स्थानीय लोगों के बीच यह स्थान पिकनिक, फोटोग्राफी और शांत वातावरण में समय बिताने के लिए लोकप्रिय हो गया।

यद्यपि मटियारी डेम का इतिहास किसी प्राचीन स्मारक की तरह सदियों पुराना नहीं है, फिर भी मंडला जिले के विकास में इसका योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। आज यह परियोजना कृषि, जल संरक्षण और पर्यटन—तीनों क्षेत्रों में अपनी उपयोगिता बनाए हुए है। यही कारण है कि मटियारी डेम को मंडला जिले की महत्वपूर्ण आधुनिक जल परियोजनाओं में गिना जाता है।

थान्वर बाँध, बीजेगाँव, नैनपुर – मंडला (Thanwar Dam, Bijegaon, Nainpur – Mandla)

विशेषताएँ (Key Features)

matiyari dam mandla

मटियारी डेम केवल एक सिंचाई परियोजना नहीं है, बल्कि यह मंडला जिले की प्राकृतिक सुंदरता और जल संसाधन प्रबंधन का एक महत्वपूर्ण उदाहरण भी है। बंजार नदी पर निर्मित यह बांध वर्षभर हजारों हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई का लाभ पहुँचाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसी कारण इसका आर्थिक और सामाजिक महत्व भी काफी अधिक है। हालांकि वर्तमान समय में इसकी पहचान एक शांत और आकर्षक पर्यटन स्थल के रूप में भी तेजी से बढ़ रही है।

इस डेम की सबसे बड़ी विशेषता इसका प्राकृतिक वातावरण है। चारों ओर फैले घने जंगल, दूर-दूर तक दिखाई देने वाली पहाड़ियाँ, विशाल जलाशय और स्वच्छ हवा यहाँ आने वाले प्रत्येक पर्यटक को प्रकृति के बेहद करीब होने का अनुभव कराते हैं। मानसून के दौरान जब जलाशय पूरी तरह भर जाता है और अतिरिक्त पानी स्पिलवे से बहता है, तब यहाँ का दृश्य अत्यंत मनमोहक दिखाई देता है। इस समय पानी की तेज धाराएँ और उनकी गूंज पूरे क्षेत्र को जीवंत बना देती हैं।

मटियारी डेम फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए भी एक शानदार स्थान माना जाता है। सुबह के समय पानी पर पड़ती सूरज की सुनहरी किरणें तथा शाम को डूबते सूर्य का प्रतिबिंब जलाशय में अत्यंत सुंदर दिखाई देता है। यही कारण है कि यहाँ प्राकृतिक फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी के लिए लोग विशेष रूप से आते हैं।

यह स्थान पक्षी प्रेमियों के लिए भी आकर्षण का केंद्र है। सर्दियों के मौसम में जलाशय के आसपास विभिन्न स्थानीय एवं कुछ प्रवासी पक्षियों को देखा जा सकता है। इसके अलावा यहाँ का शांत वातावरण ध्यान, योग और प्रकृति के बीच समय बिताने के लिए भी उपयुक्त माना जाता है।

सबसे अच्छी बात यह है कि यहाँ अभी भी अत्यधिक व्यावसायिक भीड़भाड़ नहीं है। इसलिए जो पर्यटक शांति, स्वच्छ वातावरण और प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लेना चाहते हैं, उनके लिए मटियारी डेम एक आदर्श स्थान साबित होता है। यदि इसे भविष्य में बेहतर पर्यटन सुविधाओं के साथ विकसित किया जाए, तो यह मंडला जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों में अपनी अलग पहचान बना सकता है।

देखने योग्य चीज़ें और स्थान (Things to See & Attractions)

1. विशाल जलाशय (Reservoir)

मटियारी डेम का सबसे बड़ा आकर्षण इसका विशाल जलाशय है। दूर-दूर तक फैला शांत नीला पानी किसी प्राकृतिक झील का आभास कराता है। बरसात और सर्दियों के मौसम में इसकी सुंदरता कई गुना बढ़ जाती है। सुबह के समय हल्की धुंध के बीच चमकता हुआ पानी और शाम को सूर्यास्त के समय बदलते रंग इस स्थान को अत्यंत आकर्षक बना देते हैं। पर्यटक यहाँ बैठकर प्रकृति का आनंद लेते हैं, फोटोग्राफी करते हैं और परिवार के साथ शांत वातावरण में समय बिताते हैं। जलाशय के किनारे बैठकर बहती ठंडी हवा का अनुभव मन को शांति प्रदान करता है।

2. स्पिलवे (जल निकासी द्वार)

मानसून के दौरान मटियारी डेम का स्पिलवे सबसे अधिक आकर्षण का केंद्र बन जाता है। जब जलाशय अपनी निर्धारित क्षमता तक भर जाता है, तब अतिरिक्त पानी इन जल निकासी द्वारों से तेज गति से बाहर निकलता है। ऊँचाई से गिरता हुआ पानी, उसकी गूंज और चारों ओर उठती पानी की फुहारें पर्यटकों को रोमांचित कर देती हैं। यही समय फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है। हालांकि इस दौरान सुरक्षा नियमों का पालन करना अत्यंत आवश्यक होता है क्योंकि जल प्रवाह काफी तेज हो सकता है।

3. प्राकृतिक व्यू पॉइंट

डेम के आसपास कई ऐसे स्थान हैं जहाँ से पूरे जलाशय, आसपास के जंगल और दूर तक फैली पहाड़ियों का मनोरम दृश्य दिखाई देता है। इन प्राकृतिक व्यू पॉइंट्स पर खड़े होकर पर्यटक पूरे क्षेत्र की सुंदरता का आनंद ले सकते हैं। सूर्योदय और सूर्यास्त के समय यहाँ का दृश्य विशेष रूप से मनमोहक होता है। प्रकृति प्रेमियों और कैमरा प्रेमियों के लिए यह स्थान किसी स्वर्ग से कम नहीं है।

4. हरियाली और वन क्षेत्र

डेम के चारों ओर फैली प्राकृतिक हरियाली इसकी सबसे बड़ी पहचान है। वर्षा ऋतु में पूरा क्षेत्र हरे रंग की चादर से ढक जाता है। विभिन्न प्रकार के वृक्ष, झाड़ियाँ और प्राकृतिक वनस्पतियाँ इस क्षेत्र की सुंदरता को और भी बढ़ा देती हैं। यदि आप प्रकृति के बीच शांत वातावरण में कुछ समय बिताना चाहते हैं, तो यह स्थान आपके लिए बिल्कुल उपयुक्त है।

5. पिकनिक स्थल

स्थानीय लोग अपने परिवार और मित्रों के साथ यहाँ पिकनिक मनाने आते हैं। जलाशय के किनारे खुले स्थानों पर बैठकर लोग प्राकृतिक वातावरण का आनंद लेते हैं। सर्दियों के मौसम में यहाँ सबसे अधिक पर्यटक देखने को मिलते हैं। यदि आप भी यहाँ पिकनिक मनाने की योजना बना रहे हैं, तो अपने साथ भोजन और पीने का पानी अवश्य लेकर आएँ क्योंकि यहाँ पर्यटन सुविधाएँ अभी सीमित हैं।

नक्खी माई मंदिर मंडला (Nakkhi Mai Temple, Mandla)

घूमने का सही समय (Best Time to Visit)

मटियारी डेम घूमने के लिए सुबह और शाम का समय सबसे अच्छा माना जाता है। मानसून और सर्दियों के मौसम में यहाँ की सुंदरता अपने चरम पर होती है। गर्मियों में दोपहर के समय धूप तेज हो सकती है, इसलिए उस समय जाने से बचना बेहतर रहता है।

समय और प्रवेश शुल्क (Timing & Entry Fee)

मटियारी डेम एक खुला प्राकृतिक स्थल है, जहाँ आमतौर पर सुबह से शाम तक जाया जा सकता है। यहाँ प्रवेश के लिए कोई निश्चित टिकट शुल्क नहीं लिया जाता, जिससे यह हर वर्ग के पर्यटकों के लिए सुलभ है।

आसपास के दर्शनीय स्थल (Nearby Tourist Places)

कान्हा राष्ट्रीय उद्यान (Kanha National Park)

यदि आप मटियारी डेम घूमने आए हैं, तो कान्हा राष्ट्रीय उद्यान की यात्रा भी अवश्य करें। यह भारत के सबसे प्रसिद्ध टाइगर रिजर्व में से एक है और अपनी समृद्ध जैव विविधता के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है। यहाँ रॉयल बंगाल टाइगर, बारहसिंगा, तेंदुआ, जंगली कुत्ते, भालू, गौर, सांभर, चीतल और 300 से अधिक पक्षियों की प्रजातियाँ देखने को मिलती हैं। जंगल सफारी के दौरान प्राकृतिक जंगलों के बीच वन्यजीवों को उनके प्राकृतिक आवास में देखने का अनुभव बेहद रोमांचक होता है। माना जाता है कि रुडयार्ड किपलिंग की प्रसिद्ध पुस्तक द जंगल बुक की प्रेरणा भी इसी क्षेत्र से जुड़ी है। यदि आपके पास पर्याप्त समय हो, तो मटियारी डेम के साथ कान्हा राष्ट्रीय उद्यान की यात्रा आपकी ट्रिप को और भी यादगार बना देगी।

सहस्त्रधारा, मंडला

सहस्त्रधारा नर्मदा नदी का एक अत्यंत सुंदर प्राकृतिक स्थल है। यहाँ नदी अनेक छोटी-छोटी धाराओं में विभाजित होकर बहती है, जिससे ऐसा प्रतीत होता है मानो हजारों जलधाराएँ एक साथ प्रवाहित हो रही हों। बरसात के मौसम में यहाँ का दृश्य और भी अधिक मनमोहक हो जाता है। विशाल चट्टानों के बीच बहता निर्मल जल, चारों ओर फैली हरियाली और शांत वातावरण पर्यटकों को प्रकृति के बेहद करीब ले जाता है। फोटोग्राफी, प्राकृतिक भ्रमण और परिवार के साथ समय बिताने के लिए यह स्थान मंडला जिले के सबसे सुंदर पर्यटन स्थलों में गिना जाता है।

रामनगर का ऐतिहासिक किला एवं महल

रामनगर मंडला के ऐतिहासिक महत्व वाले स्थानों में शामिल है। यहाँ स्थित प्राचीन महल और किला गोंड शासनकाल की समृद्ध विरासत को दर्शाते हैं। इन इमारतों की स्थापत्य शैली, विशाल प्रवेश द्वार और ऐतिहासिक संरचनाएँ इतिहास प्रेमियों को आकर्षित करती हैं। यदि आप मंडला जिले के इतिहास और संस्कृति को नज़दीक से समझना चाहते हैं, तो रामनगर अवश्य जाएँ। यह स्थान फोटोग्राफी और ऐतिहासिक पर्यटन दोनों के लिए उपयुक्त माना जाता है।

गरम पानी कुंड

मंडला जिले का गरम पानी कुंड एक प्राकृतिक आश्चर्य माना जाता है। यहाँ भूमि के भीतर से निकलने वाला गर्म जल स्थानीय लोगों के बीच धार्मिक और प्राकृतिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। कई लोग इस जल को स्वास्थ्य की दृष्टि से भी लाभकारी मानते हैं। शांत वातावरण और प्राकृतिक परिवेश इस स्थान को एक अलग पहचान देते हैं। यदि आप प्रकृति और भूगर्भीय विशेषताओं में रुचि रखते हैं, तो यह स्थान अवश्य देखना चाहिए।

ध्यान देने योग्य बातें (Important Tips)

मटियारी डेम प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर एक शांत पर्यटन स्थल है, लेकिन यहाँ घूमने के दौरान कुछ सावधानियाँ बरतना आपकी यात्रा को सुरक्षित और सुखद बना सकती हैं। चूँकि यह स्थान अभी बड़े स्तर पर विकसित पर्यटन स्थल नहीं है, इसलिए यहाँ सुविधाएँ सीमित हैं। ऐसे में पहले से अच्छी तैयारी करके आना सबसे बेहतर रहता है।

सबसे पहले, यदि आप मानसून के दौरान यहाँ घूमने आ रहे हैं, तो डेम के जलस्तर और स्पिलवे के पास जाने से बचें। बरसात के समय अचानक पानी छोड़ा जा सकता है, जिससे जल प्रवाह तेज हो जाता है। प्रशासन द्वारा लगाए गए चेतावनी बोर्ड और सुरक्षा निर्देशों का हमेशा पालन करें।

यहाँ प्राकृतिक वातावरण को स्वच्छ बनाए रखना प्रत्येक पर्यटक की जिम्मेदारी है। प्लास्टिक की बोतलें, चिप्स के पैकेट, डिस्पोजेबल प्लेट या अन्य कचरा खुले में बिल्कुल न फेंकें। अपना कचरा वापस साथ लेकर जाएँ या निर्धारित स्थान पर ही डालें।

यदि आप परिवार के साथ पिकनिक मनाने आ रहे हैं, तो भोजन, पीने का पानी, प्राथमिक उपचार (First Aid Kit) और आवश्यक दवाइयाँ अपने साथ अवश्य रखें क्योंकि डेम परिसर में भोजनालय या मेडिकल सुविधा आसानी से उपलब्ध नहीं होती।

बरसात के मौसम में चट्टानें और मिट्टी फिसलन भरी हो जाती हैं, इसलिए अच्छे ग्रिप वाले जूते पहनें। बच्चों पर विशेष ध्यान रखें और उन्हें पानी के किनारे अकेला न जाने दें।

यदि आप फोटोग्राफी के लिए ड्रोन का उपयोग करना चाहते हैं, तो पहले स्थानीय प्रशासन या संबंधित अधिकारियों से अनुमति अवश्य लें। वन क्षेत्र के आसपास तेज आवाज करना, लाउडस्पीकर बजाना या वन्यजीवों को परेशान करना उचित नहीं है।

यात्रा के दौरान स्थानीय लोगों और उनकी संस्कृति का सम्मान करें। यदि किसी धार्मिक स्थल या ग्रामीण क्षेत्र से होकर गुजरें, तो वहाँ के नियमों का पालन करें। इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखकर आप अपनी यात्रा को सुरक्षित, आनंददायक और यादगार बना सकते हैं।

राज-राजेश्वरी मंदिर मंडला (Raj Rajeshwari Temple, Mandla)

पूरा पता (Full Address)

मटियारी डेम, ग्राम सिमरिया के पास, बिछिया विकासखंड, मंडला जिला, मध्य प्रदेश, भारत।

मटियारी डेम का पूरा ट्रैवल गाइड (Travel Guide)

यदि आप पहली बार मटियारी डेम घूमने की योजना बना रहे हैं, तो पहले मंडला शहर या बिछिया पहुँचें। मंडला, जबलपुर, बालाघाट, डिंडोरी, सिवनी और रायपुर जैसे शहरों से सड़क मार्ग द्वारा अच्छी तरह जुड़ा हुआ है।

सड़क मार्ग (By Road)

मंडला से बिछिया की ओर नियमित बसें और टैक्सियाँ उपलब्ध रहती हैं। बिछिया पहुँचने के बाद स्थानीय टैक्सी या निजी वाहन से मटियारी डेम आसानी से पहुँचा जा सकता है। यदि आप स्वयं की कार या बाइक से यात्रा कर रहे हैं, तो यह सबसे सुविधाजनक विकल्प रहेगा।

रेल मार्ग (By Train)

मटियारी डेम का कोई रेलवे स्टेशन नहीं है। निकटतम प्रमुख रेलवे स्टेशन मंडला फोर्ट और जबलपुर जंक्शन हैं। जबलपुर भारत के अधिकांश प्रमुख शहरों से रेल मार्ग द्वारा जुड़ा हुआ है। जबलपुर से सड़क मार्ग द्वारा मंडला और फिर बिछिया होते हुए मटियारी डेम पहुँचा जा सकता है।

हवाई मार्ग (By Air)

निकटतम हवाई अड्डा जबलपुर का डुमना एयरपोर्ट है, जहाँ से दिल्ली, मुंबई, भोपाल, इंदौर और अन्य प्रमुख शहरों के लिए नियमित उड़ानें उपलब्ध हैं। एयरपोर्ट से टैक्सी या बस द्वारा मंडला पहुँचा जा सकता है।

कहाँ ठहरें?

मटियारी डेम के आसपास बड़े होटल उपलब्ध नहीं हैं। यदि आप रात्रि विश्राम करना चाहते हैं, तो मंडला शहर, बिछिया या कान्हा राष्ट्रीय उद्यान के आसपास स्थित होटल, रिसॉर्ट और लॉज सबसे अच्छे विकल्प हैं। यहाँ आपको बजट से लेकर लग्ज़री तक विभिन्न प्रकार की रहने की सुविधाएँ मिल जाएँगी।

क्या साथ लेकर जाएँ?

  • पीने का पर्याप्त पानी
  • हल्का भोजन एवं स्नैक्स
  • कैमरा या मोबाइल
  • पावर बैंक
  • टोपी और सनस्क्रीन
  • आरामदायक जूते
  • प्राथमिक उपचार किट
  • बरसात में रेनकोट या छाता

मटियारी डेम घूमने का सबसे अच्छा समय

मटियारी डेम वर्षभर घूमने योग्य स्थान है, लेकिन जुलाई से फरवरी तक का समय सबसे उपयुक्त माना जाता है।

मानसून (जुलाई–सितंबर): इस दौरान डेम पूरी तरह पानी से भर जाता है। चारों ओर हरियाली फैल जाती है और स्पिलवे से बहता पानी अद्भुत दृश्य प्रस्तुत करता है। प्रकृति प्रेमियों और फोटोग्राफरों के लिए यह सबसे अच्छा मौसम माना जाता है।

सर्दियाँ (अक्टूबर–फरवरी): मौसम सुहावना रहता है और पिकनिक, घूमने तथा फोटोग्राफी के लिए आदर्श समय होता है।

गर्मी (मार्च–जून): इस दौरान तापमान अधिक रहता है और जलस्तर भी कम हो सकता है। यदि गर्मियों में जाएँ, तो सुबह या शाम का समय चुनना बेहतर रहेगा।

मटियारी डैम, मंडला की तस्वीरें (Images of Matiyari Dam, Mandla)

निष्कर्ष (Conclusion)

मटियारी डेम न केवल एक सिंचाई परियोजना है, बल्कि यह प्रकृति प्रेमियों के लिए एक शांत और सुंदर पर्यटन स्थल भी है। यहाँ बिताया गया समय मन को शांति देता है और प्रकृति से जुड़ने का अवसर प्रदान करता है। यदि आप मंडला जिले की प्राकृतिक सुंदरता को नज़दीक से देखना चाहते हैं, तो मटियारी डेम अवश्य जाएँ।

कान्हा नेशनल पार्क, मंडला (Kanha National Park, Mandla)

मटियारी डेम से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

1. मटियारी डेम कहाँ स्थित है?

मटियारी डेम मध्यप्रदेश के मंडला जिले के बिछिया विकासखंड में बंजार नदी पर स्थित है।

2. क्या यहाँ प्रवेश शुल्क लगता है?

वर्तमान में उपलब्ध जानकारी के अनुसार यहाँ प्रवेश निःशुल्क है।

3. यहाँ घूमने का सबसे अच्छा समय कौन-सा है?

जुलाई से फरवरी तक का समय सबसे अच्छा माना जाता है, विशेषकर मानसून और सर्दियों का मौसम।

4. क्या यहाँ पिकनिक मनाई जा सकती है?

हाँ, स्थानीय लोग और पर्यटक परिवार एवं मित्रों के साथ यहाँ पिकनिक मनाने आते हैं। हालांकि स्वच्छता बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।

5. क्या यहाँ भोजन और होटल की सुविधा उपलब्ध है?

डेम परिसर में ऐसी सुविधाएँ सीमित हैं। ठहरने और भोजन के लिए मंडला, बिछिया या कान्हा क्षेत्र बेहतर विकल्प हैं।

6. क्या मानसून में यहाँ जाना सुरक्षित है?

हाँ, लेकिन स्पिलवे और तेज जलधारा वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें तथा प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।

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